UP Board Result 2026 : vocational education students show no interest UP Board data surprises व्यावसायिक शिक्षा पर रहता है जोर, छात्रों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी; यूपी बोर्ड के आंकड़ों ने चौंकाया, Career Hindi News - Hindustan
More

व्यावसायिक शिक्षा पर रहता है जोर, छात्रों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी; यूपी बोर्ड के आंकड़ों ने चौंकाया

UP Board Result 2026 : व्यावसायिक शिक्षा को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग जितनी कोशिश कर रहे हैं, उतनी ही दूरी छात्र बनाए हुए हैं।

Mon, 27 April 2026 05:58 AMHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share
व्यावसायिक शिक्षा पर रहता है जोर, छात्रों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी; यूपी बोर्ड के आंकड़ों ने चौंकाया

UP Board Result 2026 : यूपी बोर्ड में इस बार एक अजीब तस्वीर सामने आई है। जिन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भविष्य की जरूरत माना जा रहा है, उनमें छात्रों ने लगभग कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इंटरमीडिएट के 15 और हाईस्कूल के 4 ऐसे कोर्स रहे, जिनमें एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया। लाखों छात्रों के बीच यह सन्नाटा कई बड़े सवाल खड़े करता है।

प्रयागराज से सामने आए बोर्ड परीक्षा 2026 के आंकड़े बताते हैं कि व्यावसायिक शिक्षा को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग जितनी कोशिश कर रहे हैं, उतनी ही दूरी छात्र बनाए हुए हैं। इंटरमीडिएट में जहां कुल 25 लाख से ज्यादा छात्र पंजीकृत थे, वहीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में संख्या बेहद कम रही। कई ऐसे कोर्स हैं जिनमें एक भी छात्र नहीं पहुंचा।

सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा

अगर कुछ कोर्सों की बात करें तो डेरी प्रौद्योगिकी में 33, मधुमक्खी पालन में 16, इम्ब्रायडरी में 15 और अंग्रेजी आशुलिपि एवं टंकण में 14 छात्र ही नजर आए। वहीं रेशमकीट पालन, फसल सुरक्षा सेवा और बीजोत्पादन जैसे कोर्सों में भी गिने-चुने दाखिले हुए। दूसरी तरफ सामान्य आधारिक विषय, परिधान रचना एवं सज्जा और हिन्दी आशुलिपि जैसे कुछ कोर्स ऐसे रहे, जहां संख्या थोड़ी बेहतर दिखी, लेकिन कुल आंकड़ों के मुकाबले यह भी बहुत कम है।

सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि इंटर के 15 व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में एक भी छात्र नहीं मिला। इनमें मोबाइल रिपेयरिंग, आईटी सेवाएं, पर्यटन, हेल्थ केयर और घरेलू उपकरणों की मरम्मत जैसे ऐसे कोर्स शामिल हैं, जिन्हें सीधे रोजगार से जोड़ा जाता है। हाईस्कूल में भी इलेक्ट्रिशियन, सोलर सिस्टम रिपेयरिंग और आपदा प्रबंधन जैसे चार कोर्स पूरी तरह खाली रहे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:हादसे में गंवाए हाथ-पैर; 3 उंगलियों के सहारे सूरज तिवारी ने कैसे किया UPSC क्रैक
ये भी पढ़ें:सावधान NEET उम्मीदवार! परीक्षा से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, NTA ने चेताया
ये भी पढ़ें:लकवे जैसी बीमारी भी नहीं डिगा सकी हौसला, IIT के पूर्व छात्र का UPSC में कमाल

यह हालात साफ इशारा करते हैं कि या तो छात्रों को इन कोर्सों की अहमियत समझ नहीं आ रही, या फिर उन्हें लगता है कि पारंपरिक पढ़ाई ही ज्यादा सुरक्षित रास्ता है। कई मामलों में अभिभावक भी बच्चों को ऐसे कोर्स चुनने से रोकते हैं, क्योंकि वे नौकरी को केवल डिग्री से जोड़कर देखते हैं।

स्कूल स्तर पर भी कई कमियां सामने आती हैं। कई जगह प्रशिक्षित शिक्षक नहीं हैं, तो कहीं जरूरी उपकरण और लैब की सुविधा नहीं मिलती। ऐसे में छात्र इन कोर्सों को चुनने से बचते हैं।

क्या है यूपी बोर्ड की तैयारी

यूपी बोर्ड अब हर स्कूल में दो व्यावसायिक कोर्स अनिवार्य करने की तैयारी में है, ताकि बच्चों को पढ़ाई के साथ हुनर भी सिखाया जा सके। लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कदम तभी सफल होगा, जब छात्रों और अभिभावकों दोनों का भरोसा जीता जाए और स्कूलों में सही संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।