NEET: 'आखिर आपकी नजर में क्या है पेपर लीक?' नीट पेपर लीक के बाद संसदीय समिति का NTA से तीखा सवाल
नीट विवाद पर संसदीय समिति ने एनटीए से पूछा कि 'पेपर लीक' की परिभाषा क्या है? एनटीए के 'गेस पेपर' वाले दावे पर समिति ने घेरा। सीबीएसई से भी ऑनस्क्रीन मार्किंग के दस्तावेज मांगे गए हैं।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी' (NEET-UG) को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर खबरों में आ गया है। इस बार संसद की एक समिति ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के दावों पर कड़े सवाल उठाए हैं। दरअसल, संसद की स्थायी समिति ने एनटीए से साफ शब्दों में पूछा है कि वह 'पेपर लीक की परिभाषा' स्पष्ट करे। समिति ने यह कड़ा रुख तब अपनाया, जब एनटीए के अधिकारियों ने दावा किया कि उनकी एजेंसी से नीट-यूजी का कोई भी पेपर लीक नहीं हुआ था।
समिति के सामने एनटीए का अजीब दावा, मिला करारा जवाब
शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थाई समिति इन दिनों नीट पेपर लीक और सीबीएसई के ऑनस्क्रीन मार्किंग (OSM) मामलों की बारीकी से समीक्षा कर रही है। इस बेहद महत्वपूर्ण समिति की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पिछले हफ्ते समिति ने एनटीए और सीबीएसई (CBSE) के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान एनटीए के अधिकारियों ने एक अजीब दलील दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले जो सामग्री बाहर आई थी, वह असल में सिर्फ एक 'गेस पेपर' (अनुमानित प्रश्नपत्र) था, जो लोगों के बीच बांटा गया था। एनटीए के इस दावे पर समिति के सदस्य हैरान रह गए। समिति ने तुरंत अधिकारियों को घेरते हुए पूछा कि अगर परीक्षा का मूल कंटेंट पहले ही बाहर आ जाना पेपर लीक नहीं है, तो फिर एनटीए के नियमों के अनुसार 'पेपर लीक' किसे कहा जाता है? एनटीए को अब 10 जून तक इस बात का लिखित जवाब देना है।
सीबीएसई की ऑनस्क्रीन मार्किंग पर भी उठे सवाल, दस्तावेज गायब
संसदीय समिति की रडार पर सिर्फ एनटीए ही नहीं, बल्कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) भी है। समिति ने सीबीएसई में लागू ऑनस्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल पूछे हैं। समिति ने बोर्ड से फरवरी 2025, मई 2025 और अगस्त 2025 में जारी किए गए 'प्रस्ताव अनुरोध' (RFP) से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज साझा करने के निर्देश दिए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि सूत्रों के अनुसार, सीबीएसई ने अब तक ये महत्वपूर्ण दस्तावेज समिति के सामने पेश नहीं किए हैं। इस मामले में सीबीएसई को सोमवार तक का समय दिया गया है।
दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एंट्री ली है। उन्होंने ऑनस्क्रीन मार्किंग (OSM) के लिए वेंडर ठेका लेने वाली कंपनी के चयन में होने वाली गड़बड़ियों और धांधली का पर्दाफाश करने वाले छात्रों की खुलकर सराहना की है।
यह पूरा मामला देश के उन लाखों छात्रों और युवाओं से जुड़ा है, जो दिन-रात मेहनत कर सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में संसद की इस समिति द्वारा उठाए गए कदम छात्रों के बीच न्याय की एक नई उम्मीद जगा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 10 जून को एनटीए पेपर लीक की क्या परिभाषा पेश करता है।




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