NEET UG : नीट काउंसलिंग MBBS दाखिले में NCC बी सर्टिफिकेट वालों को मिलेगा आरक्षण, हाईकोर्ट का आदेश
NEET UG 2026: यूपी में अब MBBS दाखिले में एनसीसी बी सर्टिफिकेट वालों को भी दाखिला मिलेगा। पहले एनसीसी सी सर्टिफिकेट की शर्त थी जिसे कोर्ट ने अनुपयोगी बताया है। एनसीसी वालों को 1 फीसदी आरक्षण मिलता है।

NEET UG 2026: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीट यूजी 2026 की काउंसिलिंग में एनसीसी ‘बी’ सर्टिफिकेट धारकों को बड़ी राहत देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्देश दिया है। कहा कि 2007 की राज्य सरकार की व्यवस्था व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी है, क्योंकि उसमें एनसीसी सी सर्टिफिकेट की शर्त लगाई गई थी, जो ग्रेजुएशन लेवल के बाद ही प्राप्त किया जा सकता है। आपको बता दें कि नीट यूजी से ही देश के मेडिकल, डेंटल व आयुष कॉलेजों में चलाए जा रहे एमबीबीएस ( MBBS ), बीडीएस ( BDS ), बीएएमएस, बीएचएमएस जैसे विभिन्न कोर्सेज में दाखिला मिलता है।
न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश एक छात्र सक्षम श्रीवास्तव की याचिका पर दिया, जो नीट-यूजी 2026 के माध्यम से मेडिकल कोर्स में दाखिला लेना चाहता है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशुतोष गांगुली और प्रणब कुमार गांगुली ने पक्ष रखा। यूपी सरकार की ओर से कहा गया कि 2 फरवरी 2007 का शासनादेश लागू है, जिसमें एनसीसी सी सर्टिफिकेट वाले अभ्यर्थियों को ही आरक्षण का प्रावधान है।
कर्नाटक और तेलंगाना का हवाला दिया
याचिका में कहा गया था कि कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में एनसीसी ‘बी’ सर्टिफिकेट धारकों को मेडिकल दाखिले में आरक्षण अथवा अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में ऐसी व्यवस्था प्रभावी नहीं है। अदालत ने कहा कि स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए ऐसे प्रमाणपत्र की मांग, जो स्नातक के बाद ही प्राप्त हो सकता है, आरक्षण व्यवस्था को भ्रामक और अनुपयोगी बना देती है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नीट यूजी 2026 काउंसिलिंग ब्रोशर में संशोधन कर एनसीसी ‘बी’ सर्टिफिकेट में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त अभ्यर्थियों के लिए एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्देश दिया।
एनटीए को भी आदेश
साथ ही एनटीए को भी पक्षकार बनाते हुए आदेश दिया गया कि पुनर्निर्धारित नीट परीक्षा से पहले पात्र अभ्यर्थियों को ई-मेल के माध्यम से सूचना देकर एनसीसी ‘बी’ सर्टिफिकेट अपलोड करने का अवसर दिया जाए। गौरतलब है कि पेपर लीक के चलते 3 मई 2026 हुई नीट यूजी 2026 रद्द कर दी गई थी। नीट यूजी री एग्जाम 21 जून 2026 को प्रस्तावित है। 3 मई को एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने का ख्वाब देख रहे 22.05 लाख विद्यार्थियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी थी जो अब फिर से एग्जाम देंगे।
नीट पेपर लीक में दो और डॉक्टर-शिक्षक गिरफ्तार
सीबीआई ने बुधवार को नीट (यूजी) पेपर लीक मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें लातूर के डॉक्टर और पुणे के एक कोचिंग संस्थान में भौतिकी पढ़ाने वाले शिक्षक शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे को तीन छात्रों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन छात्रों में शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का बेटा भी शामिल है।
प्रधान और राधाकृष्णन ने की तैयारियों की समीक्षा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राधाकृष्णन एक उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष हैं, जिसे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से जुड़ी सिफारिशों के कार्यान्वयन की निगरानी का कार्य सौंपा गया है। प्रधान और राधाकृष्णन ने परीक्षा की निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे उपायों की समीक्षा की।
बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह, एनटीए के अधिकारी और मंत्रालय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक के दौरान सिंह ने परीक्षा की निगरानी को मजबूत करने और परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए अतिरिक्त उपायों के बारे में जानकारी दी।




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