CBSE ने दो बार फेल OSM सिस्टम को क्यों अपनाया, NTA के बाद अब बोर्ड की क्लास लेगी संसदीय समिति
नीट पेपर लीक मामले में एनटीए पर सख्ती के साथ पेश आने के बाद शिक्षा मामले से जुड़ी संसदीय समिति सीबीएसई की क्लास लेगी। शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने सीबीएसई चेयरमैन को तलब किया है।

नीट पेपर लीक मामले में एनटीए पर सख्ती के साथ पेश आने के बाद शिक्षा मामले से जुड़ी संसदीय समिति सीबीएसई की क्लास लेगी। शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने 12वीं रिजल्ट में ऑनस्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) विवाद को लेकर सीबीएसई चेयरमैन को तलब किया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के प्रमुख दिग्विजय सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने एनटीए और सीबीएसई के कामकाज के तौर तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'शिक्षा मंत्रालय जिस तरह से काम कर रहा है, वह बेहद अव्यावहारिक है। उदाहरण के लिए NEET का मामला ही ले लीजिए। यह बहुत अजीब बात है कि पूरा देश कह रहा है कि पेपर लीक हुआ, पेपर लीक हुआ, पेपर लीक हुआ, लेकिन NTA कह रहा है कि कोई लीक नहीं हुआ। यह एक अजीब स्थिति है। हमने सुना है कि वे अभी भी यही कह रहे हैं कि कोई लीक नहीं हुआ। तो फिर हुआ क्या? वे दोबारा परीक्षा क्यों करवा रहे हैं?'
सीबीएसई पर उन्होंने कहा, 'अब OSM (ऑन स्क्रीन मार्किंग) का इस्तेमाल 2014 में एक बार किया गया था और तब इसे अव्यावहारिक पाया गया था। 2017 में, मुंबई विश्वविद्यालय ने भी इसे लागू किया था और उसे भी यह अव्यावहारिक लगा था। तो जब यह पहले ही दो बार फेल हो चुका है तो आप पूरे देश में CBSE के छात्रों के साथ प्रयोग क्यों कर रहे हैं? हमने 1 जून को एनटीए चेयरमैन को नीट मामले में फिर से बुलाया है। सीबीएसई चेयरमैन को भी तलब किया है। सीबीएसई से पूछा जाएगा कि आंसरशीट विवाद क्यों हुआ, कैसे हुआ, कौन सा वेंडर किस रेट में तय किया। उसके चयन में कौन कौन शामिल था। ये सारे प्रश्न हमारे पास जनता के माध्यम से आए हैं, उन्हें पूछा जाएगा।'
क्या है सीबीएसई का ओएसएम विवाद
दरअसल इन दिनों देश भर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE की नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) नियमों को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है। सीबीएसई ने इस बार नया प्रयोग करते हुए सीबीएसई 12वीं की 98 लाख कॉपियां कंप्यूटर पर ऑन स्क्रीन चेक की थी। इस साल सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट 3.19 प्रतिशत गिरकर 85.20 प्रतिशत रहा, जिसके बाद OSM सिस्टम पर सवाल उठने लगे। साइंस पीसीएम साइड के विद्यार्थियों ने खासतौर पर अपने कम मार्क्स की शिकायत की।
जब सीबीएसई ने आंसरशीट की स्कैन कॉपी प्राप्त करने की विंडो खोली तो मांगने वालों की बाढ़ आ गई। सीबीएसई 12वीं के नतीजों के पुनर्मूल्यांकन के लिए शुरुआती तीन घंटे में ही करीब 1.26 लाख आवेदन आए थे। इस बार कुल 17.68 लाख बच्चों ने परीक्षा दी थी। CBSE में कक्षा 12वीं परीक्षा में असंतुष्ट छात्र-छात्रों को अपनी कॉपी पाने के लिए सोमवार को आवेदन करने का आखिरी दिन था। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 10.5 लाख कॉपियों में से 7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को कॉपी भेजी जा चुकी हैं। बोर्ड के अनुसार 25 मई रात 12 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। 27 मई तक कॉपी मिल जाएगी।
आंसरशीट देख छात्र हैरान, क्या क्या जता रहे आपत्ति
- सीबीएसई ने इतनी धुंधली स्कैन कॉपी कैसे चेक की, ब्लर कॉपियों की मार्किंग कैसे की गई?
