NEET UG 2026: 3 मई को इम्तिहान, परीक्षा से एक घंटा पहले बंद हो जाएंगे सेंटर्स के गेट; जानें जरूरी गाइडलाइन्स
नीट यूजी 2026 का एडमिट कार्ड जारी हो गया है। 3 मई को होने वाले इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 22 लाख छात्र शामिल होंगे, परीक्षा और केंद्रों से जुड़ी पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

देश के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का ख्वाब देख रहे लाखों नौजवानों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, नीट यूजी 2026 का एडमिट कार्ड आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस साल 3 मई को होने वाले इस महा-इम्तिहान के लिए 22 लाख से भी ज्यादा उम्मीदवारों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर छात्र अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड के आते ही अब अंतिम दौर की तैयारियों ने भी रफ्तार पकड़ ली है। इम्तिहान का थोड़ा प्रेशर तो है, लेकिन साथ ही अपने सपनों को सच करने की एक नई उम्मीद भी है।
1:30 बजे के बाद नहीं मिलेगी एंट्री
परीक्षा के दिन वक्त की पाबंदी का सबसे ज्यादा ख्याल रखना होगा। यह परीक्षा एक ही पाली (शिफ्ट) में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से काफी पहले पहुंचना होगा।
एंट्री का समय: सेंटर्स पर छात्रों की एंट्री सुबह 11 बजे से ही शुरू हो जाएगी।
अंतिम प्रवेश: दोपहर 1:30 बजे तक ही छात्रों को अंदर जाने की इजाजत मिलेगी। इसके बाद किसी भी हाल में एंट्री नहीं दी जाएगी।
मतलब बिल्कुल साफ है कि परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पहले गेट हमेशा के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसलिए बेहतर यही होगा कि आप ट्रैफिक जाम या किसी और आखिरी मिनट की परेशानी से बचने के लिए समय से पहले ही अपने सेंटर पर पहुंच जाएं। सुरक्षा और बिना किसी झंझट के परीक्षा कराने के मकसद से एनटीए ने इस बार नियमों को काफी सख्त रखा है।
एग्जाम हॉल के अंदर किन बातों का रखें ख्याल?
इम्तिहान पूरी तरह से पेन और पेपर मोड (ऑफलाइन) में होगा। जब आपको परीक्षा कक्ष के अंदर प्रश्न पत्र मिले, तो जल्दबाजी बिल्कुल न करें। सबसे पहले यह जरूर चेक कर लें कि वो उसी भाषा (अंग्रेजी, हिंदी या क्षेत्रीय भाषा) में है, जिसे आपने फॉर्म भरते वक्त चुना था। तसल्ली करने के बाद ही पेपर हल करना शुरू करें।
इसके अलावा, ओएमआर (OMR) शीट भरते वक्त बेहद सावधानी बरतें। अपना रोल नंबर, पेपर का कोड, प्रश्न पत्र नंबर और बाकी सारी अपनी निजी जानकारी बहुत ही इत्मीनान के साथ भरें। ओएमआर में हुई एक छोटी सी गलती आपकी सालों की मेहनत पर पानी फेर सकती है।
परीक्षा का पैटर्न और नेगेटिव मार्किंग
चलिए अब बात करते हैं पेपर के पैटर्न और मार्किंग स्कीम की। इस इम्तिहान में कुल 180 बहुविकल्पीय (ऑब्जेक्टिव) सवाल पूछे जाएंगे।
विषयवार सवाल: फिजिक्स के 45, केमिस्ट्री के 45 और बायोलॉजी (बॉटनी और जूलॉजी मिलाकर) के 90 सवाल होंगे।
कुल अंक: यह पूरा पेपर 720 अंकों का होगा।
मार्किंग स्कीम: हर सही जवाब पर आपको 4 नंबर मिलेंगे, लेकिन अगर आपने कोई जवाब गलत दिया, तो नेगेटिव मार्किंग के तहत 1 नंबर काट लिया जाएगा।
इसी नीट यूजी के स्कोर के आधार पर ही देश भर में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस और बीएससी नर्सिंग जैसे अहम मेडिकल कोर्सेज में दाखिला दिया जाता है।
बिहार में 1.65 लाख छात्रों ने किया आवेदन
अगर बिहार के नजरिए से देखें तो इस बार राज्य से जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। अकेले बिहार से तकरीबन 1 लाख 65 हजार छात्रों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है। पूरी परीक्षा भारत के 552 शहरों के साथ-साथ विदेशों के 14 सेंटर्स पर आयोजित हो रही है।
बिहार की बात करें तो सूबे के 35 जिलों में कुल 142 से भी ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, बक्सर से लेकर चंपारण और सीमांचल के जिलों में भी सेंटर्स की पूरी तैयारी कर ली गई है। अकेले राजधानी पटना में ही 96 सेंटर्स बनाए गए हैं, जहां करीब 85 हजार परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। प्रशासन ने भी किसी भी तरह की नकल रोकने और परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है।
आखिरी वक्त में छात्रों को यही सलाह है कि नया कुछ पढ़ने के बजाय अपने रिवीजन पर ज्यादा जोर दें। एडमिट कार्ड का स्पष्ट प्रिंट आउट निकाल लें और उसमें दिए गए सभी निर्देशों को कम से कम दो बार जरूर पढ़ लें। एग्जाम सेंटर पर अपना एडमिट कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और एक वैलिड आईडी प्रूफ साथ ले जाना बिल्कुल न भूलें। खुद पर भरोसा रखें और बिना किसी घबराहट के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।




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