IIM मुंबई में रिकॉर्ड प्लेसमेंट, छात्रों को मिली शानदार नौकरी; मालामाल कर देंगे पैकेज
आईआईएम मुंबई के 2024-26 बैच का फाइनल प्लेसमेंट पूरा, 71.4 लाख का उच्चतम पैकेज, 200 से ज्यादा कंपनियों की भागीदारी, कंसल्टिंग और वित्त क्षेत्र में जबरदस्त भर्ती।

देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में गिने जाने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई (Indian Institute of Management Mumbai) ने एक बार फिर अपने प्लेसमेंट नतीजों से मजबूत संदेश दिया है कि बदलती अर्थव्यवस्था में कुशल मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। 2024-26 बैच के अंतिम प्लेसमेंट में जहां उच्चतम घरेलू पैकेज 71.4 लाख रुपये सालाना तक पहुंचा, वहीं बड़ी संख्या में छात्रों को नई अर्थव्यवस्था से जुड़ी भूमिकाओं में अवसर मिले। इस बैच में कुल 505 छात्र पास आउट हो रहे थे, जिनमें से तीन छात्रों ने पारंपरिक नौकरी की जगह अपना स्टार्टअप शुरू करने का रास्ता चुना। बाकी छात्रों ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में हिस्सा लिया और लगभग सभी को आकर्षक ऑफर मिले।
टॉप छात्रों को मिले सबसे बड़े पैकेज
संस्थान द्वारा साझा आंकड़ों के अनुसार, टॉप 10 प्रतिशत छात्रों का औसत पैकेज 47.5 लाख रुपये सालाना रहा। टॉप 20 प्रतिशत छात्रों को औसतन 41.4 लाख रुपये का पैकेज मिला। बैच के आधे छात्रों को औसतन 34.5 लाख रुपये सालाना के ऑफर प्राप्त हुए। ये आंकड़े दिखाते हैं कि केवल कुछ छात्रों तक ही बड़े पैकेज सीमित नहीं रहे, बल्कि व्यापक स्तर पर अच्छी सैलरी ऑफर की गई।
200 से ज्यादा कंपनियों ने लिया हिस्सा
इस वर्ष प्लेसमेंट प्रक्रिया करीब एक महीने तक चली, जिसमें 200 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। कुल 502 जॉब ऑफर संस्थान के तीन प्रमुख कार्यक्रमों के छात्रों को दिए गए, जिनमें एमबीए, ऑपरेशंस और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में एमबीए, तथा सस्टेनेबिलिटी मैनेजमेंट शामिल हैं। भर्ती कई अलग अलग क्षेत्रों में हुई जैसे बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, कंसल्टिंग, तेजी से बिकने वाले उपभोक्ता उत्पाद, सूचना प्रौद्योगिकी, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन, फार्मा और हेल्थकेयर, प्रोडक्ट मैनेजमेंट सेल्स और मार्केटिंग।
कंसल्टिंग बना सबसे बड़ा रोजगार क्षेत्र
इस वर्ष कंसल्टिंग सेक्टर सबसे बड़ा भर्ती क्षेत्र बनकर सामने आया, जहां कुल 123 ऑफर दिए गए। कंपनियों ने खास तौर पर ऐसे छात्रों को चुना जिनके पास डेटा विश्लेषण, ऑपरेशनल रणनीति और डिजिटल बदलाव को समझने की क्षमता थी।
वित्त क्षेत्र में सबसे तेज वृद्धि
बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा क्षेत्र में भर्ती पिछले वर्ष की तुलना में 33 प्रतिशत बढ़ी। यह इस सीजन की सबसे तेज वृद्धि मानी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली के कारण इस क्षेत्र में मैनेजमेंट प्रतिभा की मांग तेजी से बढ़ रही है। एफएमसीजी सेक्टर में भी 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन से जुड़ी भूमिकाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। यह संकेत है कि भारत में विनिर्माण और वितरण नेटवर्क का विस्तार नए अवसर पैदा कर रहा है।
पहली बार कैंपस पहुंचीं कई नई कंपनियां
इस वर्ष कई कंपनियों ने पहली बार संस्थान के कैंपस से भर्ती की। इनमें निवेश, विनिर्माण, डिजिटल प्लेटफॉर्म, हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी से जुड़ी संस्थाएं शामिल रहीं। नई कंपनियों की एंट्री यह दिखाती है कि संस्थान का उद्योग जगत में भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
बड़ी कंपनियों ने भी जताया भरोसा
कई वैश्विक और भारतीय दिग्गज कंपनियों ने भी छात्रों को ऑफर दिए। इनमें AB InBev, Goldman Sachs, PepsiCo और Swiggy जैसी कंपनियां शामिल रहीं, जिन्होंने अलग अलग भूमिकाओं के लिए छात्रों का चयन किया। वहीं लंबे समय से कैंपस से भर्ती करती आ रही कंपनियों जैसे Accenture, Amazon, Hindustan Unilever और Reliance Industries ने भी इस वर्ष सक्रिय भागीदारी निभाई।
एआई और एनालिटिक्स आधारित भूमिकाओं की मांग बढ़ी
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर मनोज कुमार तिवारी के अनुसार, उद्योग जगत अब पारंपरिक मैनेजर नहीं, बल्कि ऐसे प्रोफेशनल चाहता है जो डिजिटल बदलाव का नेतृत्व कर सके। खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी आधारित निर्णय प्रणाली से जुड़ी भूमिकाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि कंपनियां अब ऐसे मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स चाहती हैं जो केवल ऑपरेशन संभालने तक सीमित न रहें, बल्कि बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन को आगे बढ़ाएं।
बदलती अर्थव्यवस्था का संकेत
इस साल के प्लेसमेंट रुझान साफ बताते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से टेक्नोलॉजी, वित्त और सप्लाई चेन दक्षता पर आधारित हो रही है। कंपनियां अब बहु-कौशल वाले प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दे रही हैं जो रणनीति, डेटा और तकनीक को साथ लेकर काम कर सकें।




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