'सेंध लगाने वालों पर बरसेगा कानून', NTA ने भरी हुंकार, नीट री-एग्जाम की तैयारी का क्या हाल
नीट यूजी की दोबारा परीक्षा को लेकर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। सरकार फिलहाल किसी परीक्षा से जुड़े व्यवस्था को लेकर किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

देशभर के लाखों मेडिकल एस्पिरेंट्स के लिए 21 जून की तारीख अब किसी चुनौती से कम नहीं है। एक तरफ डॉक्टर बनने का सपना है तो दूसरी तरफ पिछली बार हुई गड़बड़ियों का डर। इसी माहौल के बीच नीट यूजी की दोबारा परीक्षा की तैयारी को लेकर हलचल तेज हो गई है। परीक्षा में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं और सरकार भी इस बार कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। हाल ही में, 12 जून को कैबिनेट सेक्रेटरी डॉ. टीवी सोमनाथन ने री-एग्जाम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई। इस बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के डायरेक्टर भी मौजूद थे। बैठक का मकसद सीधा था परीक्षा को हर हाल में पारदर्शी, सुरक्षित और बिना किसी बाधा के संपन्न कराना।
चलेगा कानून का डंडा
कैबिनेट सेक्रेटरी ने इस बात पर जोर दिया कि इस बार केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और जिला प्रशासन, सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जिस तरह से पूरा तंत्र एक साथ खड़ा है, उससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। डॉ. सोमनाथन ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "अगर किसी ने भी परीक्षा की निष्पक्षता या उसकी प्रक्रिया में खलल डालने की कोशिश की, तो कानून का पूरा जोर और वजन उस पर गिरेगा।" ऐसे में साफ है कि किसी भी तरह की कोताही या छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पिछले कई दिनों से लगातार मंथन चल रहा है। चाहे वो 1 जून को हुई केंद्रीय सचिवों के साथ बैठक हो या 4 जून को राज्य के मुख्य सचिवों के साथ रिव्यू मीटिंग, प्रशासन हर स्तर पर सुरक्षा को चाक-चौबंद करने में जुटा है।
सोशल मीडिया पर उड़ रहीं अफवाहें
परीक्षा की तारीख करीब आते ही सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर 'पेपर लीक' की खबरें और दावे तैरने लगते हैं। इस पर एनटीए ने अपना रुख एकदम स्पष्ट कर दिया है। एजेंसी ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि पेपर लीक के ये सारे दावे पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे हैं। एनटीए का कहना है कि ये कुछ संगठित गिरोहों की चाल है, जो डरे-सहमे छात्रों और उनके परिवारों का फायदा उठाना चाहते हैं। ऐसे लोग न केवल गलत जानकारी फैलाते हैं बल्कि छात्रों की मानसिक शांति को भी प्रभावित करते हैं। एनटीए ने साफ कर दिया है कि वे ऐसी धोखाधड़ी करने वालों को पहचान रहे हैं और साइबर क्राइम अधिकारियों को उनकी रिपोर्ट भी कर रहे हैं। छात्रों को यही सलाह दी गई है कि वे केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें, इधर-उधर की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।
आखिर नौबत यहां तक क्यों आई?
गौरतलब है कि पिछली बार 3 मई को जब नीट 2026 का आयोजन हुआ था, तो सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन 12 मई को परीक्षा रद्द होने की खबर ने पूरे देश को चौंका दिया। कारण पेपर लीक के आरोप थे। मामला इतना गंभीर था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद प्रेस ब्रीफिंग की और माना कि गड़बड़ी की संभावना है। इस मामले की जांच अब सीबीआई के हाथों में है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके। इसी के बाद सरकार ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया।
बता दें नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए न केवल एमबीबीएस और बीडीएस, नर्सिंग और वेटनरी जैसे कोर्सों में एडमिशन मिलता है। ऐसे में लाखों युवाओं का भविष्य इस एक परीक्षा पर टिका होता है। 21 जून को होने वाली इस री-परीक्षा के जरिए सिस्टम की विश्वसनीयता दांव पर है और उम्मीद यही है कि इस बार सब कुछ बिना किसी परेशानी के पूरा होगा।




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