बिहार की इस यूनिवर्सिटी में 70 अनुभव प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी, सहायक प्राध्यापकों पर कार्रवाई तय
बीआरएबीयू में 70 सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी मिली। नियुक्ति रद्द और एफआईआर की तैयारी कर ली गई है। वहीं 20 अप्रैल के बाद स्नातक दाखिला पोर्टल खुलेगा।

बिहार के बीआरए विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 70 सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी पाई है और इसकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय सेवा आयोग को भेज दी है। अब आयोग के निर्देश पर इन मामलों में आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नियुक्ति रद्द करने से लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने तक के कदम शामिल हैं। गौरतलब है कि अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच 14 बिंदुओं पर की गई है।
जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आयी थीं। इसके बाद आयोग से विवि ने मार्गदर्शन मांगा था। मार्गदर्शन के जवाब में आयोग ने विवि को खुद के स्तर से जांच करने का निर्देश दिया था। बीआरएबीयू में आयोग के निर्देश पर वर्ष 2020 से 2025 तक नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच की गई थी। जांच के दौरान कुछ अनुभव प्रमाणपत्र रिसोर्स पर्सन के भी हैं। कुछ ऐसे अनुभव प्रमाणपत्र भी हैं, जिनमें अभ्यर्थी ने कॉलेज में अवैतनिक सेवा दी है। कई अनुभव प्रमाणपत्र बिना स्वीकृत पद वाले हैं। कुछ अभ्यर्थी सिर्फ 500 रुपये लेकर कॉलेज में पढ़ाने वाले मिले हैं। विवि सेवा आयोग से होमसाइंस, अंग्रेजी विषयों में नियुक्त कई सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंग रोकी गई है। इन अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाणपत्रों में जांच के दौरान सभी दस्तावेज सही नहीं पाये गये थे। होमसाइंस में नियुक्त कई सहायक प्राध्यापकों का वेतन भी विवि प्रशासन ने रोक दिया है।
बीआरएबीयू के एक सहायक प्राध्यापक की बर्खास्तगी भी गलत अनुभव प्रमाण पत्र देने में हो चुकी है। विवि प्रशासन की अनुशंसा के बाद गलत अनुभव प्रमाणपत्र देने वाले सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति रद्द हो जाएगी। इनपर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय ने विवि प्रशासन और विवि थाने से दो सहायक प्राध्यापकों की जानकारी भी मांगी थी।
20 अप्रैल के बाद स्नातक में दाखिले के लिए खुलेगा पोर्टल
पीजी में ऑनस्पॉट दाखिला अब सोमवार को भी होगा। कॉलेजों की मांग के बाद डीएसडब्ल्यू ने इसकी तारीख एक दिन बढ़ा दी है। पहले दाखिले की अंतिम तारीख 11 अप्रैल थी। अंतिम दिन भी पीजी विभागों और कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए छात्रों की भीड़ रही। कई छात्र डीएसडब्लयू कार्यालय भी पहुंच गये। ऑनस्पॉट और मेरिट लिस्ट मिलाकर 10 हजार 739 छात्रों ने दाखिला लिया है। छात्रों और कॉलेजों की मांग पर 100 सीटें जूलॉजी, हिन्दी और साइकोलॉजी में बढ़ाई गई थीं। मैथिली, बांग्ला, भोजपुरी, परिसयन जैसे विषयों में कई सीटें खाली रह गईं। ऑनस्पॉट से पहले तीन मेरिट लिस्ट जारी की गई थी। पीजी में इस बार कुल 11 हजार 100 सीटों पर दाखिला लिया गया। 25 हजार छात्रों ने दाखिले के लिए आवेदन किया था।
स्नातक में नामांकन को दो से तीन दिन का मिलेगा समय
बीआरएबीयू में स्नातक का नया सत्र तीन जुलाई से शुरू हो जाएगा। विवि प्रशासन ने अभी से ही इसकी तैयारी शुरू कर दी है। डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि सत्र समय पर शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। 20 अप्रैल के बाद स्नातक में दाखिले के लिए पोर्टल खोल दिया जाएगा। दाखिले के लिए दो से तीन दिन का ही समय दिया जाएगा। सिर्फ मेरिट लिस्ट के आधार पर दाखिला लिया जाएगा। इस बार ऑनस्पॉट एडमिशन नहीं देने पर विचार किया जा रहा है। 160 कॉलेजों में दाखिला लिया जाना है। छात्रों को अपने जिले में ही कॉलेज चुनने का विकल्प दिया जाएगा। छात्र एक साथ 10 कॉलेजों का चुनाव कर सकते हैं। समर्थ पोर्टल के जरिए दाखिला लेने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए फाइल भी भेज दी गई है। स्नातक में अबतक यूएमआईएस से दाखिला लिया जाता है। स्नातक में हर साल 1.50 लाख से 1.60 लाख छात्रों का दाखिला लिया जाता है।
सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे कॉलेजों में छात्र
स्नातक के नये सत्र में कॉलेजों में छात्र सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे। यूजीसी ने सभी विवि के कुलपतियों को निर्देश दिया कि सावर्जजनिक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल करा दें। कॉलेज और विवि शिकायत निवारण सेल को भी सक्रिय करें। जो भी शिकायत आए उसपर तुरंत कार्रवाई करें। यूजीसी ने इससे पहले भी शिकायत निवारण सेल को सक्रिय रखने का निर्देश दिया था। सीसीटीवी लगाने और सेल सक्रिय करने की रिपोर्ट भी आयोग ने मांगी है।




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