CBSE को नया बॉस मिला, कौन हैं लोखंडे प्रशांत सीताराम, जिन्हें सौंपी गई CBSE की कमान
CBSE: केंद्र सरकार ने मंगलवार रात बोर्ड के प्रशासनिक संकट को दूर करने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया है।

CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के डिजिटल कॉपियों के मूल्यांकन यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और री-इवैल्यूएशन पोर्टल की गड़बड़ियों को लेकर मचे देशव्यापी हंगामे के बीच एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। केंद्र सरकार ने मंगलवार रात बोर्ड के प्रशासनिक संकट को दूर करने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया है। इसके साथ ही हिमांशु गुप्ता को सचिव बनाया गया है।
कौन हैं नए सीबीएसई चीफ लोखंडे प्रशांत सीताराम?
आईएएस बैच और कैडर: लोखंडे प्रशांत सीताराम 2001 बैच के केंद्र शासित प्रदेश (AGMUT) कैडर के एक बेहद कड़क और सम्मानित भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं।
इंजीनियरिंग बैकग्राउंड: प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. (B.E.) की डिग्री हासिल की और इसके बाद प्रसिद्ध संस्थान एनआईटीआईई (NITIE) मुंबई से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया।
पिछला अनुभव: सीबीएसई कमान संभालने से ठीक पहले वे देश के गृह मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। उनकी बेहतरीन और ईमानदार विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें दो बार राज्य स्वर्ण पदक से भी नवाजा जा चुका है।
शीर्ष अधिकारियों के हटाए जाने के कुछ ही घंटों बाद मिली जिम्मेदारी
बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों और कॉपियों की री-चेकिंग में आई तकनीकी खामियों को लेकर छात्रों, अभिभावकों और संसद की स्थायी समिति के कड़े रुख के बाद सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई थी। इसी कार्रवाई के तहत मंगलवार को ही कुछ घंटों पहले तत्कालीन सीबीएसई चेयरमैन राहुल सिंह और बोर्ड के सचिव हिमांशु गुप्ता का एक साथ तत्काल प्रभाव से बोर्ड से तबादला कर दिया गया था। बोर्ड के दोनों शीर्ष पदों के खाली होते ही सरकार ने बिना समय गंवाए प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के लिए लोखंडे प्रशांत सीताराम के नाम पर मुहर लगा दी।
नए चेयरमैन के सामने चुनौतियों का पहाड़
1.25 करोड़ से अधिक छात्रों की कॉपियों की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) में धांधली के आरोपों और री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर हुए भारी साइबर हमलों के बीच नए चेयरमैन का पद संभालना बहुत ही मुशकिल भरा होगा । वर्तमान में कॉलेज एडमिशन और जोसा (JoSAA) काउंसलिंग के लिए छात्र अपनी संशोधित मार्कशीट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे समय में नए चेयरमैन लोखंडे प्रशांत सीताराम के सामने सबसे पहली और बड़ी चुनौती चल रहे मूल्यांकन और री-चेकिंग के पूरे डिजिटल सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और एरर-फ्री बनाना होगा ताकि किसी भी होनहार छात्र का साल खराब न हो।




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