न समय की चिंता, न फीस की टेंशन, घर बैठे मुफ्त में सीखिए AI; 3 घंटे में मिलेगा सर्टिफिकेट
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने ‘AI For All’ नाम से मुफ्त ऑनलाइन कोर्स शुरू किया है। तीन घंटे का यह कोर्स पूरा करने पर सर्टिफिकेट मिलेगा। ओरेकल यूनिवर्सिटी भी इसमें सहयोग कर रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ बड़े इंजीनियरों या आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है। आज के दौर में स्कूल-कॉलेज के छात्र, नौकरीपेशा लोग, छोटे कारोबारी और आम नागरिक भी AI को समझना चाहते हैं। इसी बढ़ती जरूरत को देखते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने लोगों के लिए एक खास पहल शुरू की है। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे ऑनलाइन AI सीख सकता है। इसके लिए न तो किसी बड़े इंस्टिट्यूट में जाने की जरूरत होगी और न ही मोटी फीस भरनी पड़ेगी। सरकार ने ‘AI For All’ नाम से मुफ्त ऑनलाइन कोर्स शुरू किया है, जिसे सिर्फ तीन घंटे में पूरा किया जा सकता है।
तीन घंटे का कोर्स, मिलेगा प्रमाण पत्र
इस ऑनलाइन कोर्स की सबसे खास बात यह है कि इसे बहुत आसान तरीके से तैयार किया गया है ताकि तकनीक की ज्यादा जानकारी न रखने वाला व्यक्ति भी AI को समझ सके। कोर्स पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। यह सर्टिफिकेट भविष्य में नौकरी, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल प्रोफाइल मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है। आज कई कंपनियां AI और डिजिटल स्किल रखने वाले युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं।
ओरेकल यूनिवर्सिटी भी दे रही सहयोग
इस कार्यक्रम को वैश्विक आईटी संस्था ओरेकल यूनिवर्सिटी के सहयोग से शुरू किया गया है। इससे कोर्स की विश्वसनीयता और गुणवत्ता दोनों बढ़ जाती हैं। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में AI हर क्षेत्र का हिस्सा बनने वाला है। ऐसे में युवाओं और आम नागरिकों को इसकी बुनियादी जानकारी देना जरूरी हो गया है ताकि वे डिजिटल दुनिया में पीछे न रह जाएं।
कैसे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
इस कोर्स के लिए इच्छुक लोग [उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की आधिकारिक वेबसाइट www.upsdm.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर किसी भी डिवाइस से यह कोर्स किया जा सकता है। कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन रहेगा, इसलिए घर बैठे आसानी से पढ़ाई संभव होगी।
मंत्री ने दिए थे निर्देश
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने AI के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मिशन ने आम नागरिकों के लिए यह पहल शुरू की। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग नई तकनीक को समझें और डिजिटल स्किल्स के जरिए रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
कानून की पढ़ाई में भी होगा बदलाव
इसी बीच कानूनी शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा सुझाव भी सामने आया है। नवंबर 2025 में हुए पुलिस महानिदेशकों के राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा गया कि विश्वविद्यालयों और लॉ संस्थानों में फॉरेंसिक और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS से जुड़े विषयों को ज्यादा गंभीरता से पढ़ाया जाना चाहिए। इसके बाद अब एलएलबी पाठ्यक्रम में जरूरी बदलाव करने की जिम्मेदारी बार काउंसिल ऑफ इंडिया निभाएगी। वहीं एलएलएम, डिप्लोमा और दूसरे लॉ कोर्सेज में संस्थान खुद भी इन विषयों को शामिल कर सकेंगे।
तकनीक और कानून दोनों में बदल रही पढ़ाई
गौरतलब है कि आने वाले वर्षों में पढ़ाई का तरीका तेजी से बदलने वाला है। अब सिर्फ किताबों की जानकारी काफी नहीं होगी, बल्कि तकनीक, डिजिटल स्किल और नए कानूनों की समझ भी जरूरी बनेगी। AI और फॉरेंसिक जैसे विषयों को शिक्षा से जोड़ने की कोशिश इसी बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है।




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