IIT की डिग्री, लाखों का पैकेज... पर दिल में था देश सेवा का सपना; मोनिका श्रीवास्तव कैसे बनीं UPSC टॉपर?
UPSC Success Story Monika Srivastava: आईआईटी गुवाहाटी से पढ़ाई और पेपैल में शानदार नौकरी के बाद मोनिका श्रीवास्तव ने यूपीएससी 2025 में 16वीं रैंक हासिल की। जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी।

UPSC Success Story Monika Srivastava: कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और लक्ष्य साफ तो मंजिल की राह में आने वाली हर बाधा छोटी पड़ जाती है। उत्तर प्रदेश के बलिया की बेटी और बिहार में पली बढ़ी मोनिका श्रीवास्तव ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के नतीजों में मोनिका ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि उन लाखों कामकाजी पेशेवरों के लिए एक मिसाल पेश की है जो नौकरी के साथ बड़े सपने देखते हैं।
455वीं रैंक से टॉप 20 तक की छलांग
मोनिका के लिए यह मुकाम रातों रात नहीं मिला। उनकी यह कामयाबी उनकी निरंतरता और खुद को बेहतर बनाने की जिद का नतीजा है। इससे पहले उन्होंने यूपीएससी 2023 की परीक्षा में भी सफलता पाई थी, जहां उन्हें 455वीं रैंक मिली थी। हालांकि, एक अच्छी रैंक होने के बावजूद उनके मन में अपने प्रदर्शन को और सुधारने की तड़प थी। उन्होंने हार नहीं मानी और एक बार फिर मैदान में उतरीं, जिसका सुखद परिणाम आज सबके सामने 16वीं रैंक के रूप में है।
एक शानदार करियर का किया त्याग
मोनिका की शैक्षिक पृष्ठभूमि हमेशा से ही अव्वल रही है। गणित में गहरी दिलचस्पी रखने वाली मोनिका ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। पढ़ाई के बाद उनका चयन मशहूर ग्लोबल कंपनी PayPal (पेपैल) में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर हुआ। चेन्नई में उनका करियर शानदार चल रहा था लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
वो फैसला जिसने जिंदगी बदल दी
अक्सर लोग पूछते हैं कि एक बेहतरीन कॉरपोरेट करियर छोड़कर प्रशासनिक सेवा में आने का विचार कब आया? मोनिका के लिए यह मोड़ कोविड 19 महामारी के दौरान आया। उनके भाई बहन डॉक्टर हैं और वे उस संकट की घड़ी में फ्रंटलाइन पर रहकर लोगों की जान बचा रहे थे। एक इंटरव्यू में मोनिका बताती हैं, "अपने भाई बहनों को समाज की सेवा करते देख मुझे लगा कि मेरे पास क्षमता होने के बावजूद मैं उस तरह से योगदान नहीं दे पा रही हूं। मैं भी मुख्यधारा का हिस्सा बनकर सीधे तौर पर लोगों के लिए काम करना चाहती थी।" बस इसी एक विचार ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी की ओर मोड़ दिया।
ऐसे शुरू की रणनीतिक तैयारी
सॉफ्टवेयर इंजीनियर की फुल टाइम नौकरी के साथ देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था। मोनिका ने इसे एक चुनौती की तरह लिया। इस दौरान उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा भी दी और वहां असिस्टेंट कमिश्नर (स्टेट टैक्स) के पद पर चुनी गईं। आत्मविश्वास बढ़ा तो उन्होंने यूपीएससी के लिए छुट्टी ली और पूरी ताकत झोंक दी।
इंटरव्यू में पूछे गए तीखे सवाल
मोनिका के व्यक्तित्व परीक्षण (Personality Test) के दौरान पैनल ने काफी विविधतापूर्ण सवाल पूछे। उनसे गोल्डीलॉक्स जोन इकोनॉमी, रेलवे के ऑपरेटिंग रेशियो, कोटा की कोचिंग संस्कृति, रेलवे दुर्घटनाओं के कारण और रुपये के भाव में गिरवाट जैसे गंभीर मुद्दों पर राय मांगी गई। मोनिका ने अपनी स्पष्ट सोच और वैचारिक गहराई से पैनल को प्रभावित किया।
उम्मीदवारों के लिए सक्सेस मंत्र
अपनी इस शानदार जीत के बाद मोनिका ने नए अभ्यर्थियों को कुछ अहम सुझाव दिए हैं। उनका मानना है कि सिलेबस पर पकड़ आपकी रणनीति को और आसान बना देती है। पाठ्यक्रम को पूरी तरह समझें और उत्तर लिखते समय कीवर्ड्स का इस्तेमाल करें। अपनी नींव मजबूत रखें और उत्तरों में वास्तविक जीवन के उदाहरण शामिल करें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (PYQs) को हल करने से परीक्षा के पैटर्न और समय प्रबंधन में मदद मिलती है। मोनिका का मानना है कि कामकाजी लोगों को परीक्षा के हर चरण से पहले कुछ समय की छुट्टी लेनी चाहिए ताकि वे पूरी तरह से केंद्रित रह सकें।




साइन इन