UPTET 2026: ग्रेजुएशन में 50% से कम नंबर हैं? फिर भी बन सकते हैं यूपी में सरकारी टीचर; जान लें ये खास नियम
यूपी टीईटी 2026 के फॉर्म चार साल बाद भरे जा रहे हैं। अगर आपके ग्रेजुएशन में 50% से कम नंबर हैं तो भी आप किन नियमों के तहत बेझिझक आवेदन कर सकते हैं, यहां जानिए पूरा गणित।

उत्तर प्रदेश में सरकारी मास्टर बनने का ख्वाब देख रहे नौजवानों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर है। पूरे चार साल के लंबे और थका देने वाले इंतज़ार के बाद आखिरकार यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी UPTET 2026 के फॉर्म भरे जा रहे हैं। 27 मार्च से ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके बाद से ही साइबर कैफे और मोबाइल स्क्रीन पर युवाओं की भारी गहमागहमी देखने को मिल रही है। हर कोई जल्द से जल्द अपना फॉर्म सबमिट करना चाहता है।
लेकिन इस उत्साह के बीच एक बड़ी तादाद ऐसे होनहार युवाओं की भी है जो मायूस बैठे हैं। उनके दिमाग में एक बात घर कर गई है कि उनके ग्रेजुएशन (स्नातक) में 50 फीसदी से कम नंबर हैं, इसलिए वे इस परीक्षा के लिए पूरी तरह से अपात्र हैं। अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं और सिर्फ इसी कंफ्यूजन की वजह से फॉर्म नहीं भर रहे हैं, तो जरा ठहरिए। आधी अधूरी जानकारी की वजह से आप एक बहुत सुनहरा मौका अपने हाथ से फिसलने दे रहे हैं।
सच्चाई ये है कि ग्रेजुएशन में 50% से कम मार्क्स होने के बावजूद आप कुछ खास शर्तों के तहत यूपी टीईटी का फॉर्म पूरी शान से भर सकते हैं। आइए बिना किसी उलझन के तफसील से समझते हैं कि आखिर वो कौन से नियम हैं जो आपको इस परीक्षा में बैठने की इजाजत देते हैं।
50% से कम मार्क्स वालों के लिए क्या हैं वो खास शर्तें?
अगर आपके मन में भी अंकों को लेकर कोई संशय है, तो इन चार अहम पॉइंट्स को गौर से पढ़ लीजिए -
1. पोस्ट ग्रेजुएशन का मिलेगा फायदा: अगर किसी वजह से आपके ग्रेजुएशन में 50% से कम नंबर रह गए थे, लेकिन आपने हार नहीं मानी और पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) किया है, जिसमें आपके 50% से ज्यादा मार्क्स हैं, तो आपके लिए रास्ता बिल्कुल साफ है। आप बेधड़क यूपी टीईटी का फॉर्म भर सकते हैं।
2. आरक्षित वर्गों के लिए बड़ी छूट: सरकार ने आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों (जैसे SC, ST, ओबीसी और दिव्यांग साथियों) को अंकों में 5% की सीधी छूट दी है। आसान लफ्जों में कहें तो अगर आप इन वर्गों से ताल्लुक रखते हैं और आपके ग्रेजुएशन में 45% नंबर भी हैं, तो भी आप इस फॉर्म को भरने के पूरे हकदार हैं।
3. NCTE के नियमों वाली छूट: जिन उम्मीदवारों ने बीएड एक निश्चित समय सीमा से पहले (NCTE के पुराने नियमों के मुताबिक) कर लिया था, उनके लिए भी एक बड़ी राहत है। ऐसे उम्मीदवारों को ग्रेजुएशन में 45% मार्क्स होने पर भी यूपी टीईटी परीक्षा में शामिल होने की हरी झंडी दी गई है।
4. डिप्लोमा धारकों के लिए कोई रोक टोक नहीं: सबसे बड़ी बात ये है कि जिन युवाओं ने बीटीसी (BTC), डीएलएड (D.El.Ed), चार साल वाला बीएलएड (B.El.Ed) या फिर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से 'डिप्लोमा इन टीचिंग' किया हुआ है, उनके लिए ग्रेजुएशन में 50% नंबरों की कोई सख्त पाबंदी है ही नहीं।
फॉर्म भरने में कितनी लगेगी जेब से रकम?
आवेदन करने से पहले फीस का गणित भी समझ लेना चाहिए। यूपी एग्जाम बोर्ड ने हर वर्ग के हिसाब से फीस तय की है:
जनरल, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी: इन वर्गों के उम्मीदवारों को एक पेपर के लिए 1000 रुपये चुकाने होंगे। अगर दोनों पेपर देते हैं, तो फीस अलग होगी।
एससी और एसटी: इन वर्गों के लिए फीस में काफी छूट है, इन्हें एक पेपर के लिए महज 500 रुपये की फीस जमा करनी होगी।
दिव्यांग उम्मीदवार: हमारे दिव्यांग साथियों के लिए यह फीस सबसे कम, यानी सिर्फ 300 रुपये प्रति पेपर रखी गई है।
कैसा होगा यूपी टीईटी 2026 का पेपर?
किसी भी जंग को जीतने के लिए उसका मैदान समझना जरूरी है। यूपी टीईटी की परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय (MCQ) सवाल आपके सामने होंगे। हर एक सवाल का सही जवाब आपको 1 नंबर दिलाएगा। पेपर हल करने के लिए आपको पूरे ढाई घंटे (2 घंटे 30 मिनट) का तसल्लीबख्श वक्त मिलेगा। यानी हर सवाल के लिए लगभग एक मिनट।
इस परीक्षा की सबसे खूबसूरत और राहत वाली बात यह है कि इसमें कोई 'निगेटिव मार्किंग' नहीं है। मतलब आप बिना किसी खौफ के पूरे 150 सवालों के जवाब दे सकते हैं, गलत जवाब पर कोई नंबर नहीं कटेगा। पूरा पेपर हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही जुबानों में छपा होगा, ताकि किसी को भाषा की दिक्कत न आए।
अब बात करते हैं पासिंग मार्क्स की। इस परीक्षा को क्वालीफाई करने के लिए आपको 150 में से कम से कम 90 नंबर (यानी 60%) लाने होंगे। वहीं, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को इसमें भी 5% की छूट मिलेगी, जिससे उनका काम थोड़ा और आसान हो जाएगा।




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