CBSE: कौन हैं निसर्ग अधिकारी, OSM की पोल खोलने वाले 19 साल के लड़के को सीबीएसई ने अब क्यों बुलाया, IIT एक्सपर्ट भी मुरीद
सीबीएसई ने अपने आईटी सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को आईआईटी विशेषज्ञों की टीम के साथ काम करने के लिए न्योता दिया गया है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस सप्ताह 19 साल के एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को बुलाया है ताकि वे आईआईटी एक्सपर्ट टीम के साथ मिलकर अपने आईटी सिस्टम में सुरक्षा कमियों का पता लगा सकें। निसर्ग अधिकारी ने पिछले महीने सीबीएसई के पोर्टल में गंभीर कमियों को उजागर किया था जिसमें छात्रों का संवेदनशील डेटा स्टोर होता है। इससे पहले सीबीएसई ने अपने डेटा की सुरक्षा में किसी भी तरह की सेंध लगने की बात से इनकार किया था।
आईआईटी एक्सपर्ट टीम के एक सदस्य ने कहा, 'निसर्ग एक होनहार लड़का है। उसने कई अहम कमियों का पता लगाया। हम उसके सोचने के तरीके को समझना चाहते थे। क्योंकि वह दिल्ली में ही था, इसलिए हमने मैसेज के ज़रिए बातचीत की और पाया कि वह साइबर सिक्योरिटी को लेकर बहुत फोकस्ड है, इसलिए हमने उसे सिस्टम को ठीक करने में मदद के लिए बुलाया।'
कौन हैं निसर्ग अधिकारी
निसर्ग 19 साल के एथिकल हैकर हैं। उन्होंने सीबीएसई के सिस्टम में सेंध लगाकर ऑन स्क्रीन मार्किंग की कमियों को उजागर किया। निसर्ग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया था कि वे OSM पोर्टल के लॉगिन और एक्सेस-कंट्रोल सिस्टम के कुछ हिस्सों को बायपास करने में सफल रहे। उन्होंने सीबीएसई के आधिकारिक पोर्टल CBSE.onmark.co.in पर सेंध लगाने का एक वीडियो भी शेयर किया था। निसर्ग ने कहा था कि CBSE से जुड़े उत्तर पुस्तिकाओं और प्रश्नपत्रों का डेटा एक AWS बकेट के माध्यम से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो सकता था। सीबीएसई ने पहले इससे इन्कार किया, लेकिन बाद में सीबीएसई ने इसे स्वीकार किया और बयान जारी किया कि हम अपने सर्विस प्रोवाइडर के ऑनमार्क पोर्टल में उन खामियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, जिनके बारे में पब्लिक डोमेन में बताया जा रहा है। आईआईटी व अन्य टेक प्रोफेशनल्स की टीम इसे दुरुस्त करने में लगी है।
बेदम कम उम्र में शुरू कर दी थी प्रोग्रामिंग
निसर्ग ने बहुत कम उम्र से ही प्रोग्रामिंग करना शुरू कर दिया था। हालांकि उसने इसी वर्ष अपनी 12वीं कक्षा की परीक्षा पास की है, लेकिन अपने काम और अनुभव के आधार पर वह खुद को एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर कहते हैं। स्कूली शिक्षा पूरी करने से पहले ही, उसने कई स्टार्टअप्स के साथ काम किया है और विभिन्न ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स में भी अपना योगदान दिया है। निसर्ग ने यह भी बताया कि उसने एक समय पर फाउंडिंग इंजीनियर के रूप में भी भूमिका निभाई है। इसके अलावा उसे वेंचर कैपिटल द्वारा फंडेड बड़े स्टार्टअप्स के साथ काम करने का भी अच्छा अनुभव है।
ओएसएम पर विवाद होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से मौजूद सर्कुलर के जरिए पोर्टल को खोजा और ब्राउजर पर भेजे जाने वाले फ्रंटएंड कोड को पढ़कर इसकी जांच की।




साइन इन