खुशखबरी! 70 हजार बेटियों को यूपी सरकार देगी इलेक्ट्रिक स्कूटी, अब कॉलेज का सफर होगा आसान
उत्तर प्रदेश सरकार की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 70 हजार से ज्यादा छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाएगी। ग्रामीण इलाकों की बेटियों को कॉलेज आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी।

अब उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए कॉलेज का सफर पहले से आसान होने जा रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना तेजी से जमीन पर उतरती दिख रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की 70 हजार से ज्यादा छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाएगी, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए आने-जाने में परेशानी न हो और वे बिना रुकावट अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकें।
ग्रामीण छात्राओं को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
इस योजना का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल सकता है। गांवों की कई छात्राओं को रोजाना दूर-दराज के कॉलेजों तक पहुंचने के लिए घंटों सफर करना पड़ता है। बस और दूसरे साधनों की कमी के कारण कई बार पढ़ाई भी प्रभावित होती है। सरकार का मानना है कि स्कूटी मिलने से छात्राओं का समय बचेगा और वे पढ़ाई के साथ दूसरे कौशल भी सीख सकेंगी।
इलेक्ट्रिक स्कूटी देने पर सरकार का फोकस
सरकार ने इस योजना में पेट्रोल स्कूटी की जगह इलेक्ट्रिक स्कूटी देने का फैसला किया है। इसके पीछे दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं। पहला, छात्राओं का ईंधन खर्च खत्म हो जाएगा और दूसरा, पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचेगा। अधिकारियों के मुताबिक एक इलेक्ट्रिक स्कूटी की कीमत करीब 55 हजार रुपये पड़ रही है।
400 करोड़ रुपये का बजट किया गया तय
सरकार ने इस योजना के लिए 20 फरवरी 2025 को 400 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। इसी बजट के आधार पर करीब 72 हजार से ज्यादा स्कूटी खरीदी जा सकती हैं। हालांकि आयोजन और दूसरी व्यवस्थाओं पर भी खर्च होगा, इसलिए फिलहाल 70 हजार से अधिक छात्राओं को स्कूटी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
छह महीने के भीतर वितरण की तैयारी
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस योजना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुति भी दी है। माना जा रहा है कि अगले छह महीने के भीतर स्कूटी वितरण शुरू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने महिला दिवस के मौके पर भी जल्द स्कूटी बांटने की बात कही थी।
पात्र छात्राओं की सूची तैयार होने लगी
शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से पिछले साल स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष पास करने वाली छात्राओं की सूची मांगी है। इसी आधार पर पात्र छात्राओं का चयन किया जाएगा। सरकार का कहना है कि योजना में सभी वर्गों की छात्राओं को मौका मिलेगा।
आरक्षण व्यवस्था का भी रखा जाएगा ध्यान
स्कूटी वितरण में आरक्षण व्यवस्था का भी पालन किया जाएगा। अनारक्षित, ओबीसी, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग वर्ग की छात्राओं को उनकी श्रेणी के अनुसार लाभ दिया जाएगा। यानी सरकार कोशिश कर रही है कि योजना का फायदा हर वर्ग की जरूरतमंद और मेधावी छात्राओं तक पहुंचे।
छात्राओं के आत्मविश्वास को भी मिलेगा सहारा
सरकार का मानना है कि यह योजना सिर्फ एक वाहन देने तक सीमित नहीं है। इससे छात्राओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। खासकर उन बेटियों को राहत मिलेगी जिन्हें रोज कॉलेज पहुंचने के लिए परिवार या सार्वजनिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। अब वे अपने समय और सुविधा के हिसाब से पढ़ाई जारी रख सकेंगी।




साइन इन