BTech : NIT में नए सत्र से बीटेक में शुरू होगी AI की पढ़ाई, बीटेक में पहले फंडामेंटल कोर्स पढ़ेंगे छात्र
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) पटना में नए शैक्षणिक सत्र से छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का फंडामेंटल कोर्स पढ़ाया जाएगा। पहले कंप्यूटर साइंस, सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को इस पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा।

तेजी से बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों को देखते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) पटना में नए शैक्षणिक सत्र से छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का फंडामेंटल कोर्स पढ़ाया जाएगा। प्रारंभिक चरण में कंप्यूटर साइंस, सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को इस पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा, जिसे आगे अन्य शाखाओं तक विस्तार देने की योजना है। एनआईटी के निदेशक प्रो. पीके जैन ने बताया कि वर्तमान समय में एआई, डेटा और ऑटोमेशन से जुड़ी तकनीकें हर क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में इंजीनियरिंग छात्रों को शुरुआती स्तर पर ही इन तकनीकों की समझ देना जरूरी है, ताकि वे उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से दक्ष बन सकें। नए सत्र के लिए पाठ्यक्रम केंद्र स्तर पर तैयार किया जा रहा है और इसके शीघ्र लागू होने की उम्मीद है।
फंडामेंटल एआई कोर्स के तहत छात्रों को मशीन लर्निंग की बुनियादी अवधारणाएं, डेटा एनालिटिक्स, एल्गोरिदम की कार्यप्रणाली, प्रोग्रामिंग आधारित मॉडलिंग और समस्या समाधान की तकनीकें सिखाई जाएंगी। छात्रों को पायथन आधारित एआई लाइब्रेरी, डेटा प्रोसेसिंग टूल और क्लाउड प्लेटफॉर्म के उपयोग से भी परिचित कराया जाएगा। संस्थान की योजना के अनुसार पाठ्यक्रम में जनरेटिव एआई और आधुनिक डिजिटल टूल्स का भी समावेश किया जाएगा। छात्रों को चैट आधारित एआई प्लेटफॉर्म, ऑटोमेटेड कोडिंग टूल, स्मार्ट डिजाइन एप्लीकेशन और तकनीकी कंटेंट जनरेशन जैसे उपयोगी अनुप्रयोगों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे पढ़ाई, शोध और प्रोजेक्ट कार्य में इनका प्रभावी उपयोग कर सकें।
साथ ही एआई के नैतिक उपयोग (एथिक्स), डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विशेष जोर रहेगा।
नई पहल से छात्रों की नवाचार क्षमता बढ़ेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और इंडस्ट्री 4.0 से जुड़े कौशल रोजगार के प्रमुख आधार बनेंगे। ऐसे में एनआईटी की यह पहल छात्रों को मल्टी-डिसिप्लिनरी स्किल्स देने के साथ उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगी। संस्थान प्रशासन का कहना है कि इस पहल से छात्रों की नवाचार क्षमता बढ़ेगी और स्टार्टअप, रिसर्च तथा इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स में उनकी भागीदारी भी मजबूत होगी।
एकेयू पायथन प्रोग्रामिंग और जनरेटिव एआई कार्यक्रम शुरू करेगा
पटना। एकेयू ने ट्रांसफॉर्म टेक प्राइवेट लिमिटेड, कोयंबटूर के साथ एमओयू किया है। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए पायथन प्रोग्रामिंग और जनरेटिव एआई पर आधारित मुफ्त अपस्किलिंग कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। विवि प्रशासन के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को पायथन की बुनियादी और उन्नत जानकारी देना है।
● छात्रों को फंडामेंटल कोर्स के तौर पर एआई पढ़ाया जाएगा
● पहले मैकेनिकल, सीएस व सिविल के छात्रों से शुरुआत
साथ ही उन्हें जनरेटिव एआई के व्यावहारिक उपयोग और उद्योग से जुड़ी तकनीकों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव ने कहा कि यह पहल छात्रों को आधुनिक तकनीकी कौशल सिखाने और रोजगार के बेहतर अवसर दिलाने में मददगार होगी। कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी छात्रों को उद्योग से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी देने का भरोसा दिलाया।




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