JET Exam 2026: कैसा था पेपर, कई केंद्रों पर कर्फ्यू जैसा था माहौल; रांची में अभ्यर्थियों ने क्यों काटा बवाल
झारखंड पात्रता परीक्षा 2024 में एक ओर धनबाद के 70 केंद्रों पर शांतिपूर्ण आयोजन हुआ, वहीं रांची के केराली स्कूल सेंटर पर प्रश्नपत्र की कमी से अभ्यर्थियों ने हंगामा किया।

रविवार को आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा 2024 ने एक ही दिन में दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश कर दीं। जहां एक तरफ धनबाद जिले के 70 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पूरी सख्ती और शांति के साथ बिना किसी शिकायत के संपन्न हुई, वहीं राजधानी रांची के एक सेंटर पर अव्यवस्था इतनी बढ़ गई कि अभ्यर्थियों ने हंगामा तक कर दिया। यह विरोधाभास दिखाता है कि तैयारी मजबूत हो तो व्यवस्था संभलती है, लेकिन छोटी चूक भी माहौल बिगाड़ सकती है।
सख्ती के बीच शांतिपूर्ण परीक्षा
धनबाद में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू की गई और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तय समय पर चली और कहीं से भी किसी तरह की शिकायत सामने नहीं आई। अधिकारियों की लगातार निगरानी और व्यवस्थित प्रबंधन ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखा।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। प्रत्येक छात्र को उसकी निर्धारित सीट पर बैठाया गया, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। उड़नदस्ता टीम, जोनल मजिस्ट्रेट और कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी ने पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित रखा।
प्रश्नपत्र की कमी से भड़का गुस्सा
दूसरी ओर राजधानी रांची के एचईसी आवासीय परिसर स्थित केराली स्कूल सेंटर पर हालात बिगड़ गए। यहां भूगोल विषय के प्रश्नपत्र समय पर और पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच सके। सुबह से कतार में खड़े अभ्यर्थियों को जब यह जानकारी मिली कि प्रश्नपत्र कम हैं, तो उनका आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
120 प्रश्नपत्र पड़े कम
जानकारी के मुताबिक, इस सेंटर पर 600 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी, लेकिन जब प्रश्नपत्र का पैकेट खोला गया तो उसमें 120 प्रश्नपत्र कम निकले। इस चूक ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत आयोग को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
अभ्यर्थियों का विरोध
जिन छात्रों को प्रश्नपत्र नहीं मिला, उन्होंने ओएमआर शीट फाड़ने और परीक्षा के सामूहिक बहिष्कार की बात तक कह दी। करीब 40 मिनट तक केंद्र पर हंगामे की स्थिति बनी रही। अभ्यर्थियों का कहना था कि इतनी बड़ी परीक्षा में इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
अतिरिक्त समय देकर शांत कराया माहौल
हालांकि, बाद में स्कूल प्रबंधन ने अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। इसके बाद परीक्षा किसी तरह शुरू कराई जा सकी, लेकिन इस घटना ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए।
कैसा था पेपर का स्तर
जहां परीक्षा सुचारु रूप से हुई, वहां से निकलने वाले अभ्यर्थियों के चेहरों पर संतोष दिखा। उनका कहना था कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था और तैयारी के अनुसार सवाल पूछे गए थे। इससे उन्हें परीक्षा देने में ज्यादा कठिनाई नहीं हुई।




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