ISC Topper : झारखंड की बेटी शांभवी के 500 में से 500 अंक, बनीं AIR 1, बंगाल की अनुष्का के भी 100 फीसदी मार्क्स
झारखंड की जमशेदपुर के सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम वार्ड-17 निवासी शांभवी तिवारी ने सीआईएससीई 12वीं (बायो साइंस) में देशभर में टॉप कर इतिहास रच दिया है। 12वीं साइंस में सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट जमशेदपुर की शांभवी तिवारी ने 100% अंक लाकर नेशनल टॉपर का गौरव हासिल किया है।

झारखंड की जमशेदपुर के सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम वार्ड-17 निवासी शांभवी तिवारी ने सीआईएससीई 12वीं (बायो साइंस) में देशभर में टॉप कर इतिहास रच दिया है। 12वीं साइंस में सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट जमशेदपुर की शांभवी तिवारी ने 100% अंक लाकर नेशनल टॉपर का गौरव हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से खुशी का माहौल है। शांभवी वर्तमान में नीट की तैयारी कर रही हैं। उनका लक्ष्य एक सफल डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है।
सेक्रेड हार्ट कान्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता राजेश रमण आकाशवाणी में कार्यरत हैं, जबकि माता निभा सिन्हा सेंट मेरीज इंग्लिश हाईस्कूल में भौतिकी की शिक्षिका हैं। परिवार में शिक्षा का माहौल उनकी सफलता का अहम आधार माना जा रहा है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनके स्कूल और परिवार में उत्साह है, बल्कि पूरे जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्र में गर्व की भावना है। शांभवी की सफलता उन छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करते हैं।
अनुष्का घोष के भी 100 फीसदी अंक
पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना की अनुष्का घोष ने भी पूरे 100 फीसदी अंक हासिल किए हैं। 10वीं क्लास में वह पूरे 100 फीसदी अंक पाने से 2 अंक चूक गई थीं। अपने फेवरेट विषय इंग्लिश में उनके 98 अंक थे। तभी उन्होंने ठान लिया था कि वो इंग्लिश में पूरे 100 लाकर रहेंगी। अनुष्का ने बताया कि ICSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में इंग्लिश में दो नंबर कम आना ही इस साल उनके शानदार प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ी प्रेरणा बना। उन्होंने कहा, "मुझे बहुत खुशी और बहुत शुक्रगुज़ारी महसूस हो रही है। 10वीं क्लास में मुझे 500 में से 498 नंबर मिले थे और जो दो नंबर कम हुए थे, वे इंग्लिश में थे, जो मेरा पसंदीदा विषय है। मैं इस बात से थोड़ी दुखी थी। इसलिए उसी पल मैंने तय कर लिया था कि 12वीं क्लास में मुझे पूरे नंबर लाने हैं।" उनका पक्का इरादा रंग लाया, क्योंकि उन्हें न सिर्फ़ कुल मिलाकर पूरे नंबर मिले, बल्कि इंग्लिश में भी 100 में से 100 नंबर मिले।
अनुष्का ने अपनी पढ़ाई के सफर में अहम भूमिका निभाने के लिए अपनी मां और अपने स्कूल पानीहाटी के सेंट डेविड्स इंस्टीट्यूशन को इसका श्रेय दिया। उन्होंने कहा, 'बचपन में मेरी मां ही मुझे पढ़ाती थीं। किंडरगार्टन से ही मेरा स्कूल मेरे लिए दूसरे घर जैसा रहा है। मेरे टीचर अब मेरे परिवार जैसे बन गए हैं।'
स्कूल से मिले सहयोग की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि टीचर हमेशा आसानी से उपलब्ध रहते थे और जब भी छात्रों को मदद की ज़रूरत होती थी, वे हाजिर रहते थे। ISC टॉपर ने अब इंजीनियरिंग को अपना लक्ष्य बनाया है। उन्होंने कहा, 'अभी मैं इंजीनियरिंग की तैयारी कर रही हूं और मैं इंजीनियरिंग ही करूंगी।'




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