BTech : यूपी सरकार ने जारी की NIRF जैसी रैंकिंग, कौन से इंजीनियरिंग कॉलेज टॉप पर, JEE Main से होता है यहां दाखिला
एनआईआरएफ रैंकिंग की तर्ज पर पहली बार यूपी सरकार ने एसआईआरएफ रैंकिंग जारी की है। यूपी सरकार की एसआईआरएफ रैंकिंग में 300 में 234 अंक लेकर सुल्तानपुर का कमला नेहरू इंजीनियरिंग कालेज पहले स्थान पर है।

केंद्र सरकार की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) रैंकिंग की तर्ज पर पहली बार यूपी सरकार ने राज्य में राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एसआईआरएफ) रैंकिंग जारी की है। यूपी सरकार की एसआईआरएफ रैंकिंग में 300 में 234 अंक लेकर सुल्तानपुर का कमला नेहरू इंजीनियरिंग कालेज पहले स्थान पर है। राज्य सरकार ने राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों के बीच गुणवत्तापूर्ण प्रतिस्पर्धा लाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार के एनआईआरएफ (राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचा) की तर्ज पर पहली बार एसआईआरएफ रैंकिंग शुरू की है। इसका उद्देश्य राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।
एसआईआरएफ में दूसरा स्थान राजकीय इंजीनियरिंग कालेज आजमगढ़ को मिला है जबकि राजकीय इंजीनियरिंग कालेज कन्नौज तीसरे नम्बर पर है। बुन्देलखण्ड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नॉलॉजी, झांसी को चौथा स्थान तथा राजकीय इंजीनियरिंग कालेज कालेज अम्बेडकरनगर को 5वां स्थान मिला है। छठे स्थान पर राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, सोनभद्र है जबकि इसके बाद मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कालेज गोण्डा का नम्बर आता है।
रैंकिंग में प्रमुख राजकीय इंजीनियरिंग संस्थान-
1. कमला नेहरू इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, सुल्तानपुर- 234 अंक
2. राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, आजमगढ़- 206 अंक
3. राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, कन्नौज- 202 अंक
4. बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी झांसी- 200 अंक
5. राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, अंबेडकरनगर- 197 अंक
6. राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, सोनभद्र- 196 अंक
7. मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, गोंडा- 184 अंक
8. राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, बांदा- 181 अंक
9. राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, मैनपुरी -180 अंक
10. राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, बिजनौर- 161 अंक
11. राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, बस्ती- 118 अंक
12. सम्राट अशोक राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, मीरजापुर- 104 अंक
कैसे होता है यूपी के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला
उत्तर प्रदेश के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों (जैसे IET लखनऊ, BIET झांसी, KNIT सुल्तानपुर) में बीटेक के लिए एडमिशन मुख्य रूप से UPTAC काउंसलिंग के जरिए होता है। यह काउंसिंग जेईई मेन (JEE Main) स्कोर के आधार पर होती है। डिग्री लेवल के इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूशन और दूसरे प्रोफेशनल कॉलेजों के लिए UPTAC काउंसलिंग और एडमिशन का काम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश, लखनऊ करती है।
नए खुले इंजीनियरिंग कालेजों में कौन चमका
तीन साल पूर्व खुले मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोंडा को नए खुले चार इंजीनियरिंग कालेजों में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इस कॉलेज ने प्रदेश में 18 इंजीनियरिंग कालेजों में 7वां स्थान हासिल कर बांदा, मैनपरी तथा बिजनौर जैसे पुराने इंजीनियरिंग कालेजों को पछाड़ दिया है। राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क में मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोंडा ने प्रदेश के नए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों (गोंडा, बस्ती, मिर्जापुर और प्रतापगढ़ के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज) में 300 में से 184 अंक प्राप्त कर प्रथम एसआईआरएफ रैंक हासिल किया है।
टेक्निकल एजुकेशन के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी नरेंद्र भूषण ने कहा कि इस एसआईआरएफ पहल का मकसद टीचिंग-लर्निंग प्रोसेस की क्वालिटी और ओवरऑल इंस्टीट्यूशनल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा, “SIRF, NIRF के लिए एक स्टेपिंग स्टोन है। अब क्वालिटी पर फोकस होगा क्वांटिटी पर नहीं। नए कॉलेज खोलने के बजाय, हम मौजूदा इंस्टीट्यूशन को मजबूत करने पर फोकस करेंगे।'
किस आधार पर बनाई रैंकिंग
रैकिंग में कॉलेजों को 10 मानकों पर परखा गया, जिसमें कैंपस और प्लेसमेंट एक्टिविटी (40 मार्क्स), स्टार्टअप और इनोवेशन (40), फैकल्टी क्वालिटी और एंगेजमेंट (35), इंफ्रास्ट्रक्चर (35), प्रैक्टिकल लैब और प्रोडक्टिविटी (35), रिसर्च पब्लिकेशन और प्रोजेक्ट (35), डिग्री आउटकम (30), एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटी (20), वर्कशॉप और सेमिनार (20), और एग्जामिनेशन और इवैल्यूएशन सिस्टम (10) शामिल हैं।
भूषण ने कहा कि जिन इंस्टीट्यूशन को कम मार्क्स मिले हैं, उन्हें बाद के इवैल्यूएशन साइकिल में सुधार करने में मदद के लिए टारगेटेड इंटरवेंशन के साथ सपोर्ट किया जाएगा।




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