यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में सॉल्वर बनने वालों की खैर नहीं, प्रॉपर्टी होगी जब्त, प्रश्नों पर चर्चा बैन
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में सॉल्वरों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। सॉल्वरों की संपत्ति जब्त की जाएगी। प्रश्नों पर चर्चा व विश्लेषण भी बैन है।

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर एग्जाम में कोई साल्वर पकड़ा गया तो उसकी चल और अचल संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। इन मामलों को अंजाम देने के लिए इन्वेस्टिगेटर अपनी रिपोर्ट सीधे संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम ) को भेजेगा। वहीं परीक्षा के प्रश्न या प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर शेयर करना, उन्हें एनालिसिस करना, डिस्कशन या शेयरिंग करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लिखित परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के लिए बोर्ड ने यह फैसला लिया है। इससे पहले हुई होमगार्ड परीक्षा में भी ही नियम थे।
7 वर्ष की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान
बोर्ड के अपर सचिव भर्ती सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों या उनके कंटेट पर चर्चा, विश्लेषण या प्रसार कर रहे हैं। उप्र सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के प्रावधानों के तहत ऐसी सभी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। सॉल्वर गिरोह पकड़े जाने पर पहली बार में अधिकतम 7 वर्ष की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माना और दूसरी बार पकड़े जाने पर आजीवन कारावास और 50 लाख से एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
कब होगी यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आगामी 8 से 10 जून के बीच होने वाली है। 32,679 पदों के लिए प्रदेश भर से 28 लाख से अधिक अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। 75 जिलों में कुल 1183 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
सीएम योगी ने भी दिए सख्ती के आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात वीडियो कांफ्रेंसिंग से आठ, नौ व 10 जून को होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता को लेकर कई कड़े निर्देश दिए। खासकर परीक्षा के दौरान अफवाह फैलाने व किसी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों से पूरी कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिपाही भर्ती परीक्षा की शुचिता, निष्पक्षता और गोपनीयता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न होने पाए। इसमें लगभग 29 लाख अभ्यर्थियों की सहभागिता को देखते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप यातायात प्रबन्धन की प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे आमजन को असुविधा न हो। कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट व केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी अधिकारी पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने छह जून को परीक्षा आयोजन का पूर्वाभ्यास कराने का निर्देश भी दिया। बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में होने वाले जनभागीदारी आधारित कार्यक्रमों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा भी की।




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