जॉर्जिया से MBBS का दिया झांसा, 10.85 लाख हड़पे; अब सर्टिफिकेट के लिए भी वसूली
वाराणसी में जॉर्जिया MBBS में एडमिशन दिलाने के नाम पर 10.85 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। पुलिस ने आरएम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के संचालकों पर केस दर्ज किया।

विदेश में डॉक्टर बनने का सपना हर साल हजारों छात्रों को आकर्षित करता है लेकिन इसी सपने का फायदा उठाकर ठगों का जाल भी तेजी से फैल रहा है। ताजा मामला वाराणसी से सामने आया है, जहां जॉर्जिया में MBBS में प्रवेश दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का आरोप लगा है। एक परिवार ने अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए भरोसा किया लेकिन बदले में उन्हें मिला फर्जीवाड़ा, धमकियां और आर्थिक नुकसान मिला।
क्या है पूरा मामला
वाराणसी के भेलूपुर थाने में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर दुर्गाकुंड स्थित आरएम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। शिकायत पटना के आनंदपुरी बोरिंग कैनाल रोड निवासी प्रेमलता कुमारी ने दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बेटे शिवम कुमार को जॉर्जिया में MBBS में दाखिला दिलाने का झांसा देकर 10.85 लाख रुपये ठग लिए गए।
शिकायत के अनुसार, संस्थान के निदेशक संजय तिवारी समेत विवेक यादव, पंकज धामी, श्वेता सूद और विष्णु उपाध्याय ने मिलकर सुनियोजित तरीके से इस ठगी को अंजाम दिया। आरोप है कि इन लोगों ने पिछले पांच महीनों के दौरान चेक और नगद के जरिए अलग अलग किस्तों में पैसे लिए।
चला फर्जी दस्तावेजों का खेल
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों ने बीच बीच में एडमिशन से जुड़े कागजात दिखाकर भरोसा बनाए रखा। लेकिन बाद में जांच करने पर पता चला कि सभी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे। न तो छात्र का किसी विदेशी विश्वविद्यालय में नामांकन हुआ और न ही पासपोर्ट या वीजा की कोई प्रक्रिया पूरी की गई। इस तरह आरोपियों ने न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि छात्र के करियर को भी गंभीर संकट में डाल दिया।
असली सर्टिफिकेट भी रख लिए
मामले को और गंभीर बनाता है कि आरोपियों ने छात्र के असली दस्तावेज भी अपने पास रख लिए। शिकायत में बताया गया है कि तीन अक्तूबर 2025 को विवेक यादव, श्वेता सूद और संजय तिवारी ने छात्र को बहला फुसलाकर उसका पासपोर्ट, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, प्रमाणपत्र और आधार कार्ड ले लिया। इन दस्तावेजों को नोएडा स्थित अपने दूसरे कार्यालय भेज दिया गया। इसके बाद छात्र और उसके परिवार को लगातार अलग अलग तारीखें देकर टाला जाता रहा।
तारीख पर तारीख, लेकिन एडमिशन नहीं
परिवार को पहले 25 अक्तूबर 2025 को जॉर्जिया भेजने की बात कही गई। इसके बाद तारीख बदलकर 30 अक्तूबर कर दी गई और फिर 10 नवंबर का समय दिया गया। हर बार नई तारीख देकर भरोसा दिलाया गया कि प्रक्रिया पूरी हो रही है। लेकिन समय बीतने के बाद भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। इससे परिवार को शक हुआ और उन्होंने मामले की गहराई से जांच शुरू की।
और पैसे की मांग, साथ में धमकी
जब परिवार ने अपने पैसे और दस्तावेज वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपियों का रवैया बदल गया। शिकायत के अनुसार, अब उनसे दो लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। कहा गया कि जब तक अतिरिक्त पैसा नहीं दिया जाएगा, तब तक असली शैक्षणिक प्रमाणपत्र वापस नहीं किए जाएंगे। इतना ही नहीं, फोन करने पर गाली गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। इस वजह से परिवार काफी डर और मानसिक तनाव में है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर भेलूपुर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस तरह की ठगी का यह अकेला मामला है या फिर और भी छात्र और परिवार इसका शिकार हो चुके हैं।




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