IPU Admission : आईपीयू में 25 नए कोर्स, दाखिले की रेस 2 फरवरी से, BTech सीटें बचीं तो CUET से मौका
IPU Admission 2026: आईपीयू में 2 फरवरी से 130 संबद्ध कॉलेजों और विश्वविद्यालय स्कूलों की 43 हजार से अधिक सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। इस बार अगर जेईई मेन से बीटेक सीटें नहीं भरीं तो सीयूईटी यूजी स्कोर से दाखिला लिया जाएगा।

IPU Admission 2026 : गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश विवरणिका जारी कर दी है। 2 फरवरी से संस्थान स्नातक, परास्नातक और पीएचडी कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर देगा। विवरणिका जारी करने के बाद दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह दाखिला का डॉक्यूमेंट नहीं, बल्कि विश्वास का वादा है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली से बाहर जाते थे, लेकिन आज यह परिदृश्य बदल चुका है। लोग दिल्ली में बेहतर अवसर के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा दिल्ली शिक्षा का हब बन रहा है।
मंत्री ने कहा है आईपीयू नए सत्र में शैक्षणिक विस्तार की दिशा में कदम उठा रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालय लगभग 25 नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करेगा, नौ नए संस्थानों को संबद्ध करेगा और गुयाना में एक नए अकादमिक कैंपस का विकास करेगा।
छात्रों के लिए कुल 40 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महेश वर्मा ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया केवल छात्रों को दाखिला देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें प्रेरित करने का क्रम है। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय 230 से अधिक स्नातक, परास्नातक और शोध कार्यक्रमों में दाखिले की पेशकश कर रहा है। द्वारका और सूरजमल विहार परिसरों में लगभग 4300 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि संबद्ध संस्थानों को मिलाकर सीटों की संख्या 40 हजार से अधिक है।
अनाथ बच्चों को फीस में 100 फीसदी छूट
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय समावेशी शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगल गर्ल चाइल्ड, खेल कोटा और अनाथ बच्चों के लिए 100 प्रतिशत फीस माफी जैसी व्यवस्थाएं की गईं हैं। जिससे उन्हें बिना किसी बाधा के बेहतर शिक्षा मिल सके।
दिल्लीवालों के लिए 85 फीसदी सीटें आरक्षित
प्रवेश प्रक्रिया जेईई मेन, नीट, क्लैट, क्यूएट समेत राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, विश्वविद्यालय सीईटी और योग्यता के आधार पर होगी। इस विश्वविद्यालय में 85 फीसदी सीटें दिल्ली से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए आरक्षित हैं।
बीटेक सीटें बचने पर सीयूईटी स्कोर से भरी जाएंगी ( IPU BTech Admission 2026 )
कुलपति ने बताया कि इस साल बीटेक कार्यक्रम में सीटें बचने पर उन्हें सीयूईटी स्कोर के माध्यम से भरने का फैसला किया है। अब तक बीटेक में दाखिले जेईई मेन के माध्यम से ही होते थे। उन्होंने बताया कि आईपीयू के विभिन्न प्रोग्राम में दाखिला एंट्रेस टेस्ट सीईटी से होगा। इसके अतिरिक्त कुछ स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए खाली सीटें कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के माध्यम से भरी जाएंगी।
शिक्षकों की दक्षता पर भी जोर
विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा और समावेशी शिक्षा को भी मजबूत कर रहा है। इसके तहत बीए-बीएड (विशेष एवं समावेशी शिक्षा) कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, श्रवण बाधित, बौद्धिक दिव्यांगता, बहु-दिव्यांगता और दृष्टिबाधित जैसी विशेषज्ञताएं शामिल होंगी। आईपीयू ने कोऑपरेटिव रिपब्लिक ऑफ गुयाना में अंतरराष्ट्रीय ऑफ-शोर कैंपस स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। यह पहल भारत-गुयाना शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करेगी। कैंपस में शिक्षक शिक्षा, प्रबंधन अध्ययन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स पर खास जोर रहेगा।
IPU में यह नए कोर्स शुरु किए जा रहे
आईपीयू में इस सत्र से 25 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। जिनमें बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस) लेटरल एंट्री इन बीएस (पैकेजिंग टेक्नोलॉजी) एमटेक (रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एमए मास कम्युनिकेशन (वीकेंड प्रोग्राम), चयनित विषयों में अतिरिक्त वीकेंड कार्यक्रम, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ स्टडीज), बीटेक इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, बीएससी क्लिनिकल साइकोलॉजी, बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस) बीटेक (कंप्यूटर साइंस एंड बिजनेस सिस्टम्स), टीचर एजुकेशन और इनक्लूसिव एजुकेशन और बीए बीएड (स्पेशल एंड इनक्लूसिव एजुकेशन-आईएसआईटीईपी शामिल हैं। स्पेशल इनक्लूसिव में इन विशेषज्ञताओं में कोर्स किया जा सकेगा, ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, हियरिंग इम्पेयरमेंट, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी, लर्निंग डिसेबिलिटी, मल्टीपल डिसेबिलिटी, विजुअल इम्पेयरमेंट।
09 नए संस्थानों को संबद्ध करने की संस्थान ने बनाई है योजना
इस वर्ष विश्वविद्यालय में नौ नए संस्थान संबद्ध किए गए हैं। इनमें से पांच स्व वित्तपोषित संस्थान हैं, जिनमें विज़न इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, एमआर भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग, रॉयल इंटरनेशनल स्कूल ऑफ नर्सिंग, एशिया पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट, शामिल है। जबकि चार सरकारी संस्थानों में स्वामी दयानंद अस्पताल, दिलशाद गार्डन है। यहां से एमडी जनरल मेडिसिन, एमडी एनेस्थीसियोलॉजी, एमडी डर्मेटोलॉजी, एमडी पैथोलॉजी, एमएस जनरल सर्जरी, एमएस ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी, एमएस ऑप्थैल्मोलॉजी, एमएस ऑर्थोपेडिक्स, एमएस ईएनटी की पढ़ाई हो सकेगी। अन्य संस्थानों में दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्यूबरकुलोसिस एंड रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ेज़, गुरु नानक आई सेंटर शामिल है।
गुयाना में अंतरराष्ट्रीय कैंपस बनेगा
आईपीयू का को-ऑपरेटिव रिपब्लिक ऑफ गुयाना में एक ऑफ-शोर कैंपस भी जल्द स्थापित होगा। इस संबंध में प्रस्ताव गुयाना सरकार के शिक्षा मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया है, जिसका उद्देश्य भारत-गुयाना शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करना है।




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