- बहुविकल्पीय सवाल में भी सही जवाब पर अंक क्यों काटे?
- सही सही फीस क्यों नहीं दिखा रहा, बढ़ा चढ़ाकर फीस क्यों दिखा रहा पोर्टल
- विद्यार्थियों की आंसरशीट और उसके कुछ पन्न अदला बदली कैसे हो गई।
वेदांत का मामला देश भर छाया
वेदांत श्रीवास्तव नाम के को फिजिक्स में उम्मीद से बेहद कम नंबर मिले थे। अपना शक दूर करने के लिए वेदांत ने 19 मई को CBSE से अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मांगी। हालांकि 23 मई को जब कॉपी आई, तो वेदांत के होश उड़ गए। आंसर शीट पर रोल नंबर तो वेदांत का था, लेकिन हैंडराइटिंग किसी और की थी। वेदांत ने अपनी इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस की कॉपियों के साथ फिजिक्स की कॉपी का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा कि यह कॉपी उनकी है ही नहीं।
पोस्ट हो गया वायरल
वेदांत का यह पोस्ट देखते ही देखते काफी वायरल हो गया और इसे 30 लाख ज्यादा व्यूज मिल गए। हालांकि परेशानी सुनने की बजाय लोग उसे ट्रॉल करने लगे। ट्रोलर्स ने वेदांत के एक्स प्रोफाइल पर लोकेशन में साउथ एशिया लिखे होने की वजह से कहा कि वह भारत का है ही नहीं। लोग उसे उसे 'देशद्रोही', 'सोरॉस का एजेंट' और 'पाकिस्तानी' भी कहने लगे । वेदांत के पिता संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इसकी वजह से वह डिप्रेशन में भी जाने लगा। उन्होंने एक बयान में, “इस घटिया ऑनलाइन टॉर्चर के कारण मेरा बेटा सो नहीं पा रहा था। उसका मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है और उसने डर के मारे अपना फोन तक बंद कर दिया है।”
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राहुल गांधी का मिला साथ
विवाद बढ़ने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वेदांत के समर्थन में खुलकर सामने आए। उन्होंने एक्स पर लिखा, "एक 17 साल का लड़का, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया। लेकिन मदद के बजाय उसे गालियां मिलीं। बीजेपी के आईटी सेल ने उसे ‘एंटी-नेशनल' और 'सोरॉस का एजेंट' बता दिया।" उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार युवाओं और Gen Z से डरती है। वेदांत को कॉकरोच जनता पार्टी का भी साथ मिला।
आखिरकार झुकी CBSE
बवाल बढ़ने के बाद सोमवार शाम को सीबीएसई ने खुद गलती मान ली और छात्र से माफी भी मांगी। बोर्ड के संयुक्त सचिव ने अपनी गलती स्वीकार की है। वहीं CBSE ने आधिकारिक तौर पर वेदांत को ईमेल भेजकर और एक्स पर रिप्लाई करके माफी मांगी है। सीबीएसई ने सही आंसरशीट भेजी तो उसके अंक 65 से बढ़कर 74 हो गए।
क्या है यह OSM सिस्टम, जिस पर मचा है बवाल?
अब समझते हैं कि CBSE का नया सिस्टम आखिर है क्या जिस कर बवाल मचा हुआ है। दरअसल सीबीएसई ने इसी साल से 12वीं के स्टूडेंट्स की कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम शुरू किया था। इसमें छात्रों की कॉपियों को स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड किया जाता है, और टीचर स्क्रीन पर ही उन्हें चेक करता है। नंबरों को कंप्यूटर खुद जोड़ता है ताकि टोटलिंग की गलती न हो। छात्रों का आरोप है कि इस सॉफ्टवेयर में कई तकनीकी खामियां हैं। स्कैन करते समय कॉपियां धुंधली स्कैन हो रही हैं, पेज गायब हैं और सबसे खतरनाक बात, वेदांत की तरह एक छात्र की कॉपी दूसरे छात्र के रोल नंबर से लिंक हो जा रही है।




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