CBSE : OSM के झटकों के बाद सीबीएसई ने री-इवैल्यूएशन में किया बड़ा बदलाव, OnMark प्लेटफॉर्म हटाया
सीबीएसई ने सुरक्षा और तकनीकी गड़बड़ियों के चलते 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन के लिए निजी OnMark प्लेटफॉर्म को हटाकर पूरा डेटा अपने नियंत्रण वाले सर्वर पर ट्रांसफर कर दिया है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने ओएसएम यानी ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम के फेल होने के बाद 12वीं कक्षा की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सीबीएसई बोर्ड ने सुरक्षा चिंताओं के कारण 12वीं की आंसर शीट के री-इवैल्यूएशन के लिए कोएम्प्ट एडु टेक (Coempt Eduteck) के ऑनमार्क प्लेटफार्म का इस्तेमाल बंद कर दिया है। अब छात्रों और परीक्षा से जुड़ा सारा डेटा बोर्ड के सीधे कंट्रोल वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर ट्रांसफर कर दिया गया है। यानी अब 12वीं की कॉपियों की दोबारा जांच सीबीएसई के नियंत्रण वाले सर्वर पर ही होगी। री-इवैल्यूएशन के लिए निजी प्लेटफॉर्म को हटा दिया गया है। हालांकि मामले से जुड़े एक आईआईटी अधिकारी ने बताया कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान कोएम्प्ट का ओएसएम प्लेटफॉर्म इस्तेमाल होता रहेगा और कंपनी ही उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग करेगी।
गौरतलब है कि बोर्ड ने ऑनस्क्रीन मार्किंग का ठेका कोएम्प्ट एडु टेक को ही दिया था। सीबीएसई ने ने 13 मई को नतीजे घोषित करने से पहले क्लास 12वीं की लगभग 1 करोड़ आंसर शीट की डिजिटल जांच के लिए प्राइवेट वेंडर कोएम्प्ट के ऑनमार्क (OnMark) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया था।
इस नए सिस्टम को जल्दबाजी में लागू किया गया था और छात्रों का कहना है कि इससे उनके स्कोर पर असर पड़ा है। कॉपियां की खराब स्कैनिंग, अदला बदली जैसे कई गड़बड़ियां सामने आने के बाद इसके प्लेटफॉर्म को हटाकर कॉपियां की रीचेकिंग पूरी तरह अपने हाथ में ले ली है।
आपको बता दें कि सीबीएसई के पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बोर्ड की सहायता के लिए आईआईटी मद्रास के प्रोफेसरों और तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम को तैनात किया था।
आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के एक्सपर्ट कर रहे मदद
री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया, जिसमें सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स उन जवाबों की जांच करेंगे जिन पर छात्रों ने आपत्ति जताई है, अब पूरी तरह से CBSE के अपने पोर्टल के जरिए की जाएगी और इसके अगले हफ्ते शुरू होने की उम्मीद है। आईआईटी कानपुर के एक सीनियर अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर एचटी को बताया, 'यह पक्का हो गया है कि आंसर शीट का री-इवैल्यूएशन सीबीएसई की वेबसाइट पर होगा। इसकी वजह ऑनमार्क पोर्टल से जुड़ी सुरक्षा चिंताएं हैं। हमें लगा कि सीबीएसई पोर्टल पर ऐसा करना बेहतर और ज्यादा सुरक्षित है ताकि हमारा पूरा कंट्रोल बना रहे।' आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास इस मामले को संभालने में सीबीएसई की मदद कर रहे हैं।
कोएम्प्ट के सॉफ्टवेयर से पूरी तरह नाता नहीं तोड़ा
इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि कोएम्प्ट के सॉफ्टवेयर से पूरी तरह नाता तोड़ लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि कंपनी के कोड का इस्तेमाल, जिसे उन्होंने बड़े सुरक्षा अपग्रेड और टेस्टिंग के बाद का वर्जन बताया, CBSE के अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा है। इसका मतलब है कि बोर्ड उसी कोडबेस के पैच किए गए वर्जन को उन सर्वर पर चला रहा है जिन्हें वह अब सीधे कंट्रोल करता है। कोएम्प्ट एडु टेक ने एचटी के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है।
प्लेटफॉर्म बदलने के पीछे क्या सुरक्षा चिंताएं थी, इस पर जब सवाल पूछा गया तो CBSE ने इस कारण की न तो पुष्टि की और न ही इससे इनकार किया। बोर्ड ने कहा, 'मूल्यांकन प्रक्रिया में ईमानदारी, गोपनीयता और पवित्रता के उच्चतम मानकों का पालन किया जाता है। बोर्ड द्वारा बनाई गई प्रक्रियाएं और सिस्टम सिर्फ छात्रों के हितों की रक्षा करने और निष्पक्ष, पारदर्शी और सटीक मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए हैं।'
तकनीकी सुधार की देखरेख कर रही टीम ने कहा कि उसने अभी तक कोएम्प्ट से कमियों के बारे में औपचारिक रूप से कोई सवाल नहीं पूछा है। अधिकारी ने कहा, "हमने कोएम्प्ट से कमियों के बारे में नहीं पूछा है , वे अपनी जांच करेंगे और हम अपनी जांच करेंगे।" अफसर ने आगे बताया कि CBSE पोर्टल और OnMark प्लेटफॉर्म में कमियों पर टीम की रिपोर्ट को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। जिन छात्रों ने 19 मई से 25 मई के बीच अपनी आंसर स्क्रिप्ट की स्कैन की हुई कॉपी के लिए अप्लाई किया था और उन्हें ये कॉपी मिल गई हैं, वे CBSE के पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल के जरिए 7 जून तक सवाल-वार आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। 4 जून तक कुल 70,433 सफल एप्लीकेशन मिली थीं। इनमें से 7,314 मार्क्स के वेरिफिकेशन के लिए और 63,119 री-इवैल्यूएशन के लिए थीं।
सीबीएसई ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन आवेदन की अंतिम तिथि सात जून तक बढ़ाई
सीबीएसई) ने शुक्रवार को 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि एक दिन बढ़ाकर सात जून कर दी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कई छात्रों ने दो जून को शुरू किए गए सीबीएसई के एक पोर्टल पर उत्तर पुस्तिकाओं को देखने तथा सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने में आ रही समस्याओं को उठाया था। बोर्ड ने कहा, "छात्रों के हित में, सीबीएसई ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे छात्रों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय और सहायता मिल सकेगी।" इसमें कहा गया है कि छह जून (मध्यरात्रि) की समय सीमा को अब बढ़ाकर सात जून (मध्यरात्रि) कर दिया गया है।
सीबीएसई के पोर्टल पर साइबर हमला: दिल्ली ने पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की
सीबीएसई के परिणाम घोषित होने के बाद की सेवाओं से संबंधित (पोस्ट रिजल्ट सर्विसेज) पोर्टल को निशाना बनाकर किए गए 'समन्वित' साइबर हमलों को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस पोर्टल को कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन जैसी सेवाओं के लिए दो जून को शुरू किया गया था।




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