IIT Delhi CSE Admission: आईआईटी दिल्ली से करना है कंप्यूटर साइंस? जान लीजिए कितनी रैंक पर मिलेगा एडमिशन?
IIT Delhi BTech CSE Cutoff: यदि आपका सपना भी आईआईटी दिल्ली के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट में जाने का है, तो आपके लिए विभिन्न कैटेगरी के अनुसार ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक (Cutoff Rank) को समझना बेहद जरूरी है।

IIT Delhi CSE Cutoff: हर साल की तरह इस बार भी इंजीनियरिंग के छात्रों के बीच आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) का बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) कोर्स सबसे पहली पसंद बना हुआ है। जोसा (JoSAA) काउंसलिंग के पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक, आईआईटी दिल्ली में कंप्यूटर साइंस की सीटें देश के टॉप रैंकर्स के बीच ही सिमट जाती हैं।
यदि आपका सपना भी आईआईटी दिल्ली के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट में जाने का है, तो आपके लिए विभिन्न कैटेगरी के अनुसार ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक (Cutoff Rank) को समझना बेहद जरूरी है, ताकि आप काउंसलिंग के समय सही फैसला ले सकें।
आईआईटी दिल्ली कंप्यूटर साइंस: क्यों है इतना क्रेज?
आईआईटी दिल्ली का कंप्यूटर साइंस विभाग अपनी बेहतरीन फैकल्टी, वर्ल्ड-क्लास रिसर्च और रिकॉर्ड-तोड़ प्लेसमेंट के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां से पास आउट होने वाले छात्रों को देश-विदेश की दिग्गज टेक कंपनियों (जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल) से करोड़ों रुपये के पैकेज मिलते हैं। यही वजह है कि जेईई एडवांस्ड के टॉप 100 रैंकर्स में से ज्यादातर छात्र आईआईटी दिल्ली या आईआईटी बॉम्बे के सीएसई (CSE) कोर्स को ही चुनते हैं।
कैटेगरी-वाइज संभावित कट-ऑफ रैंक
जोसा काउंसलिंग के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि विभिन्न श्रेणियों के लिए ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक में काफी अंतर होता है:
सामान्य वर्ग ( Gender Neutral): सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धा सबसे कठिन होती है। इस कोर्स के लिए ओपनिंग रैंक आम तौर पर टॉप 20 से शुरू होती है और क्लोजिंग रैंक 110 से 115 के बीच आकर बंद हो जाती है। यानी अगर आपकी रैंक 100 से बाहर है, तो जनरल कैटेगरी में यहां सीट मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
सामान्य वर्ग (महिला कोटा): छात्राओं को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाती हैं। इनके लिए क्लोजिंग रैंक थोड़ी राहत देती है और यह 400 से 450 रैंक तक जा सकती है।
ईडब्ल्यूएस वर्ग : आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कैटेगरी रैंक के तहत ओपनिंग रैंक 5 से 10 और क्लोजिंग रैंक 20 से 25 के आसपास रहती है।
ओबीसी-एनसीएल वर्ग : अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी तगड़ा मुकाबला होता है। ओबीसी श्रेणी की रैंक के अनुसार, ओपनिंग रैंक 25-30 से शुरू होकर क्लोजिंग रैंक 90 से 105 के बीच वैरी करती है।
अनुसूचित जाति : एससी वर्ग के तहत आईआईटी दिल्ली में सीएसई की सीटें कैटेगरी रैंक 15 से 20 पर खुलती हैं और क्लोजिंग रैंक 50 से 60 के आसपास तक जाती है।
अनुसूचित जनजाति: एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए ओपनिंग रैंक 5 से 10 के बीच और क्लोजिंग रैंक 25 से 35 के आसपास समाप्त हो जाती है।
जोसा (JoSAA) काउंसलिंग का महत्व
जेईई एडवांस्ड का रिजल्ट जारी होने के बाद जोसा (JoSAA) द्वारा कुल 6 राउंड की काउंसलिंग आयोजित की जाती है। छात्रों को उनकी रैंक के आधार पर चॉइस फिलिंग करनी होती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्रों को पिछले 2-3 सालों के ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक का बारीकी से चेक करना चाहिए ताकि वे अपनी रैंक के मुताबिक सही कॉलेज और ब्रांच को प्राथमिकता दे सकें।




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