यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा फर्जी 'पेपर लीक' दावों पर एक्शन, टेलीग्राम चैनल पर FIR दर्ज
UP Police Constable Exam 2026: यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा 2026: ₹8,000 में 'लीक पेपर' बेचने का दावा करने वाले फर्जी टेलीग्राम चैनल पर FIR दर्ज। पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए छात्रों से ऐसी ठगी और अफवाहों से बचने की अपील की है।

UP Police Constable Exam 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले एक टेलीग्राम चैनल द्वारा प्रश्नपत्र लीक करने का झूठा दावा किया जा रहा था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया है। इस मामले में पुलिस ने जालसाजी करने वाले टेलीग्राम चैनल के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
अधिकारियों के मुताबिक, 'UPP Exam Paper' नामक टेलीग्राम चैनल 8,000 रुपये में फर्जी प्रश्नपत्र बेच रहा था. परीक्षा से पहले पेपर देने के नाम पर उम्मीदवारों से पैसे ऐंठने के लिए चैनल ने क्यूआर कोड और बैंक खाते की जानकारी साझा की थी।
यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जा रही है। किसी भी प्रकार का पेपर लीक नहीं हुआ है। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें।
पैसे ऐंठने के लिए बनाया गया था 'फेक' टेलीग्राम चैनल
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ शरारती तत्वों और सॉल्वर गैंग के सदस्यों ने मिलकर टेलीग्राम पर एक फर्जी चैनल बनाया था। इस चैनल का मुख्य उद्देश्य परीक्षा देने वाले भोले-भाले छात्रों को अपने जाल में फंसाना था। जैसे ही यह मामला साइबर सेल और पुलिस के संज्ञान में आया, तुरंत कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस अब तकनीकी इनपुट और आईपी एड्रेस के जरिए इस चैनल को चलाने वाले मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
अफवाहों से बचें: कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हो रही है परीक्षा
उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन इस बार परीक्षा की शुचिता को लेकर बेहद गंभीर है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी न हो सके।
सीसीटीवी और बायोमेट्रिक: हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है और अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
जैमर का इस्तेमाल: परीक्षा कक्षों में मोबाइल नेटवर्क को ब्लॉक करने के लिए जैमर लगाए गए हैं ताकि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग न कर सके।
एसटीएफ की तैनाती: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) और स्थानीय पुलिस की खुफिया टीमें लगातार सक्रिय हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नजर रख रही हैं।




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