CUET PG : DU में 2 वर्षीय पीजी कोर्स में पहले मिलेगा दाखिला, क्या होगी योग्यता, सीटें कैसे होंगी तय
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में सीयूईटी पीजी के परिणाम घोषित होने के बाद स्नातकोत्तर (पीजी) में दाखिले की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार दो वर्षीय और एक वर्षीय, दोनों प्रकार के पीजी कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में सीयूईटी पीजी के परिणाम घोषित होने के बाद स्नातकोत्तर (पीजी) में दाखिले की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार दो वर्षीय और एक वर्षीय, दोनों प्रकार के पीजी कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। पहले दो वर्षीय कोर्स में दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन लिए जाएंगे।
विश्वविद्यालय की ओर से इसके लिए दाखिला नियमावली में भी आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। यह नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप की है, जिसमें चार वर्षीय स्नातक के बाद सीधे एक वर्षीय पीजी का प्रावधान किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छात्रों को दाखिले के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए नियमावली में भी बदलाव किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बहुत संभावना है कि इसी सप्ताह पीजी के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाए नहीं तो इसे सोमवार को शुरू किया जा सकता है।
एक वर्षीय एमए पाठ्यक्रम के लिए विषयों की संख्या के हिसाब से अतिरिक्त सीटें होंगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों को लेकर सीट निर्धारण और पात्रता से जुड़े अहम नियम तय किए गए हैं।
पात्रता की शर्तें
एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम केवल उन्हीं छात्रों को दिया जाएगा, जिन्होंने चार वर्षीय स्नातक (यूजी) कार्यक्रम उसी विषय में विस्तृत अध्ययन (मेजर) के साथ पूरा किया हो, जिसमें वे पीजी में प्रवेश लेना चाहते हैं।
ऐसा होगा सीटों का निर्धारण
● सीटों के निर्धारण के लिए विभागों को उनकी कुल स्वीकृत सीटों के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है, जिन विभागों में 100 से कम सीटें हैं, वहां विज्ञान (प्रयोगशाला आधारित पाठ्यक्रम) में 20 प्रतिशत और मानविकी, सामाजिक विज्ञान व कला में 40 प्रतिशत सीटें एक वर्षीय पीजी के लिए
● 101 से 200 सीटों वाले विभागों में कुल सीटों का 25 प्रतिशत या अधिकतम 35 सीटें (जो कम हो) तय की गई हैं
● 201 से 300 सीटों वाले विभागों में 20 प्रतिशत या अधिकतम 40 सीटें (जो कम हो) लागू होंगी
● जिन विभागों में 301 या उससे अधिक सीटें हैं, वहां सभी के लिए अधिकतम 45 सीटों की सीमा तय की गई है




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