Who is S. Radha Chauhan, Central Government appointed for investigation of cbse osm portal probe कौन हैं एस. राधा चौहान? CBSE के OSM सिस्टम की करेंगी जांच, सीधे PM मोदी को करेंगी रिपोर्ट, Career Hindi News - Hindustan
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कौन हैं एस. राधा चौहान? CBSE के OSM सिस्टम की करेंगी जांच, सीधे PM मोदी को करेंगी रिपोर्ट

CBSE: केंद्र सरकार ने CBSE के कॉपियों के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) और टेंडर प्रक्रिया की वित्तीय अनियमितताओं की जांच का जिम्मेदारी एस. राधा चौहान को सौंपी है। आखिर कौन हैं एस. राधा चौहान?

Wed, 3 June 2026 02:50 PMPrachi लाइव हिन्दुस्तान
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कौन हैं एस. राधा चौहान? CBSE के OSM सिस्टम की करेंगी जांच, सीधे PM मोदी को करेंगी रिपोर्ट

Who is S. Radha Chauhan: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के कॉपियों के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) और टेंडर मामले ने इस समय पूरे देश के शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। जब 17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति के सामने इस डिजिटल मूल्यांकन के टेंडर में खामियों के सबूत रखे, तो केंद्र सरकार ने बिना देर किए सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटा दिया है।

इस पूरे मामले की जड़ तक पहुंचने और टेंडर प्रक्रिया की वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सरकार ने देश की सबसे कड़क और अनुभवी पूर्व महिला IAS पर भरोसा जताया है। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी कमान एस. राधा चौहान को सौंपी गई है।

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कौन हैं एस. राधा चौहान?

एस. राधा चौहान उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी रही हैं। उनके पास देश की लोक नीति और संस्थागत सुधारों का 36 से अधिक वर्षों का लंबा प्रशासनिक अनुभव है। वे केंद्र सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभाग, यानी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके साथ ही, वे वर्तमान में क्षमता निर्माण आयोग (CBC) की चेयरपर्सन हैं, जिसका मुख्य काम देश के सिविल सर्वेंट्स के काम को पारदर्शी बनाना है। केंद्र सरकार का यह महत्वपूर्ण मंत्रालय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अधीन आता है। इसका मतलब यह हुआ कि इस पूरे सीबीएसई OSM की जांच रिपोर्ट सीधे पीएम नरेंद्र मोदी को सौंपी जाएगी। वे बॉटनी और कानून की ग्रेजुएट हैं, जिसके कारण वे तकनीकी और कानूनी दोनों पहलुओं को गहराई से समझती हैं।

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सरकार ने राधा चौहान को ही क्यों चुना?

सीबीएसई का यह OSM विवाद केवल कॉपियों के गलत मूल्यांकन का नहीं है, बल्कि यह 'कोएम्प्ट एडुटेक' कंपनी को दिए गए सरकारी टेंडर के नियमों में बार-बार किए गए बदलावों से जुड़ा कानूनी और वित्तीय मामला है। क्योंकि, राधा चौहान खुद DoPT की पूर्व सचिव रह चुकी हैं और वर्तमान में सीबीसी (CBC) की प्रमुख हैं, इसलिए वे 'जनरल फाइनेंशियल रूल्स' (GFR) और सरकारी खरीद की बारीक से बारीक कमियों को पकड़ने में माहिर हैं। सरकार को एक ऐसे निष्पक्ष चेहरे की जरूरत थी, जिसपर विपक्ष या छात्र उंगली न उठा सकें और जो बिना किसी दबाव के सीधे कैबिनेट सचिवालय को अपनी रिपोर्ट सौंप सके।

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जांच समिति के पास क्या अधिकार हैं और समय-सीमा क्या है?

कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, एस. राधा चौहान की इस समिति को को यह छूट दी गई है कि वे इस टेंडर घोटाले की जांच के लिए देश के किसी भी अन्य सरकारी विभाग, साइबर फॉरेंसिक एक्सपर्ट या वित्तीय ऑडिटर्स की मदद सीधे ले सकती हैं। समिति को अपनी जांच पूरी करके एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सीधे कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपनी होगी। इस दौरान क्षमता निर्माण आयोग (CBC) ही इस समिति को पूरा सेक्रेटेरियल और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराएगा।

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