NEET : 9वीं 10वीं की टीचर, जून में रिटायरमेंट, NTA नीट एक्सपर्ट होने की स्कूल को भनक तक नहीं, कौन हैं मनीषा हवलदार
NEET UG Physics Paper Leak : मनीषा हवलदार एनटीए की एक्सपर्ट थीं। नीट के फिजिक्स सेक्शन के प्रश्न सेट करने में उनका रोल था। उन्होंने अपने काम की भनक स्कूल को नहीं लगने दी।

NEET UG 2026 Physics paper leak : सीबीआई ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में शुक्रवार को 11वीं गिरफ्तारी की। जांच एजेंसी ने फिजिक्स सेक्शन के प्रश्न लीक करने के आरोप में पुणे स्थित सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला कॉलेज की टीचर मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी मनीषा संजय हवलदार एनटीए पैनल में फिजिक्स विषय एक्सपर्ट के तौर पर शामिल थीं। सीबीआई को जांच में पता चला है कि मनीषा संजय हवलदार ने फिजिक्स के कुछ सवाल इस मामले में सह आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे के साथ शेयर किए थे। मंधारे को 16 मई को गिरफ्तार किया गया था।
कौन हैं मनीषा हवलदार
मनीषा हवलदार वर्तमान में पुणे स्थित सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत है। वह नीट-यूजी 2026 के लिए एनटीए द्वारा बनाए गए पैनल में शामिल थी। इसके चलते फिजिक्स के प्रश्नों तक उसकी पूरी पहुंच थी। जांच में पता चला कि जो प्रश्न मनीषा हवलदार ने मनीषा मंधारे से साझा किए थे, वे पेपर में पूछे गए फिजिक्स के प्रश्नों से मेल खाते हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला कॉलेज के सेक्रेटरी सतीश गवली ने बताया कि मनीषा हवलदार 1992 से इस संस्था से जुड़ी हुई थीं। पहले वे जूनियर कॉलेज लेवल पर फिजिक्स पढ़ाती थीं और 2024 में स्कूल की हेडमिस्ट्रेस बनने तक 5वीं से 10वीं क्लास तक की जिम्मेदारी संभालती थीं। गवली ने कहा, "2024 से वे सिर्फ सेकेंडरी क्लास (9वीं 10वीं ) को ही पढ़ा रही थीं। उनके पास MSc और BEd की डिग्री है। हमें नीट के पेपर सेट करने में उनकी किसी भी तरह की भागीदारी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि यह काम बहुत ही गोपनीय होता है। यह खबर सुनकर हमें बहुत बड़ा झटका लगा है।'
जून 2026 में रिटायर होने वाली थीं
उन्होंने बताया कि हवलदार जून 2026 में रिटायर होने वाली थीं, लेकिन अब जांच पूरी होने तक उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। गवली ने कहा, 'वे अपने अनुशासन के लिए जानी जाती थीं और छात्र-छात्राएं व अभिभावक उनका बहुत सम्मान करते थे।' उन्होंने आगे कहा कि संस्था के पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि हवलदार कोई प्राइवेट कोचिंग भी चलाती थीं या नहीं। उन्होंने कहा, 'हमें इस बात की भी कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा के लिए भी प्रश्न-पत्र तैयार किए थे या नहीं, हालांकि वे पहले स्टेट बोर्ड की परीक्षाओं में मॉडरेटर के तौर पर काम कर चुकी हैं और उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच भी कर चुकी हैं।'
एनटीए के भीतर भी निगरानी
एनटीए के लिए 21 जून को नीट-यूजी पुनर्परीक्षा का आयोजन बड़ी चुनौती बन गया है। परीक्षा में 30 दिन से भी कम समय बाकी रह गया है, जबकि ऐसे पेपर के लिए कम से कम छह महीने चाहिए होते हैं। वहीं, दूसरी चुनौती परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित करना है। एनटीए किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए ‘जीरो ट्रस्ट पॉलिसी’ (किसी पर भरोसा नहीं करना) पर काम कर रही है। एजेंसी के भीतर भी व्यापक निगरानी की जा रही है। एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी इस बार किसी पर भी विश्वास नहीं करने की नीति पर चल रही है। कहा, ‘समय बहुत कम है, लेकिन हम पूरी सतर्कता से काम कर रहे हैं।’
एनटीए ने अपनी पूरी आंतरिक व्यवस्था की समीक्षा की है। अपने स्वयं के सिस्टम से लेकर हर स्तर पर कड़ी निगरानी की जा रही है, ताकि पेपर लीक की आशंका को पूरी तरह रोका जा सके। इसके अलावा परीक्षा में संभावित किसी भी कमी को दूर करने के लिए नियमित ऑडिट हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।




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