DU : दिल्ली विश्वविद्यालय में चलेगा 1 साल का पीजी कोर्स, पूरा होने जा रहा 4 वर्षीय यूजी कोर्स का चौथा साल
डीयू एसी बैठक में डीयू के कई विभागों के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी दे दी है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में डीएम (पेडियाट्रिक्स नेफ्रोलोजी) कोर्स शुरू करने को भी एसी मीटिंग में स्वीकृति प्रदान की गई।

दिल्ली विश्वविद्यालय अकादमिक परिषद (एसी) की बैठक में डीयू के कई विभागों के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। गौरतलब है कि एनईपी 2020 के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय में चार वर्षीय स्नातक का चौथा वर्ष पूर्ण होने जा रहा है। इसलिए आगामी शैक्षणिक स्तर से एक वर्षीय पीजी कोर्स शुरू होने जा रहे हैं। अकादमिक परिषद की इस बैठक के दौरान विभिन्न संकायों के अंतर्गत, 'स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ढांचा 2024' (पीजीसीएफ) पर आधारित पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सामाजिक विज्ञान संकाय व भाषाओं जैसे कुछ विभागों के विषयों में स्कोप्स जर्नल्स की अनुपलब्धता के कारण पेपर प्रकाशित होने में कठिनाई के मुद्दे पर विचार विमर्श के बाद कुलपति ने सभी विभागों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के 20-20 बेस्ट जर्नल्स की लिस्ट बनाएं और 30 दिन के अंदर भेजें।
उसके आधार पर ही नंबर देकर जर्नल्स की वरीयता सूची तैयार करें। अकादमिक परिषद की अकादमिक मामलों पर स्थायी समिति की सिफारिशों पर विचार के बाद कला संकाय के फिलोसफी विभाग में दो वर्षीय और एक एमए के विभिन्न सेमेस्टरों के पाठ्यक्रमों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार पंजाबी, हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत आदि अनेकों पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मेडिकल और एजुकेशन में नए कोर्स को भी हरी झंडी
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में डीएम (पेडियाट्रिक्स नेफ्रोलोजी) कोर्स शुरू करने को भी एसी मीटिंग में स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत प्रति वर्ष दो सीटों पर प्रवेश होगा। ‘रिसर्च काउंसिल’ का नाम बदलकर ‘रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल’ करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।




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