काम की बात: कामकाजी युवाओं के लिए यूपी सरकार की नई सौगात, नौकरी के साथ अब मिलेगी पॉलिटेक्निक की डिग्री
आईटीआई या मैट्रिक और इंटर के बाद उद्योगों में काम करने वाले कामगारों के लिए यह सुनहरा अवसर है। नौकरी के साथ पॉलिटेक्निक से तकनीकी शिक्षा में डिग्री या डिप्लोमा की पढ़ाई भी की जा सकेगी।

उन कामकाजी लोगों के लिए एक शानदार खबर है जो अपनी नौकरी की व्यस्तता के कारण उच्च तकनीकी शिक्षा हासिल नहीं कर पा रहे थे। उत्तर प्रदेश तकनीकी शिक्षा परिषद ने एक बड़ी पहल शुरू की है, जिसके तहत अब उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारी अपनी नौकरी जारी रखते हुए पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा या डिग्री हासिल कर सकेंगे। यह योजना उन हुनरमंद कामगारों के लिए 'करियर बूस्टर' साबित होगी, जो केवल डिग्री न होने की वजह से प्रमोशन या बेहतर सैलरी से वंचित रह जाते थे।
गाजियाबाद के शास्त्री नगर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक इस योजना को लागू करने के लिए तैयार है। हालांकि, तकनीकी कारणों से इस सत्र में दाखिले नहीं हो सके, लेकिन अगले सत्र से यह प्रक्रिया पूरी तरह शुरू हो जाएगी। आइए जानते हैं इस योजना की खास बातें और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।
दाखिले के लिए क्या हैं शर्तें?
इस विशेष कोर्स में एडमिशन लेने के लिए परिषद ने कुछ जरूरी नियम तय किए हैं। आवेदक के पास कम से कम एक वर्ष का औद्योगिक कार्य अनुभव होना अनिवार्य है।कर्मचारी जिस कंपनी या संस्थान में कार्यरत है, वह पॉलिटेक्निक कॉलेज के 50 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए। अभ्यर्थी का आईटीआई (ITI), 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है। शुरुआत में एक विषय में अधिकतम 30 सीटों पर ही दाखिला दिया जाएगा।
सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश और मेरिट आधारित चयन
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पात्र कामगारों को पॉलिटेक्निक के सीधे लेटरल एंट्री में प्रवेश मिलेगा। यानी आपको पहले साल की पढ़ाई नहीं करनी होगी। दाखिले पूरी तरह मेरिट के आधार पर होंगे। मेरिट लिस्ट तैयार करते समय अभ्यर्थी की पिछली शैक्षिक योग्यता और उसके कार्य अनुभव को वेटेज दिया जाएगा। आवेदनों के सत्यापन के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
अगले सत्र से शुरू होगी प्रक्रिया
राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य डॉ. जानबेग लोनी ने बताया कि इस पाठ्यक्रम को संचालित करने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) से मंजूरी लेना अनिवार्य है। इस वर्ष समय की कमी के कारण अनुमति नहीं मिल पाई, लेकिन दिसंबर तक सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। अगले सत्र से कामकाजी कर्मचारी अधिकतम तीन डिप्लोमा कोर्सेज में दाखिला ले सकेंगे।
यह पहल न केवल कामगारों का कौशल बढ़ाएगी, बल्कि उद्योगों को भी अधिक शिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम वर्कफोर्स उपलब्ध कराएगी। अगर आप भी आईटीआई या इंटर के बाद किसी कंपनी में काम कर रहे हैं, तो अगले साल के लिए अपने डॉक्यूमेंट तैयार रखें।




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