खुशखबरी! यूपी में डाटा ऑपरेटर की बंपर भर्ती, 2505 स्कूलों को भी जल्द मिलेंगे नए प्रिंसिपल
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। यूपी में डाटा ऑपरेटर, अकाउंटेंट और स्कूलों में प्रधानाचार्यों के हजारों पदों पर शानदार भर्तियां निकली हैं।

नौकरी की राह देख रहे उत्तर प्रदेश के नौजवानों के लिए एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने रोजगार के मोर्चे पर अपना खजाना खोल दिया है। एक तरफ जहां राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर और अकाउंटेंट के पदों पर बंपर बहाली होने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सूबे के एडेड माध्यमिक विद्यालयों में सालों से खाली पड़े प्रधानाचार्यों के पदों को भरने का रास्ता भी बिल्कुल साफ हो गया है। अगर आप भी लंबे समय से किसी अच्छी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो अब कमर कसने का वक्त आ गया है। आइए, आपको इन दोनों भर्तियों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बातें विस्तार से बताते हैं।
आजीविका मिशन में 1249 पदों पर मौका
सबसे पहले बात करते हैं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की। सूबे के अलग-अलग जिलों और ब्लॉकों में कामकाज को रफ्तार देने के लिए 1249 पदों पर नई भर्तियां निकाली गई हैं। ये भर्तियां मुख्य रूप से डाटा एंट्री ऑपरेटर और अकाउंट सहायकों के लिए होनी हैं। मिशन की निदेशक दीपा रंजन ने इस पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट एजेंसी के जरिए ये नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए सरकार के आधिकारिक 'सेवायोजन पोर्टल' के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं। हालांकि, उम्मीदवारों को यह बात ध्यान में रखनी होगी कि इन पदों पर चुने गए सभी लोग सेवा प्रदाता एजेंसी के ही कर्मचारी माने जाएंगे। इसके साथ ही, पदों की संख्या जरूरत के हिसाब से घट या बढ़ भी सकती है। भर्ती की इस पूरी प्रक्रिया को किसी भी वक्त निरस्त करने या उसमें बदलाव करने का पूरा हक मिशन के पास महफूज रहेगा।
अगर आप इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो तारीखों का खास ख्याल रखें। जिला स्तर पर डाटा एंट्री ऑपरेटर (MIS सहायक) के 188 पदों के लिए 6 मई तक फॉर्म भरे जा सकते हैं। वहीं, ब्लॉक स्तर के डाटा एंट्री ऑपरेटर के 235 पदों के लिए आखिरी तारीख 7 मई तय की गई है। इसके अलावा, सबसे ज्यादा वैकेंसी ब्लॉक स्तर पर अकाउंट सहायक के पदों के लिए हैं। यहां कुल 826 पदों पर भर्ती होनी है और इसके लिए 5 मई तक आवेदन किया जा सकता है। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि इन भर्तियों में महिलाओं, दिव्यांगों, पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के लिए आरक्षण के नियम पूरी तरह से लागू होंगे। उम्र की सीमा, पढ़ाई-लिखाई, तजुर्बा और चयन के तरीके जैसी बाकी सारी जानकारियां सेवायोजन पोर्टल (sewayojan.up.nic.in) या मिशन की वेबसाइट पर विस्तार से मौजूद हैं।
प्रधानाचार्यों की भर्ती पर दूर हुआ संशय
अब रुख करते हैं शिक्षा विभाग की तरफ, जहां एक बड़ा संशय आखिरकार खत्म हो गया है। यूपी के 4517 सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने एक आरटीआई (RTI) के जवाब में यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि अब प्रधानाचार्यों का चुनाव सिर्फ इंटरव्यू के भरोसे नहीं होगा। इसके लिए उम्मीदवारों को बकायदा एक लिखित परीक्षा देनी होगी और उसे पास करने के बाद ही साक्षात्कार (इंटरव्यू) की बारी आएगी।
दरअसल, पहले शासन ने लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों के जरिए भर्ती का आदेश दिया था, लेकिन जब नए चयन आयोग का अधिनियम बना तो उसमें इसका कोई स्पष्ट जिक्र नहीं था। इसी वजह से अभ्यर्थियों के मन में एक उलझन बनी हुई थी कि आखिर परीक्षा का पैटर्न क्या होने वाला है। आपको याद दिला दें कि इससे पहले साल 2013 में जब माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने विज्ञापन निकाला था, तब सिर्फ इंटरव्यू के आधार पर ही प्रधानाचार्यों की कुर्सी सौंप दी गई थी। लेकिन अब वक्त बदल चुका है और पारदर्शिता पर पूरा जोर है।
2505 पदों पर होगी बहाली
नया शिक्षा आयोग पूरी तरह से एक्शन में आ चुका है और 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले टीजीटी (TGT), पीजीटी (PGT) के साथ-साथ प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों की भारी-भरकम भर्ती करने की तैयारी में है। शिक्षा निदेशालय के आंकड़ों पर गौर करें तो इस वक्त सूबे के इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1502 और हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 1003 पद खाली पड़े हैं। कुल मिलाकर यह आंकड़ा 2505 का बैठता है। इन पदों को तेजी से भरने के लिए ऑनलाइन अधियाचन (मांग पत्र) लेने का पोर्टल भी बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है।
चयन आयोग के पीआरओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने भी इस बात पर अपनी मुहर लगा दी है। उनका कहना है कि आयोग के नियमों में जरूरी संशोधन का काम काफी तेजी से चल रहा है और यह पक्का है कि प्रधानाचार्यों की भर्ती लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के ही जरिए परवान चढ़ेगी। कुल मिलाकर लब्बोलुआब यह है कि उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों का एक बड़ा दौर शुरू होने वाला है। मौके बेशुमार हैं, बस जरूरत है तो अपनी तैयारी को धार देने और सही वक्त पर किस्मत आजमाने की।




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