Re-NEET एग्जाम के लिए सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह; CRPF, CISF, एयरफोर्स संभालेंगे कमान?
Re-NEET Exam 2026: नीट री-एग्जाम की सुरक्षा के लिए वायुसेना के विमानों, हेलीपैड और 551 हब्स को सुरक्षित किया गया है। पेपर लीक रोकने के लिए CRPF, BSF और CISF को टू-टीयर सुरक्षा कवच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

NEET Re-Exam: देश की सबसे बड़ी और सबसे चर्चित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी री-एग्जाम' (NEET UG Re-Exam 2026) को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा सुरक्षा प्लान तैयार किया है। हाल ही में हुए विवादों से सबक लेते हुए, इस बार होने वाली21 जून को होने वाली दोबारा नीट परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के विमानों से लेकर देश के सबसे भरोसेमंद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) को मैदान में उतार दिया गया है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को इतनी मजबूती दी जा रही है कि परिंदा भी पर न मार सके।
वायु सेना के विमानों से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र; हेलीपैड और 551 हब्स सुरक्षित
इस बार सुरक्षा का स्तर सामान्य से कई गुना ऊपर है। नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को देश के अलग-अलग कोनों में सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना के विशेष एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही नहीं, जिन सुदूर या संवेदनशील इलाकों में हवाई जहाजों की पहुंच आसान नहीं है, वहां के लिए विशेष हेलीपैड सुरक्षित किए गए हैं ताकि समय पर और बिना किसी छेड़छाड़ के पेपर परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकें।
यह परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड (ऑफलाइन) में आयोजित की जाएगी। पूरे देश में प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए 551 विशेष हब्स बनाए गए हैं। इन सभी हब्स की सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि वहां 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इन हब्स से परीक्षा केंद्रों तक पेपर ले जाने के हर एक रास्ते और मूवमेंट को पूरी तरह सील और ट्रैक किया जाएगा।
कैसे पहुंचेंगे प्रश्नपत्र?
राज्य के मुख्य हब्स से पेपर परीक्षा केंद्रों तक एनटीए अधिकारियों, राज्य प्रशासन और स्थानीय पुलिस की देखरेख में भेजे जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, वितरण केंद्रों से सेंटर्स तक पेपरों को पूरी तरह सुरक्षित पहुंचाने के लिए सीआरपीएफ (CRPF), बीएसएफ (BSF) और सीआईएसएफ (CISF) जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को भी तैनात किया जा सकता है।
CRPF और CISF का 'टू-टीयर' सुरक्षा कवच
परीक्षा की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को एक विशेष टास्क सौंपा है। इन बलों को 'टू-टीयर' (दो-स्तरीय) सुरक्षा कवच लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है:
प्रथम स्तर: इसके तहत प्रश्नपत्रों के मुख्य स्टोरेज हब्स, ट्रांसपोर्टेशन रूट्स और एयर लिफ्टिंग पॉइंट्स की सुरक्षा पूरी तरह केंद्रीय बलों के घेरे में होगी, जहां बिना अनुमति किसी को भी फटकने नहीं दिया जाएगा।
द्वितीय स्तर : इसके तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास और संवेदनशील पॉइंट्स पर स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के जवान मुस्तैद रहेंगे, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या डिजिटल गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि पिछली बार जो भी कमियां रह गई थीं, उन्हें इस बार पूरी तरह खत्म कर दिया जाए। पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है ताकि किसी एक व्यक्ति या ग्रुप के पास पूरी जानकारी न हो। 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है।




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