KVS Admission 2026: लिस्ट में नाम आना ही काफी नहीं, तैयार रखें ये जरूरी कागजात वरना छिन जाएगी सीट
kvs admission 2026 important documents: केंद्रीय विद्यालय में दाखिले की पहली लिस्ट आने वाली है, इसलिए माता पिता को एडमिशन के समय मांगे जाने वाले सभी जरूरी कागजातों की फाइल अभी से तैयार कर लेनी चाहिए।

kvs admission 2026 important documents: क्या आपने भी अपने बच्चे का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय (KVS) में कराने के लिए फॉर्म भरा है? अगर हां तो यकीनन इन दिनों आपके घर में भी 8 और 9 अप्रैल को आने वाली पहली लिस्ट का बेसब्री से इंतजार हो रहा होगा। मगर सिर्फ लिस्ट में नाम आ जाने से आपके बच्चे की सीट पक्की हो जाएगी? हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं है। असल में, लिस्ट में नाम आना तो बस पहला कदम है। असली चुनौती इसके बाद शुरू होती है, जब आपको स्कूल जाकर अपने दस्तावेजों की वेरिफिकेशन करानी होती है। पिछले सालों के एडमिशन ट्रेंड्स को खंगालने में यह बात साफ होती है कि हर साल हजारों बच्चों का एडमिशन सिर्फ इसलिए कैंसल हो जाता है क्योंकि उनके माता पिता वक्त पर सही कागजात पेश नहीं कर पाते। कई बार तो आधार और जन्म प्रमाण पत्र में नाम की स्पेलिंग अलग होने जैसी छोटी सी गलती भी भारी पड़ जाती है।
आइए, आपको तफसील से बताते हैं कि एडमिशन के वक्त आपको किन किन कागजातों की फाइल अपने साथ ले जानी होगी -
1. जन्म प्रमाण पत्र
यह सबसे अहम दस्तावेज है। बच्चे की उम्र सही है या नहीं, यह इसी से तय होता है। नगर निगम, ग्राम पंचायत या किसी भी सरकारी ऑथोरिटी द्वारा जारी किया गया ऑरिजिनल बर्थ सर्टिफिकेट आपके पास होना चाहिए। ध्यान रहे कि अस्पताल की डिस्चार्ज पर्ची को जन्म प्रमाण पत्र नहीं माना जाता। जो नाम इस सर्टिफिकेट में लिखा है, वही स्कूल के रिकॉर्ड में जिंदगी भर के लिए दर्ज होगा।
2. घर के पते का सुबूत
आप जहां रहते हैं, वहां का पक्का सुबूत आपको देना होगा। इसके लिए आप बच्चे या माता पिता का आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, बिजली का बिल, पानी का बिल या फिर रेंट एग्रीमेंट (अगर आप किराए पर रहते हैं) दे सकते हैं। स्कूल अक्सर ये देखता है कि बच्चा स्कूल से कितनी दूर रहता है। खासतौर पर जब एडमिशन 'राइट टू एजुकेशन' (RTE) कोटे के तहत हो रहा हो, तो दूरी का नियम बहुत सख्ती से लागू होता है।
3. पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
बच्चे की हाल ही में खींची गई 3 से 4 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो अपने पास जरूर रखें। ये फोटो फॉर्म पर चिपकाने, स्कूल के रजिस्टर और आई कार्ड जैसी चीजों के लिए मांगी जाती हैं।
4. जाति या कैटेगरी सर्टिफिकेट
अगर आपने फॉर्म भरते वक्त SC, ST या OBC (नॉन क्रीमी लेयर) कोटे का चुनाव किया है, तो आपको इसका सुबूत देना होगा। यह सर्टिफिकेट बच्चे के नाम पर या फिर पिता के नाम पर होना चाहिए। सबसे जरूरी बात, यह कागज राज्य या केंद्र सरकार के सक्षम अधिकारी (जैसे तहसीलदार या एसडीएम) द्वारा ही जारी किया हुआ होना चाहिए। पुरानी तारीखों का या एक्सपायर हो चुका सर्टिफिकेट लेकर जाएंगे, तो बात नहीं बनेगी।
5. सर्विस सर्टिफिकेट और ट्रांसफर का रिकॉर्ड
केंद्रीय विद्यालय में सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता दी जाती है। अगर आप केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, तो आपको अपने डिपार्टमेंट से एक 'सर्विस सर्टिफिकेट' बनवाकर देना होगा। इसके साथ ही, पिछले 7 सालों में आपके कितने ट्रांसफर हुए हैं, इसका रिकॉर्ड भी स्कूल मांगता है। इसी ट्रांसफर काउंट के आधार पर तय होता है कि आपको प्रायोरिटी लिस्ट में कौन सा नंबर मिलेगा।
6. EWS या BPL कार्ड
अगर आप अपने बच्चे का दाखिला RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत मुफ्त कोटे में करवा रहे हैं, तो आपको अपनी आमदनी का सुबूत देना होगा। इसके लिए आपके पास बीपीएल कार्ड (BPL Card) या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का वैलिड सर्टिफिकेट होना लाजमी है।
7. मेडिकल या विकलांगता प्रमाण पत्र
अगर बच्चा 'चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स' (CwSN) यानी दिव्यांग कैटेगरी में आता है, तो किसी सरकारी अस्पताल के सिविल सर्जन द्वारा जारी किया गया मेडिकल सर्टिफिकेट देना जरूरी है। इसमें विकलांगता का प्रतिशत साफ तौर पर लिखा होना चाहिए।
पेरेंट्स के लिए कुछ बेहद जरूरी टिप्स
स्पेलिंग जरूर क्रॉस चेक करें: सबसे ज्यादा दिक्कत आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र में नाम की स्पेलिंग अलग होने पर आती है। अगर ऐसा है, तो अभी भी कुछ दिन बाकी हैं, उसे अपडेट करवाने के लिए अप्लाई कर दें।
फोटोकॉपी का सेट बनाएं: ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के साथ साथ सभी कागजातों की कम से कम दो सेट फोटोकॉपी जरूर करा लें और उन्हें खुद अटेस्ट (सेल्फ अटेस्ट) कर लें।
ऑरिजिनल न भूलें: स्कूल वाले फोटोकॉपी तो जमा कर लेंगे, लेकिन उसे वेरिफाई करने के लिए ऑरिजिनल कागजात अपनी आंखों से जरूर देखेंगे। इसलिए हड़बड़ी में उन्हें घर पर भूलने की गलती न करें।




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