सेजल पवार का MBBS दाखिला रद्द करने की मांग, NEET में कम मार्क्स आने पर झूठा ST सर्टिफिकेट लगाने का आरोप
Sejal Pawar News : हंगामे के बीच सेजल पवार के जाति प्रमाणपत्र पर भी सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर बहुत से यूजर ने मांग की है कि सरकार को उनके एसटी सर्टिफिकेट की जांच करानी चाहिए।

पुरुष शव के प्राइवेट पार्ट के आकार को लेकर भद्दा मजाक करने वाली एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा सेजल पवार पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि डॉक्टरी कर रही छात्रा ने माफी मांग ली है लेकिन मेडिकल कम्युनिटी और सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है। मेडिकल स्टूडेंट्स की फेडरेशन और डॉक्टरों के संगठन ने उनकी हरकत की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर कई लोग तो उन पर बैन लगाने की मांग कर रहे हैं। हंगामे के बीच उनके जाति प्रमाणपत्र पर भी सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर बहुत से यूजर ने उनके एसटी सर्टिफिकेट को फर्जी बताते हुए सवाल उठाया है कि उनका सरनेम पवार है और वह एसटी जाति से कैसे हो सकती हैं। आपको बता दें कि सेजल के मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में 720 में से 406 अंक हासिल कर वर्ष 2022 में मुंबई के जीएस मेडिकल कॉलेज केईएम हॉस्पिटल में एसटी कोटे से प्रवेश लिया था। आमतौर पर इस मेडिकल कॉलेज में जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को नीट यूजी में 600 से ऊपर अंक लाने पर दाखिला मिलता है।
सोशल मीडिया पर दावे, सरकार से सर्टिकिकेट की जांच कराने की मांग
एक सोशल मीडिया यूजर ने उनके एसटी जाति सर्टिफिकेट की वैलिडिटी पर सवाल उठाया और कहा कि पवार ST लिस्ट का हिस्सा नहीं हैं। यूजर ने लिखा, 'सेजल पवार, जिन्होंने प्रणित मोरे के कॉमेडी शो में डेड बॉडी का मजाक करके विवाद खड़ा किया था, अब एक और धोखाधड़ी के मामले का सामना कर रही हैं। जब खुरपंच टीम ने उनकी कॉलेज वेबसाइट खंगाली और उनके रिजल्ट देखे, तो उन्हें पता चला कि इस मैडम ने एसटी कोटे के तहत अपनी सीट पक्की कर ली थी। इनका सरनेम पवार है, जो ST की सेंट्रल लिस्ट में नहीं है। हां , Pawra या Pawara नाम के ट्राइब भील समुदाय की सब कैटेगरी में आते हैं । अगर ये आरोप सत्य हैं तो महाराष्ट्र सरकार सेजल पवार के एसटी सर्टिफिकेट की निष्पक्ष जांच कराए और सच सामने लाए। अगर जांच में पता चलता है कि फर्जी एसी कैटेगरी का फायदा उठाकर सीट हासिल की गई थी तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।'
केईएम अस्पताल ने बैठाई जांच, पवार के माता पिता को बुलाया
मुंबई के केईएम अस्पताल ने सेजल पवार की टिप्पणियों की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। साथ ही शनिवार को संस्थान में पवार की काउंसलिंग उनके माता-पिता की मौजूदगी में की जाएगी और उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल के डीन डॉ. हरीश एम. पाठक ने शुक्रवार को कहा कि संबंधित टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं। महाराष्ट्र साइबर पुलिस द्वारा मोरे, वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा और अन्य लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर ''अश्लील और आपत्तिजनक'' चीजें फैलाने का मामला दर्ज किए जाने के बाद केईएम अस्पताल ने कहा कि जांच समिति अगले कुछ दिन में अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। हरियाणा के गुरुग्राम में एक कॉमेडी शो के दौरान की गई टिप्पणियों को लेकर मोरे और जांगड़ा विवादों में घिर गए हैं।
अधिकारियों ने सेजल के कमेंट को मृतकों की गरिमा के प्रति बेहद अपमानजनक बताया। अस्पताल के डीन पाठक ने कहा, 'यह टिप्पणी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। हम मृतकों के सम्मान को लेकर बहुत संवेदनशील हैं, खासकर तब जब कोई चिकित्सा शिक्षा के लिए बहुत भावुक होकर अपना शरीर दान करता है।' पाठक ने कहा कि दो सदस्यीय समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। समिति राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के सोशल मीडिया संबंधी दिशा-निर्देशों के आधार पर इस मामले की जांच कर रही है।
क्या था विवाद
दरअसल ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले वीडियो के बाद कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर दो दिन से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा और इंफल्यूएंसर ने दर्शकों से बातचीत (क्राउड वर्क) के दौरान मेल डेड बॉडी (पुरुषों के शव) के प्राइवेट पार्ट के साइज पर एक बेहद आपत्तिजनक जोक मारा था। इस बातचीत का वीडियो एक कॉमेडियन द्वारा बिना सेंसर किए सोशल मीडिया पर रील के रूप में डाल दिया गया जो तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में सेजल पवार यह कहती दिख रही है कि वे और उनके साथी मेडिकल स्टूडेंट कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते और उनके आकार का मजाक उड़ाते थे। उनके कमेंट के बाद लोगों ने उन्हें जमकर ट्रोल किया।
इस बीच, 'केईएम महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स' ने एक बयान में कहा कि मौजूदा विवाद में शामिल छात्रा स्नातक छात्रा है और वह एसोसिएशन की सदस्य नहीं है। एसोसिएशन ने कहा, 'फिर भी, केईएम मेडिकल समुदाय के सदस्य होने के नाते, हमारा मानना है कि इस घटना से जुड़ी चिंताओं पर ध्यान देना ज़रूरी है। एसोसिएशन पेशेवर एवं नैतिक व्यवहार और शरीर दान करने वाले उन व्यक्तियों के प्रति सम्मान के उच्चतम मानकों को बनाए रखती है; जिनका मेडिकल शिक्षा में अमूल्य एवं नि:स्वार्थ योगदान है। छात्रा की टिप्पणियां अनुचित हैं, वे चिकित्सा पेशेवरों से अपेक्षित मूल्यों को नहीं दर्शातीं।'




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