IIT : आईआईटी ने शुरू किया 4 साल का डिग्री कोर्स, JEE एडवांस्ड नहीं JEE Main स्कोर से मिलेगा दाखिला
IIT कानपुर ने साइबर फ्रॉड और हैकिंग से निपटने के लिए जुलाई से बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी नामक नया चार वर्षीय कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स में प्रवेश JEE Advanced के बजाय JEE Main स्कोर के आधार पर दिया जाएगा।

साइबर फ्रॉड व हैकिंग से निपटने के लिए आईआईटी कानपुर अब साइबर वॉरियर्स तैयार करेगा। इसको लेकर आईआईटी कानपुर ने साइबर सुरक्षा में बैचलर कोर्स शुरू किया है, जिसका नाम बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी रखा गया है। इसमें छात्रों को प्रवेश अन्य ब्रांचों की तरह जेईई एडवांस्ड रैंक ( JEE Advanced Rank ) से नहीं बल्कि जेईई मेन स्कोर (JEE Main Score ) के अलावा लिखित परीक्षा और हैकाथॉन के माध्यम से मिलेगा। चार साल के कोर्स की शुरुआत जुलाई से होगी।
जेईई मेन स्कोर से होगा दाखिला
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर फ्रॉड व हैकिंग को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। जिसे देखते हुए आईआईटी कानपुर ने यह पहल की है। इस कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया पारंपरिक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों से अलग होगी। अभ्यर्थियों को पहले जेईई मेन के अंकों और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में उनके पूर्व किए कार्यों के आधार पर शार्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को आईआईटी कानपुर परिसर में आयोजित व्यक्तिगत परीक्षा और हैकाथॉन में भाग लेना होगा। जिसमें क्वालीफाई करने वाले छात्रों को प्रवेश मिलेगा।
सायबर सिक्योरिटी देश की सुरक्षा का अहम हिस्सा
संस्थान के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि साइबर सुरक्षा, वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। भविष्य के युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं होंगे, उसे साइबर स्पेस में भी लड़ा जाएगा। ऐसे में देश को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण संरचनाओं को सुरक्षित रखने को कुशल विशेषज्ञों की आवश्यकता है। प्रो. अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम के पहले दो वर्षों में छात्रों को संस्थान में रहकर साइबर सुरक्षा से जुड़े सैद्धांतिक विषयों का अध्ययन करना होगा। साथ ही प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इंटर्नशिप का अवसर
इसके बाद अगले दो वर्षों में छात्रों को विभिन्न सरकारी सुरक्षा संगठनों में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा, जहां वे वास्तविक साइबर खतरों और चुनौतियों पर काम करेंगे।
कौन करेगा संचालन
इसका संचालन संस्थान के वाधवानी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड इंटेलीजेंट सिस्टम्स की ओर से किया जाएगा। स्कूल के डीन प्रो. नितिन सक्सेना ने कहा कि साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट की मांग बढ़ रही है। मजबूत शैक्षणिक आधार और वास्तविक अनुभव के संयोजन से अत्यधिक कुशल पेशेवर तैयार करेगा। जल्द इसका एक वेबपेज भी लांच किया जाएगा। जहां, प्रवेश से लेकर अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी।




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