JPSC : जेपीएससी 14वीं के 22 अभ्यर्थी दे सकेंगे आवेदन, झारखंड लोक सेवा आयोग को कोर्ट का आदेश
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं परीक्षा में हाईकोर्ट से 22 अभ्यर्थियों को राहत मिली है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने गुरुवार को याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जेपीएससी को 14 फरवरी तक 22 अभ्यर्थियों का आवेदन स्वीकार करने का निर्देश दिया।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं परीक्षा में हाईकोर्ट से 22 अभ्यर्थियों को राहत मिली है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने गुरुवार को याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जेपीएससी को 14 फरवरी तक 22 अभ्यर्थियों का आवेदन स्वीकार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन अभ्यर्थियों का अंतिम रिजल्ट कोर्ट के आदेश से प्रभावित होगा और कोर्ट की अनुमति के बिना इनका रिजल्ट भी जारी नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने दलील रखी कि परीक्षा संचालन नियमावली की कंडिका 4(1) के तहत जेपीएससी को प्रति वर्ष परीक्षा का आयोजन करना है।
उसी तरह कंडिका 6 में राज्य सरकार को अधिकतम उम्र सीमा में छूट का अधिकार है। इसी के तहत राज्य सरकार ने 7वीं से 10वीं और 11वीं से 13वीं जेपीएससी की परीक्षा में उम्रसीमा में छूट भी दी थी। लेकिन, 14वीं जेपीएससी में सरकार अधिकतम उम्र सीमा में छूट नहीं दे रही है। इसी को आधार बना कोर्ट से उम्रसीमा में छूट देने का प्रार्थियों ने आग्रह किया है।
जेपीएससी जेट का शेड्यूल जारी करे- कोर्ट
झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेट) 2024 की तिथि को लेकर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। खंडपीठ ने जेपीएससी के सचिव को शपथपत्र दाखिल कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि जेट-2024 की अंतिम परीक्षा तिथि क्या है। इसके आयोजन को लेकर अब तक क्या-क्या ठोस तैयारियां की गई हैं। सुनवाई के दौरान जेपीएससी के अपर सचिव की ओर से मार्च माह में संभावित परीक्षा होने की बात कही गई, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया और इसे टालमटोल का संकेत माना। खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जब इस परीक्षा के लिए 1,75,000 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है और दिसंबर 2025 में आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है, तो ढाई महीने बीत जाने के बाद भी परीक्षा क्यों नहीं कराई गई। अदालत ने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से जेट आयोजित नहीं हुई है, जिससे प्रतीत होता है कि आयोग इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी।
जानिए क्या है पूरा मामला
- यह मामला असिस्टेंट प्रोफेसर एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान उठा।
- जेपीएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि जेट 2024 आयोजित की जा रही है और इसका परिणाम शीघ्र जारी किया जाएगा।
- इसके बाद विश्वविद्यालय शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा।
- आयोग ने यह भी कहा कि जेट के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देने के लिए ही अब तक विश्वविद्यालयों में नियुक्ति विज्ञापन जारी नहीं किया गया है।
क्या है याचिका में
प्रार्थी अनिकेत ओहदार एवं अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से असिस्टेंट प्रोफेसरों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति नहीं की गई है। आरोप है कि संविदा के आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। याचिकाकर्ताओं ने संविदा नियुक्तियों के बजाय नियमित बहाली की मांग की है।




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