यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज से, 25 लाख अभ्यर्थी, 1053 केंद्र; सेंटर पर पहुंचने से पहले जान लें जरूरी गाइडलाइंस
उत्तर प्रदेश में 41,424 होमगार्ड पदों के लिए लिखित परीक्षा आज से शुरू हो रही है। 1053 केंद्रों पर 25 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंग, इसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए आज का दिन बेहद अहम है। प्रदेश में होमगार्ड्स के 41,424 खाली पदों को भरने के लिए बहुप्रतीक्षित लिखित परीक्षा आज यानी शनिवार से शुरू हो गई है। तीन दिनों तक चलने वाला यह परीक्षा अभियान शनिवार, रविवार और सोमवार को आयोजित किया जाएगा। योगी सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड ने इस परीक्षा को पूरी तरह 'नकल विहीन' और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है कि परिंदा भी पर न मार सके। ऐसे में आप भी परीक्षा के लिए सेंटर पर निकल रहे हैं तो आपको भी जरूरी गाइडलाइन को जानना बेहद जरूरी है।
तीन दिन, दो पालियां और अभ्यर्थियों का सैलाब
यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की देखरेख में आयोजित हो रही इस परीक्षा में पूरे प्रदेश से लगभग 25.32 लाख अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने प्रदेश भर में 1053 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू रूप से परीक्षा संपन्न कराने के लिए इसे रोजाना दो-दो पालियों में आयोजित किया जा रहा है। अलग-अलग दिनों में अलग-अलग अभ्यर्थियों को बुलाया गया है ताकि केंद्रों पर अत्यधिक दबाव न बने।
सुरक्षा का सुपर प्लान
परीक्षा की शुचिता (पवित्रता) बनाए रखने के लिए इस बार तकनीक और पुलिस बल का बेहतरीन तालमेल देखने को मिल रहा है। भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए हर जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) या अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) रैंक के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सुरक्षा की कुछ प्रमुख कड़ियां इस प्रकार हैं -
निरीक्षकों की भारी तैनाती: निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर 240 अभ्यर्थियों पर एक पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) और एक उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) की ड्यूटी लगाई गई है।
सीसीटीवी की तीसरी आंख: सभी परीक्षा केंद्रों और प्रश्नपत्र रखने वाले 'स्ट्रांग रूम' की निगरानी सीधे सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए लखनऊ में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
सघन तलाशी और मेटल डिटेक्टर: केंद्र के गेट पर ही हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से हर छात्र की जांच की जा रही है। महिला अभ्यर्थियों की गरिमा का ध्यान रखते हुए उनकी चेकिंग बंद परिसर में महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ही की जा रही है।
प्रश्नपत्रों के लिए डबल लॉक सिस्टम
पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने इस बार बेहद सख्त प्रोटोकॉल अपनाया है। परीक्षा के प्रश्नपत्रों को जिलों के कोषागार (ट्रेजरी) में 'डबल लॉक' सिस्टम के तहत रखा गया है। इन तालों की चाबियां अलग-अलग उच्च अधिकारियों के पास सुरक्षित हैं। परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही इन्हें कड़े सुरक्षा घेरे में केंद्रों तक पहुंचाया गया।
क्या है प्रतिबंधित और क्या रखें याद?
प्रशासन ने पहले ही साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्र के भीतर किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना सख्त मना है।
प्रतिबंधित सामान: मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, डिजिटल घड़ी या कोई भी अन्य गैजेट पूरी तरह वर्जित है।
सादा लिबास: अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सरल कपड़ों में आएं ताकि तलाशी के दौरान समय न लगे।
समय का ध्यान: केंद्रों पर रिपोर्टिंग समय से काफी पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि चेकिंग की प्रक्रिया में समय लग सकता है।




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