TET CTET : Supreme Court Dismisses Petition Challenging Mandatory UP TET Requirement Understand Both Verdicts TET : सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ याचिका खारिज की, समझें दोनों फैसलों का मतलब, Career Hindi News - Hindustan
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TET : सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ याचिका खारिज की, समझें दोनों फैसलों का मतलब

सुप्रीम कोर्ट ने अब दो बार (17 नवंबर 2025 और दस अप्रैल 2026) यूपी के शिक्षक संगठनों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। दोनों मामलों में कोर्ट का रुख बिल्कुल साफ है कि आरटीई कानून और टीईटी की अनिवार्यता पर कोई ढील नहीं मिलेगी।

Tue, 14 April 2026 07:27 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, प्रयागराज, संजोग मिश्र
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TET : सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ याचिका खारिज की, समझें दोनों फैसलों का मतलब

कक्षा एक से आठ तक के सभी सरकारी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने की अनिवार्यता से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने दस अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल टीचर (पूर्व माध्यमिक) एसोसिएशन की रिट याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि याचिका में इस कोर्ट के पहले दिए गए फैसले को ही चुनौती दी गई है, इसलिए इसमें कोई दम नहीं है। 17 नवंबर 2025 को भी सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदूरकर की खंडपीठ ने यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटीए) उत्तर प्रदेश की रिट याचिका को खारिज कर दिया था।

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उस समय कोर्ट ने साफ कहा था कि याचिका की सारी प्रार्थनाएं एक सितंबर 2025 के अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य के फैसले से पहले ही तय हो चुकी हैं। एक सितंबर को शीर्ष अदालत ने आरटीई एक्ट के तहत गैर-माइनॉरिटी स्कूलों में टीईटी अनिवार्य माना था। सेवारत पुराने शिक्षकों को भी टीईटी पास करना जरूरी है। जिन शिक्षकों के पास पांच साल से कम की सेवा बाकी है, उन्हें बिना टीईटी के सेवानिवृत्ति तक काम करने की छूट दी थी लेकिन उन्हें पदोन्नति नहीं मिलेगी। जिनके पास पांच साल से अधिक की सेवा बाकी है, उन्हें दो साल के अंदर टीईटी पास करना होगा, वरना अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेनी होगी।

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दोनों फैसलों का मतलब

सुप्रीम कोर्ट ने अब दो बार (17 नवंबर 2025 और दस अप्रैल 2026) यूपी के शिक्षक संगठनों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। दोनों मामलों में कोर्ट का रुख बिल्कुल साफ है कि आरटीई कानून और टीईटी की अनिवार्यता पर कोई ढील नहीं मिलेगी। प्रयागराज समेत पूरे उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों पर अब टीईटी पास करने का दबाव बढ़ गया है। जिन शिक्षकों की पांच साल से अधिक की सेवा बाकी है, उन्हें दो साल के अंदर टीईटी पास न करने पर नौकरी गंवानी पड़ सकती है।

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टीईटी अनिवार्यता के विरोध में निकाला मशाल जुलूस

प्रयागराज। आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त सरकारी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के विरोध में सभी शिक्षक संगठनों ने सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) से सुभाष चौराहे तक मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि आरटीई लागू से होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के साथ न्याय करना चाहिए।

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