वेदांत के अंक 65 से बढ़कर हुए 74, पर CBSE से कॉपी फिर कराएंगे रीचेक, अब 0 अंक पर जता रहे यह शक
वेदांत ने अपनी सही आंसरशीट की चेकिंग के तौर तरीके पर सवाल उठाया है और सीबीएसई से अपनी कॉपी री-इवैल्यूशन कराने का फैसला किया है। उनके भाई सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ उत्तरों में उसे 0 अंक दिए गए हैं जबकि उत्तर लिखे थे।

सीबीएसई 12वीं की आंसरशीट बदले जाने की शिकायत के बाद वेदांत श्रीवास्तव के अंक 65 से बढ़कर 74 हो गए हैं। सीबीएसई ने अपनी गलती मानी और उन्हें उनकी सही कॉपी भेज दी। लेकिन पिक्चर अभी बाकी है। विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। वेदांत ने अपनी सही आंसरशीट की चेकिंग के तौर तरीके पर सवाल उठाया है और सीबीएसई से अपनी कॉपी री-इवैल्यूशन कराने का फैसला किया है। उनके भाई सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ उत्तरों में उसे 0 अंक दिए गए हैं जबकि उसने (वेदांत) उनके पूरे उत्तर दिए थे। इसके लिए हम कॉपी फिर से रीइवेल्यूट कराएंगे।
सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने मांग की है कि कॉपी एक्सचेंज मामलों को लेकर एक अलग पोर्टल बनना चाहिए क्योंकि आंसरशीट री-इवैल्यूशन व स्कैन कॉपी मांगने के लिए पोर्टल है लेकिन कॉपी बदलने की शिकायत करने का कोई पोर्टल नहीं है। यह वजह थी कि हमें मामले को प्रकाश में लाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा।
आपको बता दें कि सीबीएसई 12वीं क्लास के छात्र वेदांत ने फिजिक्स में उम्मीद से कम नंबर पाने पर अपनी स्कैन कॉपी मांगी थी। जब स्कैन कॉपी देखी तो उन्होंने दावा किया कि उनकी फिजिक्स की आंसर शीट किसी दूसरे उम्मीदवार की आंसर शीट से बदल दी गई है। उन्होंने सीबीएसई को ईमेल किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। ट्वीट वायरल हो गया। मामला तूल पकड़ने के बाद सीबीएसई ने गलती मानी और उनके उनकी सही मार्कशीट भेज दी।
मामले की जानकारी देते हुए छात्र के भाई सिद्धांत श्रीवास्तव कहते हैं, “वेदांत की आंसर शीट किसी और की आंसर शीट से बदल दी गई थी, और हमें जो नंबर मिले थे, वे किसी और की आंसर शीट पर बेस्ड थे। आंसरशीट में उसकी हैंड राइटिंग नहीं थी। इस समस्या को हम नॉर्मल तरीके से आगे नहीं ले सकते थे। हमने CBSE को ईमेल करके शिकायत भेजी। हमने एक वीडियो भी बनाया, एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू दिया, और इसे ट्वीट भी किया। जब इस मामले पर लोगों का बहुत ज्यादा ध्यान गया, तो CBSE ने हमसे संपर्क किया और हमें सही आंसर-की भेजी। वेदांत का मामला सामने आने के बाद और भी छात्र आगे आए… हम चाहते हैं कि दूसरे छात्रों के लिए भी एक औपचारिक पोर्टल बनाया जाए, जहां वे ऐसी समस्याओं की शिकायत सीधे CBSE से कर सकें और उन्हें अपनी असली समस्याओं की शिकायत करने के लिए वैसी परेशानी और ट्रोलिंग का सामना न करना पड़े, जैसा हमें करना पड़ा था।'
सीबीएसई के ओएसएम सिस्टम पर उठ रहे बड़े सवाल
- विद्यार्थियों की आंसरशीट एक्सचेंज कैसे हो गई?
- सीबीएसई ने इतनी धुंधली स्कैन कॉपी कैसे चेक की, ब्लर कॉपियों की मार्किंग कैसे की
- बहुविकल्पीय सवाल में भी सही जवाब पर अंक क्यों काटे
- सही सही फीस क्यों नहीं दिखा रहा, बढ़ा चढ़ाकर फीस क्यों दिखा रहा पोर्टल
पोस्ट डालने पर पाकिस्तानी कहकर ट्रोल किया
छात्र वेदांत के भाई सिद्धांत ने बताया कि जब भाई ने यह जानकारी सोशल मीडिया पर डाली तो पाकिस्तानी कहकर ट्रोल किया गया। ऐसे में हमारी दिक्कत, मुद्दा सब पीछे रह गए और पाकिस्तानी मुद्दा आगे आ गया। इससे हम काफी आहत हुए। निराशा हुई।
CBSE ने कहा, सात लाख से ज्यादा आंसरशीट्स भेजी गई
CBSE में कक्षा 12वीं परीक्षा में असंतुष्ट छात्र-छात्रों को अपनी कॉपी पाने के लिए सोमवार को आवेदन करने का आखिरी दिन था। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 10.5 लाख कॉपियों में से 7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को कॉपी भेजी जा चुकी हैं। बोर्ड के अनुसार 25 मई रात 12 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। 27 मई तक कॉपी मिल जाएगी।
27 तक भेजी जाएंगी सभी कॉपियां
रिपोर्ट के मुताबिक CBSE कॉपियां रिजल्ट रिलीज़ के पहले ही 29 मई से री-इवेल्यूशन विंडो खोलेगी। इसमें दो स्टेज होंगे। पहले स्टेज में रिव्यू निशान दर्ज कर सकेंगे। दूसरे स्टेज में कॉपी नंबर को लेकर गलती के आवेदन दाखिल होंगे, तो वह उनके लिए आवेदन कर सकेंगे।
अगर कोई स्टूडेंट किसी सवाल को दोबारा चेक करवाना चाहता है तो उसके लिए भी आवेदन कर सकेगा। जो सवाल के दिए उत्तर से री-इवेल्यूशन विंडो में खोली जाएगी।
इस साल रिजल्ट 3.19 प्रतिशत गिरकर 85.20 प्रतिशत रहा, जिसके बाद OSM सिस्टम पर सवाल उठने लगे थे।
आईआईटी करेगी जांच
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि आईआईटी-मद्रास और आईआईटी-कानपुर के तकनीकी विशेषज्ञ इस वर्ष की परीक्षोत्तर पुनर्मूल्यांकन सेवाओं के शुरू होने के बाद से सामने आई सभी तकनीकी समस्याओं की जांच करेंगे और सीबीएसई को त्रुटिरहित प्रक्रिया सुनिश्चित करने में सहायता करेंगे।




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