भारत को दूसरा घर मानने वाले AFG ने जीत के साथ खत्म किया WC का सफर, जाते-जाते भावुक हो गए कप्तान राशिद खान
चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 39वें मुकाबले में अफगानिस्तान ने कनाडा को 82 रनों के विशाल अंतर से हराकर अपने टूर्नामेंट के सफर का शानदार अंत किया है। जाते-जाते कप्तान राशिद खान भावुक नजर आए और भारतीय प्रशंसकों को शुक्रिया अदा किया।

चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 39वें मुकाबले में अफगानिस्तान ने कनाडा को 82 रनों के विशाल अंतर से हराकर अपने टूर्नामेंट के सफर का शानदार अंत किया है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने इब्राहिम जादरान की 56 गेंदों में नाबाद 95 रनों की आतिशी पारी की मदद से 20 ओवरों में 200/4 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जादरान ने अपनी इस पारी में 7 चौके और 5 छक्के जड़कर कनाडा के गेंदबाजों को पस्त कर दिया। उनके अलावा सेदिकुल्लाह अटल ने 44 और रहमानुल्लाह गुरबाज़ ने 30 रनों का महत्वपूर्ण योगदान देकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। कनाडा के गेंदबाज जसकरण सिंह ने 3 विकेट जरूर लिए, लेकिन वे अफगान बल्लेबाजों की रन गति पर लगाम नहीं लगा पाए।
201 रनों के कठिन लक्ष्य का पीछा करते हुए कनाडा की शुरुआत काफी खराब रही और पावरप्ले के भीतर ही उन्होंने अपने 3 महत्वपूर्ण विकेट मात्र 33 रनों पर खो दिए। अनुभवी स्पिनर मोहम्मद नबी ने अपनी फिरकी का जादू चलाते हुए कनाडा के बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने अपने 4 ओवरों के स्पेल में मात्र 7 रन देकर 4 विकेट झटके। कनाडा के लिए हर्ष ठाकर ने 30 और कप्तान साद बिन जफर ने 28 रनों का संघर्षपूर्ण योगदान दिया, लेकिन वे टीम को हार से नहीं बचा सके और पूरी टीम निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर केवल 118 रन ही बना सकी। कप्तान राशिद खान ने भी बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 19 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। यह रनों के लिहाज से टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में अफगानिस्तान की चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज की गई।
मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में कप्तान राशिद खान काफी भावुक नजर आए, क्योंकि यह मुख्य कोच जोनाथन ट्रॉट का टीम के साथ आखिरी दिन था। राशिद ने ट्रॉट को विदाई देते हुए कहा कि पिछले लगभग साढ़े चार वर्षों में उन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में असाधारण भूमिका निभाई है और आज टीम जहां खड़ी है, उसका बड़ा श्रेय ट्रॉट के मार्गदर्शन को जाता है। उन्होंने कहा कि ट्रॉट को जाते हुए देखना बहुत भावनात्मक है, लेकिन पेशेवर जीवन में आगे बढ़ना ही नियम है। प्लेयर ऑफ द मैच रहे इब्राहिम जादरान ने भी अपना यह पुरस्कार कोच जोनाथन ट्रॉट को समर्पित करते हुए उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
टूर्नामेंट के अपने सफर का विश्लेषण करते हुए राशिद खान ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली करीबी हार ने उन्हें मानसिक रूप से काफी चोट पहुंचाई और टूर्नामेंट में उनकी स्थिति को कमजोर कर दिया। उन्होंने भविष्य के लिए मध्यक्रम की बल्लेबाजी और डेथ ओवरों की गेंदबाजी में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। अंत में, राशिद ने चेन्नई, अहमदाबाद और दिल्ली के प्रशंसकों का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि भारत में प्रशंसकों से मिले बेशुमार प्यार ने उन्हें कभी यह अहसास नहीं होने दिया कि वे विदेश में खेल रहे हैं। उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अफगानिस्तान में अपने घर पर ही खेल रहे हों। उन्होंने प्रशंसकों से आगे भी टीम को इसी तरह समर्थन देने की भावुक अपील की।





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