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नक्सलियों ने केवल हथियार डालें हैं, असदुद्दीन ओवैसी ने किया आगाह; तीखा सवाल- VIDEO

असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को लोकसभा में सरकार से सवाल किया किया कि क्या देश में दक्षिणपंथी उग्रवाद धुर वामपंथी उग्रवाद की जगह लेगा।

Mon, 30 March 2026 08:37 PMKrishna Bihari Singh भाषा, नई दिल्ली
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नक्सलियों ने केवल हथियार डालें हैं, असदुद्दीन ओवैसी ने किया आगाह; तीखा सवाल- VIDEO

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में सरकार से तीखे सवाल करते हुए पूछा कि क्या देश में वामपंथी उग्रवाद का स्थान अब दक्षिणपंथी उग्रवाद ले रहा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह ऐसे कट्टरपंथी संगठनों का समर्थन कर रही है जो फर्जी मुठभेड़ और घरों को गिराने जैसी कार्रवाइयों में शामिल हैं। ओवैसी ने बांग्लादेश और नेपाल के उदाहरण देते हुए शासन में सुधार की जरूरत बताई और कहा कि केवल हथियार डालने से विचारधारा खत्म नहीं होती। उन्होंने असम सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए इसे भी एक प्रकार का उग्रवाद बताया।

नक्सली केवल हथियार डाल रहे हैं विचारधारा नहीं छोड़ रहे

असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को लोकसभा में देश में नक्सलवाद के खात्मे के संबंध में सत्ता पक्ष के सदस्यों की ओर से किये गए दावों पर एक बड़ी चेतावनी दी। ओवैसी ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद में शामिल जितने भी लोग हथियार डाल रहे हैं वे विचारधारा नहीं छोड़ रहे हैं। ये अब भी विचारधारा पर कायम हैं। इसके साथ ही ओवैसी ने तीखा सवाल पूछा कि यदि नक्सली अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ेंगे तो आपने कौन सी कामयाबी हासिल कर ली?

ऐसे इलाकों का क्या होगा भविष्य?

ओवैसी ने आगे कहा कि देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के प्रयास पर चर्चा में भाग लेते हुए ओवैसी ने कहा कि जिन इलाकों से नक्सली हटे हैं अब वहां ना उग्रवादी हैं ना ही वहां सरकार या प्रशासन ही है। ऐसे में बताएं उन इलाकों का क्या भविष्य होगा? मैं बताना चाहता हूं कि यह 70 फीसदी मिलिट्री विक्ट्री है। नक्सलियों को जो ताकतें चलाती थीं वो अब भी मौजूद हैं। इसे यह सरकार समझ ही नहीं रही है।

खतरे की ओर भी इशारा

ओवैसी ने पड़ोसी देशों में हुई जेन-जी आंदोलनों के खतरे की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वक्त में देश में सबसे बड़ी आबादी नौजवानों की है। बांग्लादेश और नेपाल में हुए हालिया घटनाक्रमों से सबक लेने की जरूरत है। बांग्लादेश और नेपाल पुकार-पुकार कर कह रहा है कि इंकलाब सरकार को बदलने के लिए नहीं लाया गया था वरन शासन में सुधार करने के लिए लाया गया था।

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क्या वामपंथी उग्रवाद की जगह दक्षिणपंथी उग्रवाद लेगा?

ओवैसी ने किसी संगठन का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि फर्जी एनकाउंटर, घर गिराने और आदिवासियों व मुसलमानों के सम्मान को ठेस पहुंचाने के पीछे उन संगठनों का हाथ है जो कट्टरपंथ में भरोसा रखते हैं। मौजूदा सरकार ऐसे लोगों का साथ दे रही है। ऐसे में क्या अब देश में वामपंथी उग्रवाद की जगह दक्षिणपंथी उग्रवाद ले लेगा? उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि क्या वह इस बढ़ते कट्टरपंथ पर लगाम लगाएगी?

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