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TET : क्या शिक्षकों के लिए टीईटी में कम होंगे पासिंग मार्क्स, राहत के लिए किन 3 विकल्पों पर चल रहा विचार

राज्य सरकार स्कूल शिक्षा भवन में बीएड समेत दो विकल्पों, कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने, न्यूनतम अंकों में राहत देने और नियमित अंतराल पर परीक्षा कराने जैसे विकल्पों पर मंथन कर रही है।

Tue, 2 June 2026 02:36 PMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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TET : क्या शिक्षकों के लिए टीईटी में कम होंगे पासिंग मार्क्स, राहत के लिए किन 3 विकल्पों पर चल रहा विचार

टीईटी यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद देश के 20 लाख से ज्यादा शिक्षक बैचेन हैं। शीर्ष अदालत ने सेवारत शिक्षकों को टीईटी से छूट देने से साफ इनकार कर दिया है। इस सख्त रुख के बाद तमाम राज्यों के नॉन टीईटी क्वालिफाइड टीचर चिंता में हैं। यूपी में 1.86 लाख और एमपी में 1.5 लाख शिक्षक इससे प्रभावित होंगे। झारखंड में ऐसे करीब 40 हजार शिक्षक हैं, जिन्होंने टेट पास नहीं की है। छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां करीब 85 हजार शिक्षकों पर इस फैसले का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक भी हैं, जिन्होंने नियुक्ति के समय टीईटी उत्तीर्ण नहीं किया था। अब समय-सीमा के भीतर परीक्षा पास नहीं करने पर उनकी सेवा सुरक्षा और पेंशन दोनों प्रभावित हो सकती हैं। दूसरी तरफ, शिक्षक संघ लगातार सरकार से विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में टीचर सीमित परीक्षा कराने का सुझाव दे रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर टीएमबीयू प्रशासनिक विभाग के अपर मुख्य सचिव से लेकर शिक्षा मंत्री तक को ज्ञापन सौंप गया है।

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इसी तरह के विकल्पों पर मंथन

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य सरकार नियमित शिक्षक से बचने के लिए विकल्प तलाशने में जुटी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार स्कूल शिक्षा भवन में बीएड समेत दो विकल्पों, कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने, न्यूनतम अंकों में राहत देने और नियमित अंतराल पर परीक्षा कराने जैसे विकल्पों पर मंथन कर रही है। बीएड के लिए सरकार ने शिक्षक संघों को भी भरोसे में लिया है कि संघ के सुझावों पर भी विचार करने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में शिक्षकों की बहाली अवसर देने के लिए टीईटी नियमित रूप से आयोजित की जाए।

किन किन ऑप्शन पर विचार

- सीमित विभागीय परीक्षा हो

- टीईटी पास करने के न्यूनतम अंकों में राहत मिले

- नियमित अंतराल पर परीक्षा हो

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राष्ट्रीय स्तर पर मांग, अध्यादेश लाए केंद्र सरकार

अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के महासचिव दिलीप चौहान ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह अध्यादेश लाकर शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दिलाए। महासंघ के संयोजक व ऑल इंडिया बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि शिक्षक एकजुट होकर मजबूती के साथ आंदोलन शुरू करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी पास करने की डेडलाइन एक साल और बढ़ाई

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देशभर के सेवारत शिक्षकों को राहत देने से इनकार करते हुए साफ कर दिया कि उन्हें ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। शीर्ष अदालत ने टीईटी को अनिवार्य बताते हुए सेवा में बने रहने के लिए यह परीक्षा पास करने की समय सीमा 31 अगस्त, 2028 तक बढ़ा दी। पहले यह 31 अगस्त 2027 थी।

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राज्यों को आदेश-साल में दो बार हो टेट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों को टेट पास करने के लिए पूरा मौका मिलना चाहिए। इसलिए राज्य सरकारें नियमित रूप से साल में दो बार टेट का आयोजन करें। ताकि शिक्षक से आसानी से पूरा कर सके।

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