UPSC 2025 Result: यूपीएससी में फिर चला IITians का जादू, टॉपर्स लिस्ट में इंजीनियरों का बोलबाला
UPSC 2025 Result: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं, और हर साल की तरह इस बार भी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) के स्नातकों ने अपनी सफलता का परचम लहराया है।

UPSC 2025 Results: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं, और हर साल की तरह इस बार भी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) के स्नातकों ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा में आईआईटी के पूर्व छात्रों के दबदबे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि टेक्निकल बैकग्राउंड वाले युवा प्रशासनिक सेवाओं की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
तकनीकी कौशल और प्रशासनिक समझ का संगम
इस वर्ष के परिणामों पर नजर डालें तो टॉप 100 रैंकों में बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार शामिल हैं जिन्होंने देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों से बी.टेक या एम.टेक की डिग्री हासिल की है। विशेषज्ञों का मानना है कि आईआईटी की कठिन प्रवेश परीक्षा (JEE Advanced) और वहां का प्रतिस्पर्धी माहौल इन छात्रों को यूपीएससी के विशाल सिलेबस को समझने और विश्लेषणात्मक प्रश्नों को हल करने में मदद करता है।
सफल होने वाले इन इंजीनियरों में से कई ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में लाखों के पैकेज वाली नौकरियों को छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुना है। उनके अनुसार, सिविल सेवा उन्हें जमीनी स्तर पर बदलाव लाने और समाज के वंचित वर्गों की सेवा करने का एक बड़ा मंच प्रदान करती है।
इन आईआईटी दिग्गजों ने गाड़े सफलता के झंडे
मृत्युंजय गुप्ता (आईआईटी दिल्ली)-उत्तर प्रदेश के मृत्युंजय गुप्ता ने यूपीएससी 2025 में अपनी सफलता से आईआईटी का मान बढ़ाया है। आईआईटी दिल्ली से बी.टेक मृत्युंजय ने अपने पहले ही प्रयास में 726वीं रैंक हासिल की। शिक्षक के पुत्र मृत्युंजय बचपन से ही मेधावी रहे हैं और समाज सेवा के लक्ष्य के साथ प्रशासनिक सेवा में आए।
मोनिका श्रीवास्तव (आईआईटी गुवाहाटी)- औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव ने 16वीं रैंक हासिल कर मिसाल पेश की है। आईआईटी गुवाहाटी से स्नातक और चेन्नई में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहीं मोनिका ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए लाखों का पैकेज छोड़ दिया। साल 2023 में 455वीं रैंक (IRTS) हासिल करने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः अपना आईएएस बनने का सपना पूरा किया।
अनुभव (आईआईटी दिल्ली)-बिहार के अरवल निवासी अनुभव ने अपनी मेधा से सबको अचंभित कर दिया है। वर्तमान में आयकर विभाग में सहायक आयुक्त अनुभव ने नौकरी के साथ स्वरुचि से तैयारी कर यूपीएससी 2025 में 339वीं रैंक प्राप्त की। आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग करने वाले अनुभव ने अपनी पहली ही कोशिश में बीपीएससी में दूसरी रैंक हासिल की थी। वे यूपीएससी ईएसई 2023 में 17वीं रैंक भी ला चुके हैं।
इंजीनियरों के बढ़ते रुझान का कारण
हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि यूपीएससी परीक्षा में बैठने वाले कुल उम्मीदवारों में इंजीनियरों की संख्या लगभग 60-70% तक पहुंच गई है। इसका मुख्य कारण यूपीएससी परीक्षा के पैटर्न में बदलाव और 'सीसैट' (CSAT) पेपर का होना है, जहां गणितीय और तर्कशक्ति कौशल की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, इंजीनियरिंग के छात्र अक्सर भूगोल, नृविज्ञान या राजनीति विज्ञान जैसे विषयों को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनते हैं और अपनी 'प्रॉब्लम सॉल्विंग' तकनीक से बेहतर अंक प्राप्त करते हैं।




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