NEET Re-Exam 2026 : वायरल प्रश्नपत्र की तस्वीर ने बढ़ाई टेंशन, NTA ने क्या दिया जवाब
NEET Re-Exam 2026 से पहले एक्स पर वायरल कथित प्रश्नपत्र की तस्वीर को एनटीए ने फर्जी बताया है। एजेंसी ने कहा कि मामला साइबर अपराध विभाग को भेज दिया गया है।

NEET Re-Exam 2026 से पहले एक बार फिर कथित प्रश्नपत्र को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मामला तब सामने आया जब बिबिन नाम के एक यूजर ने एक्स पर एक प्रश्नपत्र जैसी दिखने वाली तस्वीर साझा की। तस्वीर के साथ उसने लिखा कि उसे यह एक टेलीग्राम ग्रुप से मिली है और पूछा कि क्या नीट का प्रश्नपत्र फिर से लीक हो गया है। जाहिर सी बात है कि ऐसे पोस्ट सामने आते ही लोगों चिंता बढ़ने लगती है। पहले से ही परीक्षा को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, ऐसे में इस तस्वीर ने नए सवाल खड़े कर दिए। पोस्ट वायरल होने के कुछ ही समय बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने उसी पोस्ट पर जवाब देते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी। एजेंसी ने कहा कि वायरल हो रही तस्वीर पूरी तरह फर्जी है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि इस तरह की सामग्री को आगे साझा न करें। एनटीए ने अपने जवाब में साफ कहा कि मामला साइबर अपराध विभाग को भेज दिया गया है और इसकी जांच कराई जा रही है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी अफवाहें
यह पहली बार नहीं है जब नीट री-एग्जाम 2026 को लेकर प्रश्नपत्र लीक होने की बातें सामने आई हों। इससे पहले भी इंटरनेट और टेलीग्राम समूहों पर कई दावे किए गए थे कि परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध है और उसे पैसे लेकर बेचा जा रहा है। इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए एनटीए ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि ऐसी सभी बातें झूठी, भ्रामक और मनगढ़ंत हैं। एजेंसी के अनुसार कुछ ठग गिरोह और नकल माफिया छात्रों तथा अभिभावकों की चिंता का फायदा उठाकर फर्जी प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश करते हैं।
परीक्षा सुरक्षा को लेकर एनटीए का भरोसा
एनटीए लगातार यह दोहराता रहा है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है। एजेंसी का कहना है कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की पहुंच परीक्षा सामग्री तक नहीं है। इसी कारण छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
फर्जी कंटेंट फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि वह सोशल मीडिया मंचों, टेलीग्राम समूहों और अन्य ऑनलाइन माध्यमों पर फैलाई जा रही भ्रामक सामग्री पर लगातार नजर रख रही है। ऐसे मामलों को संबंधित मंचों और साइबर अपराध एजेंसियों के पास भेजा जा रहा है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि फर्जी प्रश्नपत्र तैयार करना, उसे साझा करना या उसके नाम पर छात्रों से धन लेने की कोशिश करना गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों से सतर्क रहने की अपील
नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एनटीए की सलाह साफ है। किसी भी वायरल संदेश, स्क्रीनशॉट या कथित प्रश्नपत्र पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करता है तो उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। ताजा मामले में भी एनटीए ने साफ कर दिया है कि एक्स पर वायरल हुई तस्वीर असली प्रश्नपत्र नहीं है और इसे फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।




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