UPTET : 18 माह का डीएलएड करने वाले अभ्यर्थी भी देंगे यूपी टीईटी, कोर्ट ने दी बड़ी राहत
फैसले में कोर्ट ने साफ किया कि वे अभ्यर्थी, जो 10 अगस्त 2017 या उससे पहले से कार्यरत हैं और जिनके पास 18 माह का डीएलएड (ओडीएल) डिप्लोमा है, उन्हें प्रोविजनल आधार पर यूपी टीईटी 2026 में शामिल होने दिया जाए।

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने डीएलएड (ओडीएल) करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें यूपी-टीईटी 2026 में शामिल होने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को फिलहाल (प्रोविजनल) रूप से परीक्षा में बैठने दिया जाए। स्पष्ट किया कि इनके चयन का मामला याचिका में पारित होने वाले अंतिम आदेश के अधीन रहेगा। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा भी मांगा है। अगली सुनवाई 22 मई को होगी। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने शुभम शुक्ला समेत 36 याचियों की याचिका पर यह आदेश पारित किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वे अभ्यर्थी, जो 10 अगस्त 2017 या उससे पहले से कार्यरत हैं और जिनके पास 18 माह का डीएलएड (ओडीएल) डिप्लोमा है, उन्हें प्रोविजनल आधार पर यूपी-टीईटी 2026 में शामिल होने दिया जाए। हालांकि, उनका अंतिम चयन याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा
UPTET उन उम्मीदवारों के लिए अहम परीक्षा है जो उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनना चाहते हैं। गौरतलब है कि यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है, जिसमें एक प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 और दूसरा उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से 8 के लिए होता है। इन दोनों स्तरों पर पढ़ाने के लिए यह परीक्षा पास करना जरूरी होता है। उम्मीदवार 26 अप्रैल 2026 तक अपना फॉर्म भर सकेंगे। इसके बाद अगर किसी तरह की गलती हो जाती है या शुल्क से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो उसे ठीक करने के लिए 1 मई 2026 तक का समय दिया गया है।
12वीं पास सेवारत शिक्षक भी दे सकेंगे यूपी टीईटी
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 12वीं पास के आधार पर मृतक आश्रित के रूप में 1990 से 1992 के बीच नियुक्त शिक्षक भी अब उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के लिए आवेदन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार ऐसे अभ्यर्थी जो 12वीं पास होने के बाद मृतक आश्रित श्रेणी में 1990 से 92 के बीच अध्यापक नियुक्त हुए हैं और जिन्हें केवल इंटरमीडिएट की मार्कशीट की योग्यता पर अध्यापक बनाया गया था। ऐसे सेवारत अध्यापक यूपी-टीईटी का फॉर्म भर पाने में असफल थे क्योंकि उनके पास 10वीं, 12वीं की मार्कशीट है लेकिन स्नातक और बीटीसी/बीएड नहीं है। ऐसे अभ्यर्थियों का पोर्टल पर अपडेशन के बाद चेक बॉक्स पर क्लिक कर आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस प्रकार उन्हें स्नातक व अन्य डिटेल्स को भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
25 से 30 लाख के पार जा सकती है आवेदन की संख्या
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित होने वाली यूपी टीईटी 2026 को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह देखा जा रहा है। आयोग का अनुमान है कि इस वर्ष आवेदकों की कुल संख्या 25 से 30 लाख के पार जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर 2025 के आदेश के बाद 2011 से पहले परिषदीय स्कूलों में नियुक्त सेवारत शिक्षकों को भी यूपी-टीईटी पास करनी है।
UPTET 2026 की परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी।
नियमों में बदलाव
UPTET मे पहली बार ईडब्ल्यूएस को भी मिलेगा आरक्षण।
55% पर होंगे EWS, OBC,SC, ST अर्थात 150 में 82 नम्बर पर पास।
60% न्यूनतम अंक लाना होगा अनारक्षित के लिए अर्थात 150 में से 90 नम्बर।
5 साल बाद होने जा रही यूपी टीईटी परीक्षा में किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए इस बार आवेदन के समय से ही सख्त कदम उठाए गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने आवेदन के समय जुड़वा भाई या बहन की भी सूचना मांगी है। इसके अलावा अब सभी अभ्यर्थियों को अपनी लाइव फोटो लगानी होगी।




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