ये हैं दुनिया के सबसे कठिन मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम, जानिए NEET कितने नंबर पर
नीट प्रवेश परीक्षा (NEET Entrance Exam) प्रत्येक वर्ष में एक बार NTA द्वारा आयोजित की जाती है। हाल ही में नीट 2026 का पेपर लीक हुआ। अब इसकी परीक्षा 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित होने वाली है, जिसकी तैयारी में छात्र एक बार फिर जुट गए हैं।

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET भारत की सबसे कठिन एंट्रेस एग्जाम्स में एक मानी जाती है। नीट प्रवेश परीक्षा का आयोजन प्रत्येक साल लाखों छात्रों को मेडिकल, डेंटल आयुष, बीवीएससी और एएच कोर्स में प्रवेश देने के लिए किया जाता है। हर साल लाखों छात्र इस प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं और परीक्षा में भाग लेते हैं। इसी कारण इस परीक्षा को बेहद कठिन माना जाता है। नीट प्रवेश परीक्षा (NEET Entrance Exam) प्रत्येक वर्ष में एक बार NTA द्वारा आयोजित की जाती है। हाल ही में नीट 2026 का पेपर लीक हुआ। अब इसकी परीक्षा 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित होने वाली है, जिसकी तैयारी में छात्र एक बार फिर जुट गए हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की NEET परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, या फिर अन्य देशों में डॉक्टर बनने के लिए इससे भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण परीक्षाएं देनी पड़ती हैं? चलिए आज हम आपको बताएंगे कि डॉक्टर बनने के लिए दुनिया की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं कौन-कौन सी हैं?
1. USMLE (यूनाइटेड स्टेट्स मेडिकल लाइसेंसिंग एग्जामिनेशन) – अमेरिका
अमेरिका में डॉक्टर के रूप में काम करने के लिए USMLE परीक्षा पास करना अनिवार्य है। इसे दुनिया की सबसे कठिन मेडिकल परीक्षाओं में से एक माना जाता है। यह परीक्षा तीन अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाती है और इसे पूरा करने में उम्मीदवारों को अक्सर कई साल लग जाते हैं। इस परीक्षा के जरिए उम्मीदवारों के प्रैक्टिकल नॉलेज, क्लिनिकल स्किल्स और दबाव में सही फैसला लेने की क्षमता की बेहद कड़ाई से जांच की जाती है।
2. MCAT (मेडिकल कॉलेज एडमिशन टेस्ट) – अमेरिका और कनाडा
अमेरिका और कनाडा के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए MCAT परीक्षा पास करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा है, जिसकी अवधि लगभग 7.5 घंटे होती है। परीक्षा में जीव विज्ञान के साथ-साथ भौतिकी, रसायन विज्ञान, मनोविज्ञान और क्रिटिकल एनालिसिस से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। व्यापक पाठ्यक्रम और जटिल प्रश्नों के कारण इसे दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल किया जाता है।
3. NEET UG (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) – भारत
भारत की नीट यूजी परीक्षा कठिनता के मामले में दुनिया के टॉप एग्जाम्स में शामिल है। इसका सबसे बड़ा कारण परीक्षा का कठिन स्तर तो है ही, लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती इसका बेजोड़ कॉम्पिटिशन हैष हर साल 20 से 25 लाख से अधिक उम्मीदवार मुट्ठी भर सरकारी सीटों के लिए इस परीक्षा में बैठते हैं। महज 1-1 नंबर के अंतर से बच्चों का डॉक्टर बनने का सपना टूट जाता है।
4. PLAB (प्रोफेशनल एंड लिंग्विस्टिक असेसमेंट बोर्ड) – ब्रिटेन
यूनाइटेड किंगडम (यूके) में डॉक्टर के रूप में काम करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए PLAB परीक्षा पास करना जरूरी होता है। यह परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाती है। पहला चरण लिखित परीक्षा का होता है, जबकि दूसरे चरण PLAB 2 में उम्मीदवारों की क्लिनिकल और व्यावहारिक क्षमता का आकलन किया जाता है। इसमें छात्रों को नकली मरीजों और वास्तविक क्लिनिकल स्थितियों के सामने रखकर परखा जाता है, जहां एक छोटी सी चूक भी फेल करा देती है। यही वजह है कि इसे काफी चुनौतीपूर्ण परीक्षा माना जाता है।
5. चेंगदू और चीन की मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं (Gaokao/Medical Entrance)
चीन में मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं अपनी अनोखी और कठिन चयन प्रक्रिया के लिए जानी जाती हैं। चीन की अत्यधिक आबादी और वहां के टॉप मेडिकल कॉलेज में कड़े मानकों के कारण, छात्रों को चिकित्सा की पढ़ाई शुरू करने के लिए बेहद कठिन स्तर के विज्ञान और मैथमेटिकल एनालिटिकल टेस्ट से गुजरना पड़ता है, जिसका सक्सेस रेट बहुत ही कम होता है।




साइन इन