CBSE: सीबीएसई पोर्टल पर 43,980 छात्रों ने किया री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन, फीस के लिए 4 नए बैंक जोड़े
CBSE re-evaluation 2026: सीबीएसई बोर्ड के री-इवैल्युएशन पोर्टल पर अभी तक 43,980 आवेदनों को सफलतापूर्वक स्वीकार कर चुका है। बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए चार नए पेमेंट गेटवे जोड़ दिए हैं।

CBSE re-evaluation 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर चल रहे विवादों के बीच, बोर्ड द्वारा जारी किए गए नए वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर इस समय देश भर के छात्रों का जबरदस्त रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है। अपने करियर के एक-एक नंबर के लिए सजग छात्र बिना समय गंवाए भारी संख्या में ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। आज दोपहर 12 बजे तक के ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बोर्ड का यह नया पोर्टल कुल 43,980 आवेदनों को सफलतापूर्वक स्वीकार कर चुका है।
43 हजार आवेदनों का पूरा ब्रेकअप: कहां कितने फॉर्म?
दोपहर 12 बजे तक पोर्टल पर आए कुल 43,980 आवेदनों को दो मुख्य भागों में बांटा गया है। कुल 4,924 छात्रों ने केवल मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई किया है। इस प्रक्रिया में छात्र यह जांच करवा रहे हैं कि उनकी आंसर शीट में नंबर जोड़ने टोटलिंग में कोई भूल तो नहीं हुई है। सबसे बड़ी संख्या पुनर्मूल्यांकन चाहने वाले छात्रों की है, जहां 39,056 आवेदनों के साथ छात्र सीधे अपने लिखे हुए जवाबों की दोबारा गहन जांच की मांग कर रहे हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि छात्रों को अपने प्रदर्शन पर कितना अटूट भरोसा है।
4 नए बैंक गेटवे को फीस जमा करने कि लिए जोड़ा
सीबीएसई ने छात्रों की सुविधा के लिए अब फीस भुगतान व्यवस्था को बेहद आसान बना दिया है। इसके तहत पोर्टल पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और इंडियन बैंक के चार नए पेमेंट गेटवे जोड़ दिए गए हैं।
बोर्ड ने साफ किया है कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए छात्रों का इन बैंकों में खाता होना बिल्कुल जरूरी नहीं है। छात्र किसी भी बैंक के खाते, यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए आसानी से फीस चुका सकते हैं। इस कदम से ट्रांजैक्शन फेल होने की दिक्कतें खत्म होंगी।
नोट कर लें आवेदन की आखिरी तारीख
सीबीएसई ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए बहुत ही सीमित समय दिया है। छात्रों के पास इस ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन करने और निर्धारित शुल्क जमा करने के लिए 6 जून 2026 तक का ही समय उपलब्ध है। इस तय समय-सीमा के बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा और किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन या देरी से आए आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फीस कम होने का असर
इस साल इस भारी डिजिटल भीड़ के पीछे एक और बड़ा कारण है। बोर्ड ने हालिया विवादों को देखते हुए छात्रों के हित में इस बार रीचेकिंग की फीस को काफी कम कर दिया है। जहां पहले प्रति कॉपी सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब सिर्फ ₹100 प्रति आंसर बुक के वेरिफिकेशन शुल्क और महज ₹25 प्रति प्रश्न की री-इवैल्यूएशन फीस के साथ छात्र अपनी आपत्ति दर्ज करा पा रहे हैं। फीस घटने की वजह से छात्र बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने अधिकारों के लिए आगे आ रहे हैं।




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