12वीं में 55 फीसदी और NEET में सरकारी कॉलेज! पेपर लीक मामले में गिरफ्तार बिवाल परिवार पर बड़ा खुलासा
राजस्थान से जिस बिवाल परिवार के सदस्यों को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है, साल 2025 में उसी परिवार की सफलता के चर्चे पूरे देश में थे।

राजस्थान से जिस बिवाल परिवार के सदस्यों को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है, साल 2025 में उसी परिवार की सफलता के चर्चे पूरे देश में थे। पिछले साल इस परिवार के पांच बच्चों ने नीट प्रवेश परीक्षा पास कर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया था। लेकिन अब एक साल बाद, इस मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने पेपर लीक मामले में दिनेश बिवाल, उसके भाई मांगीलाल और भतीजे विकास को गिरफ्तार किया है
चौंका रहे पिछले रिजल्ट
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के लिए सबसे चौंकाने वाली बात इन बच्चों के 10वीं- 12वीं के नतीजे और नीट के नतीजों के बीच का भारी अंतर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा पास करने वाले सभी छात्रों के 10वीं और 12वीं के अंक काफी औसत रहे थे। मांगीलाल के बेटे विकास ने 12वीं में मात्र 55 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे। विकास ने नीट 2024 में केवल 270 अंक प्राप्त किए थे और सीकर के एक कोचिंग संस्थान में हुए 46 टेस्ट्स में उसका एवरेज स्कोर 384 था, लेकिन नीट 2025 में उसने 85.11 फीसकी नंबर हासिल कर लिए।
यही स्थिति मांगीलाल की बेटी प्रगति की भी रही, जिसने दौसा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया। प्रगति ने नीट 2024 में 332 अंक हासिल किए थे और कोचिंग के टेस्ट्स में उसका एवरेज 302 के करीब था, फिर भी उसने नीट 2025 में 89.08 फीसदी नंबर हासिल कर लिए।
जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है क्या यह कामयाबी वाकई मेहनत का नतीजा थी या फिर पेपर लीक नेटवर्क के जरिए सीटें हासिल की गई थीं। जिस सफलता पर दिनेश बीवाल ने 6 नवंबर 2025 को फेसबुक पोस्ट लिखकर गर्व जताया था, आज उसी परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस ने भी उठाए गंभीर सवाल
राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के नेताओं नेनीट की पिछले दो साल में हुई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि 2026 केपेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश बिवाल की गिरफ्तारी ने पिछले कुछ सालों से सक्रिय एक गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल के परिवार के पांच बच्चों को 2025 में सरकारी एमबीबीएस कॉलेजों में दाखिला मिला था।
डोटासरा ने आरोप लगाया, नीट का 2024 और 2025 का प्रश्नपत्र भी लीक हुआ था। सरकार ने नहीं इस घोटाले के सरगनाओं को बचने के लिए इसे लीक नहीं माना। उन्होंने दावा किया कि आरोपी एक गिरोह का हिस्सा थे, जो जमवारामगढ़ से काम करता था।
पेपर दूसरों को बेचने से पहले खुद के परिवार को देने का आरोप
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि आरोपी 'लीक' पेपर दूसरों को बेचने से पहले अपने परिवार के सदस्यों के लिए इस्तेमाल करते थे। उन्होंने कहा, आरोपियों के परिवार के पांच बच्चे नीट-यूजी 2024 में बैठे थे लेकिन सफल नहीं हो पाए थे। 2025 में उन्हें पेपर मिल गया और उन पांचों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिल गया।
दिनेश बिवाल ने नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर एक 'पोस्ट' में लिखा था, यह मेरे परिवार के लिए गर्व की बात है कि हमारे पांच बच्चों का चयन सरकारी मेडिकल कॉलेज (एमबीबीएस) में हुआ है। सभी बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
सीबीआई ने बुधवार को नीट-यूजी प्रश्न पत्र लीक मामले के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें जयपुर के तीन लोग शामिल हैं। जयपुर से गिरफ्तार किए गए लोगों में मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल शामिल हैं।
भाषा से इनपुट




साइन इन