NEET-UG 2026: क्या बदल गया NEET री-एग्जाम का पैटर्न? वायरल नोटिस का NTA और PIB ने बताया सच
NEET: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का पैटर्न बदलने का दावा करने वाला सोशल मीडिया पर वायरल सर्कुलर पूरी तरह फर्जी है। एनटीए और पीआईबी ने साफ किया है कि परीक्षा पुराने नियमों और मार्किंग स्कीम के तहत ही होगी।

NEET-UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी 2026' (neet UG 2026) के री-एग्जाम की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए एक बेहद जरूरी और अलर्ट करने वाली खबर है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर एक कथित सर्कुलर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल नोटिस में दावा किया जा रहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आगामी नीट पुनर्परीक्षा के लिए परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम में बहुत बड़ा बदलाव कर दिया है। लेकिन छात्रों को परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार और एनटीए ने इस पर अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
PIB Fact Check ने बताया पूरी तरह फर्जी
सरकारी सूचना एजेंसी पीआईबी (PIB Fact Check) और एनटीए ने इस वायरल हो रहे सर्कुलर की जांच की और इसे पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक करार दिया है। पीआईबी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए छात्रों को सचेत किया कि ऐसा कोई भी नोटिस या आदेश सरकार या परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने उम्मीदवारों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अनौपचारिक और फर्जी खबर पर भरोसा न करें और न ही इसे आगे शेयर करें।
सर्कुलर में क्या किया गया था भ्रामक दावा?
वायरल हो रहे फर्जी नोटिस पर 27 मई 2026 की तारीख दर्ज थी और इसे एनटीए के 'प्रिपरेशन एंड मॉडरेशन पैनल' के लिए एक अत्यंत गोपनीय दस्तावेज बताया गया था। इसमें दावा किया गया था कि 21 जून को होने वाला री-एग्जाम पिछले सभी प्रश्नपत्रों और रिव्यू मैटेरियल से बिल्कुल अलग होगा। नोटिस में लिखा था कि छात्रों की ‘कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग’ और 'एप्लिकेशन-बेस्ड लर्निंग' को परखने के लिए पूरे परीक्षा स्वरूप को ही बदल दिया गया है। इस अफवाह से परीक्षा के अंतिम दिनों में छात्रों के बीच भारी तनाव और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
बदला नहीं है पैटर्न, पुराना नियम ही रहेगा लागू
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि नीट यूजी परीक्षा का पुराना पैटर्न और मार्किंग स्कीम ही पूरी तरह मान्य रहेगी। छात्रों को उसी पुराने ढर्रे पर अपनी तैयारी जारी रखनी है।
प्रश्नों का पैटर्न: परीक्षा में कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें फिजिक्स (45 प्रश्न), केमिस्ट्री (45 प्रश्न) और बायोलॉजी (90 प्रश्न) शामिल होंगे। महामारी के दौरान शुरू किया गया वैकल्पिक 'सेक्शन बी' अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
समय सीमा: परीक्षा की कुल अवधि 180 मिनट यानी पूरे 3 घंटे की होगी। (पहले मिलने वाले अतिरिक्त 20 मिनट अब हटा दिए गए हैं)।
मार्किंग स्कीम: प्रत्येक सही उत्तर के लिए छात्र को 4 अंक मिलेंगे, जबकि हर गलत उत्तर के लिए 1 अंक काट लिया जाएगा। यदि ओएमआर शीट पर किसी प्रश्न के लिए दो विकल्प चुने जाते हैं, तो उसे भी गलत मानकर 1 अंक काटा जाएगा। एनटीए ने छात्रों को हिदायत दी है कि किसी भी प्रकार की आधिकारिक और प्रामाणिक जानकारी के लिए वे केवल और केवल आधिकारिक पोर्टल neet.nta.nic.in पर ही भरोसा करें।




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