CBSE : सीबीएसई 12वीं आंसरशीट के लिए 3 लाख फीस, MCQ में सही उत्तर पर अंक कटे, नई गड़बड़ियां देख तिलमिलाए छात्र
CBSE class 12 : विद्यार्थियों ने शिकायत करते हुए कहा कि एक विषय की कॉपी के लिए 100 रु फीस है, लेकिन कुछ छात्रों को पोर्टल पर 10,000 रुपए से लेकर 3.5 लाख रुपये तक का भुगतान करने का ऑप्शन दिख रहा है।

सीबीएसई कक्षा 12वीं का रिजल्ट भले ही घोषित हो गया हो लेकिन लाखों छात्रों की टेंशन जस की तस है। ऑनलाइन मार्किंग स्कीम के तहत सीबीएसई बोर्ड ने जिस तरह से कॉपियां चेक की हैं, उससे 12वीं के विद्यार्थियों को चिंता में डाल दिया है। अब जब विद्यार्थी अपनी आंसरशीट की स्कैन कॉपी हासिल करना चाह रहे हैं तो उन्हें कई तरह की तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले वह पोर्टल तक नही नहीं पहुंच पा रहे थे और उसके बाद जब रीवैल्यूएशन पोर्टल खुला तो अब फीस में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव के बारे में नई शिकायतें सामने आई हैं। शुक्रवार को विद्यार्थियों ने शिकायत करते हुए कहा कि एक विषय की कॉपी के लिए 100 रु. की फीस निर्धारित है, लेकिन तकनीकी खराबी से कुछ छात्रों को पोर्टल पर 10,000 रुपए से लेकर 3.5 लाख रुपये तक का भुगतान करने का ऑप्शन दिख रहा है।
एमसीक्यू में उत्तर ठीक तो अंक क्यों काटा
सोशल मीडिया पर बहुत से छात्रों ने शिकायत की है कि उनकी कॉपी में बहुविकल्पीय प्रश्न में जवाब सही था, तो आधा नंबर क्यों काटा, जवाब सही है, तो नंबर क्यों नहीं दिए?
खड़े किए तीन बड़े सवाल
- सीबीएसई ने इतनी धुंधली स्कैन कॉपी कैसे चेक की, ब्लर कॉपियों की मार्किंग कैसे की
- बहुविकल्पीय सवाल में भी सही जवाब पर अंक क्यों काटे
- सही सही फीस क्यों नहीं दिखा रहा
सीबीएसई 12वीं के नतीजों के पुनर्मूल्यांकन के लिए शुरुआती तीन घंटे में ही करीब 1.26 लाख आवेदन आए थे। इस बार कुल 17.68 लाख बच्चों ने परीक्षा दी थी। हैरानी की बात ये है कि इसके बाद बोर्ड ने ये आंकड़े अपडेट करने ही बंद कर दिए।
सोशल मीडिया पर अधिक फीस के स्क्रीनशॉट
सोशल मीडिया पर एक बहुत ज्यादा सर्कुलेट हुए स्क्रीनशॉट में कथित तौर पर एक स्टूडेंट से फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ और इंग्लिश कोर के लिए 69,420 रुपये लिए जा रहे थे, जिससे कुल रकम लाखों में पहुंच गई। एक और मामले में, स्क्रीनशॉट में हर पेपर के लिए 8,000 रुपये की फीस दिखाई गई, जिससे दो सब्जेक्ट के लिए कुल रकम 16,000 रुपये हो गई। एक और मामले में तीन सब्जेक्ट के लिए फीस कथित तौर पर बढ़कर 24,000 रुपये हो गई।
सीबीएसई ने 24 मई तक बढ़ाई डेट
सीबीएसई ने शुक्रवार को एक नया बयान जारी कर प्रोसेस की टाइमलाइन में एक और बदलाव की घोषणा की। इसमें कहा गया कि उसने क्लास 12वीं की आंसरशीट की स्कैन की हुई फोटोकॉपी पाने की आखिरी तारीख 24 मई तक बढ़ा दी है और स्टूडेंट्स को स्कैन की हुई कॉपी मिलने के बाद वेरिफिकेशन/री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करने के लिए भी दो दिन का समय मिलेगा।
सीबीएसई ने बयान में कहा, "CBSE की वेबसाइट पर पिछले कुछ दिनों से बहुत अधिक ट्रैफिक आ रहा है और बिना इजाजत के दखल की कई कोशिशें भी हुई हैं, जिससे इसमें रुकावट आने का खतरा बढ़ गया है।' यह दूसरी बार है जब बोर्ड ने डेडलाइन एक दिन बढ़ाई है। एक अधिकारी ने यह भी कहा, 'पोर्टल में टेक्निकल दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन हम यह पक्का कर रहे हैं कि किसी भी बच्चे को कोई दिक्कत न हो।'
कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि सिस्टम हैक हो गया था, जबकि दूसरों ने दावा किया कि सिक्योरिटी से कॉम्प्रोमाइज किया गया था। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, 'स्टूडेंट्स पहले ही उस पॉइंट पर पहुंच चुके थे जहां वे और तनाव नहीं झेल सकते थे, साथ ही इवैल्यूएशन और पेमेंट प्रोसेसिंग दोनों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सिस्टम पर भी सवाल उठा रहे थे।'
धुंधली आंसरशीट पर दागे सवाल
सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा वाले मुद्दों में इवैल्यूएटेड आंसरशीट की स्कैन की हुई कॉपी भी हैं। स्टूडेंट्स और पेरेंट्स ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया कि अपलोड किए गए कुछ पेज धुंधले, फीके या पढ़ने में मुश्किल थे। कई लोगों ने कहा कि बेसिक टेक्स्ट, नंबर और सिंबल भी साफ नहीं दिख रहे थे, जिससे मार्किंग को वेरिफाई करना या गड़बड़ियों को पहचानना मुश्किल हो गया।




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