न नौकरी जाने का डर न AI का खतरा; बेरोजगार हुए IIT ग्रेजुएट की पोस्ट वायरल, किसे बताया सबसे शानदार करियर
एक IIT ग्रेजुएट ने नौकरी जाने के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया कि भारत में MBBS सबसे सुरक्षित करियर है। इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर और क्या कहा जिससे लेकर बहस छिड़ गई है।

दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल और टेक कंपनियों में लगातार हो रही छंटनी के बीच नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। इसी माहौल में एक IIT ग्रेजुएट की सोशल मीडिया पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींच लिया है। अमेरिकी बिग टेक कंपनी से नौकरी जाने के बाद इस इंजीनियर का दर्द सोशल मीडिया पर छलका है। इंजीनियर ने सवाल उठाया कि क्या भारत में मेडिकल क्षेत्र ही ऐसा पेशा है जो वास्तव में सुरक्षित और AI के असर से काफी हद तक बचा हुआ है। इंजीनियर के मुताबिक डॉक्टरों को नौकरी जाने का डर नहीं बना रहता है। आज के दौर में सबसे बेहतर पेशे के बारे में इंजीनियर ने क्या कहा? आइए जानते हैं।
नौकरी जाने के बाद इंजीनियर ने साझा किया अपना अनुभव
रेडिट पर लिखी गई पोस्ट में इंजीनियर ने बताया कि हाल ही में उसे एक अमेरिकी टेक कंपनी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह पिछले दो महीनों से लगातार नई नौकरी की तलाश कर रहा है लेकिन उसे उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल रही। उसने लिखा कि वह एक टियर-1 संस्थान से पढ़ा हुआ है और कई जगह रेफरल मिलने के बावजूद इंटरव्यू प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ पा रहा। इसके बाद ही उनसे इंजीनियरिंग और मेडिकल करियर के बीच तुलना सोशल मीडिया पर कर दी।
MBBS को बताया सबसे सुरक्षित और स्थिर पेशा
पोस्ट में इंजीनियर ने कहा कि उसे हमेशा लगता है कि MBBS भारत का सबसे सुरक्षित और स्थिर करियर है। उसके मुताबिक डॉक्टरों को नौकरी जाने का डर नहीं रहता और समाज में उन्हें काफी सम्मान भी मिलता है। उसने दावा किया कि डॉक्टर पूरी तरह बेरोजगार नहीं रहते। चाहे शुरुआत में कम कमाई हो, लेकिन अनुभव बढ़ने के साथ वे अच्छी कमाई कर सकते हैं। इंजीनियर ने यह भी कहा कि उसने अपने आसपास कई ऐसे डॉक्टर देखे हैं जो लग्जरी कारों के मालिक हैं और आर्थिक रूप से काफी सफल हैं।
इंजीनियरिंग क्षेत्र को लेकर जताई चिंता
अपनी पोस्ट में उसने इंजीनियरिंग क्षेत्र की चुनौतियों का भी जिक्र किया। उसका कहना था कि भारत में बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को अच्छी नौकरी नहीं मिल पाती। उसके अनुसार केवल कुछ चुनिंदा संस्थानों जैसे IIT, NIT और IIIT से पढ़ने वाले छात्रों को अपेक्षाकृत बेहतर अवसर मिलते हैं। उसने यह भी कहा कि कई इंजीनियर अपने करियर की शुरुआत कम वेतन से करते हैं, जबकि औसत मेडिकल ग्रेजुएट की स्थिति कई मामलों में बेहतर दिखाई देती है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने रखी अलग-अलग राय
हालांकि इंजीनियर की बात से हर कोई सहमत नहीं दिखा। पोस्ट वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने मेडिकल पेशे की वास्तविक चुनौतियों को सामने रखा। एक यूजर ने लिखा कि मेडिकल क्षेत्र भले ही AI से अपेक्षाकृत सुरक्षित हो, लेकिन इसे आसान या सुनहरा करियर समझना गलत होगा। डॉक्टर बनने में कई साल लग जाते हैं और अक्सर उन्हें अच्छी कमाई तक पहुंचने के लिए एक दशक से ज्यादा समय इंतजार करना पड़ता है।
वहीं कई लोगों ने कहा कि डॉक्टरों की जिंदगी बाहर से जितनी आसान दिखाई देती है, वास्तव में उतनी नहीं होती। लंबे काम के घंटे, लगातार तनाव, मरीजों की जिम्मेदारी और पढ़ाई में लगने वाला समय इस पेशे को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाता है। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जो डॉक्टर आज महंगी कारों में घूमते दिखाई देते हैं, उनके पीछे वर्षों की मेहनत, पढ़ाई और मानसिक दबाव छिपा होता है। सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टर बनने के लिए लंबा प्रशिक्षण और लगातार संघर्ष करना पड़ता है।




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